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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई जिले की तीनों अनाज मंडियों में शुरू हुई सरसों की खरीद

Fri, 29 Mar 2019 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2019 12:15 AM IST
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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई जिले की तीनों अनाज मंडियों में शुरू हुई सरसों की खरीद

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रेवाड़ी। जिले की अनाज मंडियों में वीरवार को अव्यवस्थाओं के बीच दोपहर 12 बजे बाद सरसों की खरीद शुरू हुई। नियमों का हवाला देकर दर्जनों किसानों को बिना सरसों बेचे ही वापस लौटा दिया गया। बावल रोड स्थित अनाज मंडी में सुबह करीब छह बजे किसानों ने मंडी में पहुंचना शुरू कर दिया था। करीब साढे़ नौ बजे कर्मचारियों ने कार्य शुरू कर दिया, लेकिन अधिकांश किसानों को यह कहकर लौटा दिया गया कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज नहीं है। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है, लेकिन अधिकांश किसानों के टोकन पर पेंडिंग यानी खरीद के लिये वेरीफिकेशन होना बाकी लिखा हुआ है। सरसों खरीद के पहले दिन जिले में ---क्विंटल सरसों खरीदी गई। उधर, कोसली व बावल में भी दोपहर बाद से ही सरसों की खरीद शुरू हुई।
उल्लेखनीय है कि जिले में रेवाड़ी, बावल व कोसली की अनाज मंडियों में वीरवार को एक साथ सरसों की खरीद शुरू हो गई, लेकिन दोपहर 12 बजे तक किसानों को इधर, उधर भटकना पड़ा। मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने जिन किसानों के टोकन पर पेंडिंग लिखा हुआ था। उन्हें गेट पास नहीं दिया, जिससेे उनकी सरसों की खरीद नहीं की जा सकी। सरसों बेचने के लिए किसानों सुबह करीब छह बजे से ही अनाज मंडी में पहुंच गए थे, लेकिन दस्तावेजों में कमी का हवाला देकर किसानों को इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
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आठ फीसदी से अधिक नमी वाली सरसों की नहीं होगी खरीद
सरकार की तरफ से सरसों खरीद के लिए आवश्यक नियम भी निर्धारित किये हैं। केवल पंजीकृत किसानों से ही सरसों की फसल खरीदी गई। 8 प्रतिशत से ज्यादा नमी वाली सरसों की खरीद नहीं की गई। नमी की शिकायत के आधार पर कई किसानों को वापस लौटा दिया गया।
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काश्तकार की फसल नहीं खरीदी
सरसों की फसल लेकर आने वाले दर्जनों किसान ऐसे थे, जिन्होंने बड़े किसानों से जमीन लेकर सरसों की खेती की थी, लेकिन नियमों के अनुसार जमीन मालिक की फसल की ही खरीद हो सकती है। गांव धामलावास, सुंदरौज, बाढ सुंदरौज व गांगोली गांव के अनेक किसान ऐसे है, जिनको इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
रेवेन्यू रिकॉर्ड में नहीं है नाम दर्ज
मंडी में सरसों बेचने आए किसानों के नाम रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने का हवाला देकर सरसों की खरीद नहीं की गई। किसानों ने बताया कि उन्होंने बडे़ किसानों से जमीन लेकर खेती की है, इसलिए रिकॉर्ड में उनका नाम कैसे संभव है। उधर, अधिकारी रिकॉर्ड के बिना उनकी फसल नहीं खरीद रहे है।
एसडीएम ने किया कोसली मंडी का दौरा
कोसली की अनाज मंडी में दोपहर बाद भी सरसों की खरीद शुरू नहीं होने की वजह से किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद एसडीएम कोसली ने मंडी का दौरा किया। इसके बाद करीब दो बजे हैफेड द्वारा सरसों की खरीद शुरू की गई। यहां किसानों के लिए धूप से बचने के लिए प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे किसान धूप से बचने के लिए छांव की तलाश करते दिखाई दिए।
खेती योग्य जमीन तीन गांवों में है, लेकिन सरकार केवल रेवेन्यू रिकॉर्ड के अनुसार एक गांव की ही फसल खरीद रही है। जबकि सरसों की पैदावार अधिक है।
-संतकुमार, सुंदरौज
ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करा रखा है, लेकिन टोकन पर पेंडिंग लिखा हुआ है। इसलिए सरसों की खरीद नहीं की जा रही है।
-मुन्नी लाल, धमलावास
सुबह छह बजे से ही सरसों के बेचने के लिए मंडी में आया हूं। टोकन भी मिल गया है, लेकिन उस पर पेंडिंग लिखा हुआ होने के कारण अधिकारी उसकी सरसों की खरीद नहीं कर रहे हैं।
-राधाकृष्ण, धामलावास
सुबह से मंडी में अधिकारियों व पटवारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे दस्तावेज अधूरे होने की बात कहकर परेशान किया जा रहा है।
-धर्मबीर, धामलावास
कोसली मंडी में दोपहर करीब दो बजे सरसों की खरीद शुरू की गई है। किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। न धूप से बचने के प्रबंध है न ही पानी की व्यवस्था है। इसके अलावा सरसों बेचने में भी काफी परेशानी हो रही है।
-अनिल कुमार, अहमदपुर
सुबह करीब सात बजे मंडी में सरसों बेचनेे के लिए आया था, लेकिन दोपहर बाद करीब दो बजे सरसों की खरीद शुरू हुई है। इसके अलावा दस्तावेजों का हवाला देकर किसानों को परेेशान किया जा रहा है।

-हंसराज, भैरुपुर
पहला दिन होने के कारण खरीद शुरू होने में देरी हुई, लेकिन इसके अलावा किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी गई। रेवेन्यू रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने के कारण कुछ किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
-नरेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी
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