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Rewari News: ग्रैप-3 की पाबंदी से 40 हजार मजदूरों पर रोजी-रोटी का संकट

Fri, 21 Nov 2025 01:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 21 Nov 2025 01:56 AM IST
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40 thousand laborers face livelihood crisis due to ban on Grape-3
बलवंत सिंह, - फोटो : reasi news
रेवाड़ी। ग्रैप-3 की पाबंदी की वजह से तकरीबन 40 हजार भवन निर्माण श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट छाया है। जिले में 20 हजार से अधिक भवन निर्माण श्रमिक हैं जो हरियाणा के निवासी हैं। प्रवासियों की संख्या भी 20 हजार से अधिक है।
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जिले में फ्लाईओवरों, भवनों, सड़कों का निर्माण और तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य ठप हो चुका है। इसके चलते दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों के सामने कार्य का संकट पैदा हो गया है। वर्तमान में 20 हजार में से करीब 50 फीसदी श्रमिक अपने राज्य लौट चुके हैं। ग्रैप-3 की पाबंदी कब समाप्त होगी, इसे लेकर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। जो मजदूर पंजीकृत नहीं हैं, उनके लिए भत्ता जारी नहीं हो सकता है।
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देश की राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 11 नवंबर को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप-3) लागू किया था। मकसद निर्माण, वाहनों की आवाजाही एवं औद्योगिक संचालन पर कड़े प्रतिबंधों के जरिये उत्सर्जन को नियंत्रित करना है। कुछ दिनों पहले मॉडल टाउन, हुड्डा ग्राउंड, मुख्य बाजार में चल रहा सड़क निर्माण कार्य ग्रैप के कारण बंद हो चुका है।
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एक सप्ताह से एक्यूआई 250 से 300 के बीच दर्ज किया जा रहा है। वहीं श्रमिक राजू, बिरजू और मुकेश आदि ने बताया कि वह भवन निर्माण करते हैं। वर्तमान में ग्रैप की पाबंदी के कारण कार्य रुका है। रोजी-रोटी का काफी संकट है लेकिन क्या करें, परेशान हैं।
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मजदूरों, कारीगरों और निर्माण कर्मियों को निर्वाह भत्ता दिया जाए:
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के कारण ग्रैप-3 लागू होने के बाद निर्माण कार्य बंद होने से प्रभावित मजदूरों, कारीगरों और निर्माण कर्मियों को निर्वाह भत्ता दिया जाए। शीर्ष अदालत ने एनसीआर वाले राज्यों की सरकारों को वायु प्रदूषण कम करने के निवारक उपायों को लागू करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही, इनकी नियमित रूप से समीक्षा करने के लिए कहा है। अदालत ने कहा, वायु प्रदूषण से संबंधित मामलों को मासिक रूप से सूचीबद्ध किया जाना चाहिए। ऐसे में मजूदरों को उम्मीद है कि उन्हें भत्ता मिलेगा।


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प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण में उत्पन्न हो रहीं बाधाएं
भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा के जिला सचिव बलवंत सिंह का कहना है कि हरियाणा निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड के तहत पूरे प्रदेश में लगभग 10 लाख निर्माण मजदूर पंजीकृत हैं जबकि रेवाड़ी जिले में 20 हजार हरियाणा निवासी मजदूर और लगभग 20 हजार प्रवासी मजदूर कार्यरत हैं। इसके बावजूद प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। कई माह से प्रवासी मजदूरों का नया पंजीकरण रुका है। इससे वे कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त बोर्ड का ऑनलाइन सिस्टम भी बाधित है, जिसके कारण कई हजार मजदूरों के पंजीकरण बंधित (ब्लॉक) हो गए हैं और वे नवीनीकरण नहीं करा पा रहे। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 90 दिन की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का ठीकरा मजदूरों पर फोड़ा जा रहा है जबकि इस प्रक्रिया में मजदूरों की कोई गलती नहीं है।
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वर्जन:
प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण तुरंत शुरू किया जाए। ऑनलाइन सिस्टम से पंजीकरण कर मजदूरों को राहत दी जाए।-बलवंत सिंह, जिला सचिव, भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा



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पर्यावरण को लेकर ग्रैप-3 की पाबंदी लगी हुई है लेकिन मजदूरों पर भी ध्यान देना जरूरी है। मजदूरों के लिए व्यवस्था होनी चाहिए ताकि वह परेशान ना हों।-कामरेड राजेंद्र सिंह, राज्य अध्यक्ष, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर


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बलवंत सिंह,

बलवंत सिंह,- फोटो : reasi news

बलवंत सिंह,

बलवंत सिंह,- फोटो : reasi news

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