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धरना प्रदर्शन
Updated Fri, 18 May 2018 01:12 AM IST
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ट्रांसफार्मर नहीं लगने पर ग्रामीणों ने सब स्टेशन पर तीन घंटे तक किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
खोल। डहीना सब स्टेशन के लुहाना फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को एक साल से सिंगल फेस ट्रांसफार्मर नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने बुडौली सब स्टेशन पर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। लुहाना व जैनाबाद के ग्रामीणों का गुस्सा देखकर निगम के कर्मचारी भी दफ्तर छोड़कर बाहर चले गए। तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद आखिरकार कोसली के कार्यकारी अभियंता ने चार दिन में ट्रांसफार्मर लगवाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। हंगामा करने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक थी।
अड़ेगांव डहीना स्थित सब स्टेशन से जैनाबाद तथा लुहाना गांव का संयुक्त फीडर है जिस पर काफी संख्या में कृषि कनेक्शन है। लुहाना एमपी फीडर से खेतों में रहने वाले काफी संख्या में परिवारों ने सिंगल फेस ट्रांसफार्मर के लिए निगम की द्वारा तय शुल्क जमा कराया हुआ है। इसके तहत यहां कुओं पर सिंगल फेस ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद अधिक समय तक सप्लाई मिल सकती है। ग्रामीणों द्वारा पैसा जमा कराने के बाद भी निगम की तरफ से ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा रहा है। ट्रांसफार्मर का यह कार्य लगभग एक साल से लटका हुआ है जिसकी वजह जैनाबाद, ढाणी व लुहाना के कुओं पर रहने वाले किसानों को महज पांच घंटे ही बिजली मिल रही है। इसके चलते ग्रामीणों ने एक सप्ताह पहले भी ग्रामीणों ने निगम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान किए जाने की मांग की थी। इसके बाद भी जब कोई समाधान नहीं हुआ है ग्रामीणों वीरवार बुडौली पावर हाउस पर पहुंच गए। यहां पर ग्रामीणों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मनमर्जी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि लुहाना एपी पर जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर लगवाए जाए। ग्रामीणों के गुस्सा देखकर निगम के कर्मचारी भी वहां से निकल गए। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा और भी भड़क गया तथा वे बिजली निगम कार्यालय में ही धरना पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें ट्रांसफार्मर नहीं मिलेगा अथवा कोई बड़ा अधिकारी नहीं आता तब तक वे धरने पर बैठी रहेंगी। लगभग तीन घंटे तक चले धरने के बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने एक्सईएन व एसडीओ से ग्रामीणों की बात कराई। अधिकारियों ने चार दिन में समस्या का समाधान करने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। प्रदर्शन करने वालों में राजेश देवी, शर्मिला देवी, ममता, परमेश्वरी देवी, सुमित्रा देवी, जोनी, सुनील कुमारी, रीणा, राजेश देवी, सरोज, नीलम, ओमवती, संजू, सुरेन्द्र सिंह, विनय कुमार व सुरेन्द्र आदि शामिल थे।
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एक साल से सीएम विंडो में लंबित शिकायत
किसान सुरेंद्र ने इस समस्या को लेकर एक साल पहले सीएम विंडो में शिकायत दी थी। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी ई शिकायत पर कोई समाधान नहीं हुआ। सुरेंद्र ने बताया कि उन्होंने घरेलू कनेक्शन लिया हुआ है।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
कृषि फीडर होने की वजह से पूरे दिन में मुश्किल से चार से पांच घंटे ही बिजली आती है। इसके अलावा रात को तो बिजली आती ही नहीं। गर्मी के मौसम में बिना बिजली के नींद हराम हो गई है। मच्छरों के प्रकोप के चलते बच्चे भी सो नहीं पा रहे है। इनवर्टर कुछ समय बाद ही ठप हो जाते हैं।
-सरला देवी
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बिना बिजली के घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। बच्चे बिजली नहीं होने पर घरों के बाहर पेड़ों की छांव में पढ़ते और खेलते हैं। लेकिन अब तो गर्मी के मौसम में बाहर भी बैठना मुश्किल हो गया है। गर्मी के मौसम के देखते हुए जल्द से जल्द समस्या का हल होना चाहिए।
- मालती देवी
अगर प्रशासन ने जल्द ही समस्या का हल नहीं निकला तो चार दिन बाद बड़ा कदम उठाएंगी और इसकी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। क्योंकि काम-धंधा छोड़ कर बार-बार यहां आते हैं, लेकिन अधिकारी सुनवाई नहीं करते। झूठे आश्वासन देकर टरका देते हैं।
- सुमित्रा देवी
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रात को ढाणी में अंधेरा छाया रहता है। बच्चे सो व पढ़ नहीं पाते हैं। गर्मी के चलते बिना बिजली के जीना दूभर हो गया है। जैसे-तैसे कर दिन गुजार रही है। बिजली निगम की लापरवाही की वजह से एक साल से सुचारु रूप से बिजली नहीं आ रही है।
-पूनम देवी।
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अमर उजाला ब्यूरो
खोल। डहीना सब स्टेशन के लुहाना फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को एक साल से सिंगल फेस ट्रांसफार्मर नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने बुडौली सब स्टेशन पर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। लुहाना व जैनाबाद के ग्रामीणों का गुस्सा देखकर निगम के कर्मचारी भी दफ्तर छोड़कर बाहर चले गए। तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद आखिरकार कोसली के कार्यकारी अभियंता ने चार दिन में ट्रांसफार्मर लगवाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। हंगामा करने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक थी।
अड़ेगांव डहीना स्थित सब स्टेशन से जैनाबाद तथा लुहाना गांव का संयुक्त फीडर है जिस पर काफी संख्या में कृषि कनेक्शन है। लुहाना एमपी फीडर से खेतों में रहने वाले काफी संख्या में परिवारों ने सिंगल फेस ट्रांसफार्मर के लिए निगम की द्वारा तय शुल्क जमा कराया हुआ है। इसके तहत यहां कुओं पर सिंगल फेस ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद अधिक समय तक सप्लाई मिल सकती है। ग्रामीणों द्वारा पैसा जमा कराने के बाद भी निगम की तरफ से ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा रहा है। ट्रांसफार्मर का यह कार्य लगभग एक साल से लटका हुआ है जिसकी वजह जैनाबाद, ढाणी व लुहाना के कुओं पर रहने वाले किसानों को महज पांच घंटे ही बिजली मिल रही है। इसके चलते ग्रामीणों ने एक सप्ताह पहले भी ग्रामीणों ने निगम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान किए जाने की मांग की थी। इसके बाद भी जब कोई समाधान नहीं हुआ है ग्रामीणों वीरवार बुडौली पावर हाउस पर पहुंच गए। यहां पर ग्रामीणों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मनमर्जी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि लुहाना एपी पर जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर लगवाए जाए। ग्रामीणों के गुस्सा देखकर निगम के कर्मचारी भी वहां से निकल गए। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा और भी भड़क गया तथा वे बिजली निगम कार्यालय में ही धरना पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें ट्रांसफार्मर नहीं मिलेगा अथवा कोई बड़ा अधिकारी नहीं आता तब तक वे धरने पर बैठी रहेंगी। लगभग तीन घंटे तक चले धरने के बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने एक्सईएन व एसडीओ से ग्रामीणों की बात कराई। अधिकारियों ने चार दिन में समस्या का समाधान करने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। प्रदर्शन करने वालों में राजेश देवी, शर्मिला देवी, ममता, परमेश्वरी देवी, सुमित्रा देवी, जोनी, सुनील कुमारी, रीणा, राजेश देवी, सरोज, नीलम, ओमवती, संजू, सुरेन्द्र सिंह, विनय कुमार व सुरेन्द्र आदि शामिल थे।
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एक साल से सीएम विंडो में लंबित शिकायत
किसान सुरेंद्र ने इस समस्या को लेकर एक साल पहले सीएम विंडो में शिकायत दी थी। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी ई शिकायत पर कोई समाधान नहीं हुआ। सुरेंद्र ने बताया कि उन्होंने घरेलू कनेक्शन लिया हुआ है।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
कृषि फीडर होने की वजह से पूरे दिन में मुश्किल से चार से पांच घंटे ही बिजली आती है। इसके अलावा रात को तो बिजली आती ही नहीं। गर्मी के मौसम में बिना बिजली के नींद हराम हो गई है। मच्छरों के प्रकोप के चलते बच्चे भी सो नहीं पा रहे है। इनवर्टर कुछ समय बाद ही ठप हो जाते हैं।
-सरला देवी
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बिना बिजली के घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। बच्चे बिजली नहीं होने पर घरों के बाहर पेड़ों की छांव में पढ़ते और खेलते हैं। लेकिन अब तो गर्मी के मौसम में बाहर भी बैठना मुश्किल हो गया है। गर्मी के मौसम के देखते हुए जल्द से जल्द समस्या का हल होना चाहिए।
- मालती देवी
अगर प्रशासन ने जल्द ही समस्या का हल नहीं निकला तो चार दिन बाद बड़ा कदम उठाएंगी और इसकी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। क्योंकि काम-धंधा छोड़ कर बार-बार यहां आते हैं, लेकिन अधिकारी सुनवाई नहीं करते। झूठे आश्वासन देकर टरका देते हैं।
- सुमित्रा देवी
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रात को ढाणी में अंधेरा छाया रहता है। बच्चे सो व पढ़ नहीं पाते हैं। गर्मी के चलते बिना बिजली के जीना दूभर हो गया है। जैसे-तैसे कर दिन गुजार रही है। बिजली निगम की लापरवाही की वजह से एक साल से सुचारु रूप से बिजली नहीं आ रही है।
-पूनम देवी।