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शर्त से परेशान कई किसानों ने समर्थन मूल्य से कम दामों पर व्यापारियों को बेची सरसों

Wed, 21 Mar 2018 12:12 AM IST
Updated Wed, 21 Mar 2018 12:12 AM IST
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शर्त से परेशान कई किसानों ने समर्थन मूल्य से कम दामों पर व्यापारियों को बेची सरसों
शर्त से परेशान कई किसानों ने समर्थन मूल्य से कम दामों पर व्यापारियों को बेची सरसों
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रेवाड़ी। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर बावल रोड पर गांव बिठवाना के समीप स्थित अनाज मंडी में मंगलवार को सरसों की आवक कम रही है। नई अनाज मंडी में आए चार किसानों में से मात्र एक किसान की ही 12 क्विंटल 60 किलोग्राम सरसों खरीदी गई। जबकि कोसली में 482 क्विंटल सरसों खरीदी गई। इसके विपरीत शहर की पुरानी अनाजमंडी में कई किसानों ने अपनी सरसों व्यापारियों को बेंची। किसानों का कहना है कि व्यापारियों के सरसों बेचने के लिए ना तो गिरदावर को ढूंढना पड़ता और ना ही नमी की समस्या से दो चार होना पड़ता है।
चार में से मात्र एक किसान की खरीदी सरसों
मंगलवार को सरसों बेचने के लिए मात्र चार किसान आए थे, जिसमें से मात्र एक किसान की सरसों खरीदी गई। शेष तीन किसानों की सरसों को नमी के कारण रिजेक्ट कर दिया गया। इससे किसानों में रोष पनप रहा है। इसके अलावा कोसली में 32 किसान सरसों लेकर आए, जिसमें से दो किसानों की सरसों को रिजेक्ट कर दिया गया। तीस किसानों से 482 क्विंटल सरसों की खरीद की गई।
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जिले में रेवाड़ी, कोसली व बावल में अनाजमंडी है, जिसमें से रेवाड़ी व कोसली की मंडियों में सरसों की खरीद की जा रही है, लेकिन किसानों को मांग के बाद भी बावल की मंडी में सरसों की खरीद शुरू नहीं की गई है। इस संबंध में किसानों द्वारा कई बार ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है।
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नई अनाज मंडी शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर है। वहां यह भी पक्का नहीं है कि सरसों खरीदी जाएगी। लेकिन व्यापारियों के पास सरसों बेचने के लिए किसी को इंतजार भी नहीं करना पड़ता। इसके अलावा सरकारी खरीद व व्यापारियों के भाव में भी ज्यादा फर्क नहीं है। इसलिए पुरानी अनाजमंडी ही सरसों बेच रहे हैं।
हिम्मत, खरखड़ी।
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तेज में धूप होने के बाद भी अधिकारियों द्वारा सरसों में नमी बताई जा रही है, इसलिए व्यापारियों के पास बेचने में कोई नुकसान नहीं दिखाई दे रहा है। इसके अलावा सरसों बेचने के लिए लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ता है। सरकार व व्यापारियों के भाव में ज्यादा फर्क भी नहीं है।
- कृष्ण कुमार, साल्हावास।
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- अनाजमंडी न तो सुविधाएं है और न ही किसानों को इस बात का भरोसा है कि मंडी में उनकी सरसों की खरीद हो जाएगी। क्योंकि अधिकारी सरसों में नमी की बात कहकर उन्हें परेशान करते हैं।

- योगेश, पीथनवास
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मंगलवार को मंडी में आए चार किसानों में से एक किसान की सरसों खरीदी गई है। जिससे 28 बैगों की 12 क्विंटल 60 किलोग्राम सरसों खरीदी गई है। हैफेड की ओर निर्धारित मापदंड के अनुसार सरसों खरीदी जा रही है। किसी भी किसान को परेशानी नहीं आने दी जा रही है।
बिरेंद्र, खरीददार, हैैफेड।
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