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31 वार्डों में 370 सफाई कर्मचारी नियुक्त, कालोनी वासी बोले- नहीं आते सफाई कर्मी

Tue, 13 Oct 2020 11:09 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2020 11:09 PM IST
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31 ward road people
एक से 15 अक्तूबर पर प्रशासन की ओर से स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है, इस दौरान विशेष सफाई अभियान चलाने का दावा भी किया जा रहा है, लेकिन हकीकत कहीं इससे परे है। मंगलवार को अमर उजाला की ओर से शहर की सफाई व्यवस्था की पड़ताल की गई तो लोगों ने नगर परिषद अधिकारियों को आइना दिखा दिया। शहर की कुछ कॉलोनियों के लोगों का यहां तक कहना है कि उन्होंने आज तक सफाई कर्मचारियों को कॉलोनी में देखा तक नहीं है। वहीं जिन कॉलोनियों में सफाई कर्मचारी जा रहे हैं, वहां पर भी महीने में 1-2 बार खानापूर्ति कर चलते बनते हैं। जबकि शहर के 31 वार्डों में सफाई के लिए करीब 370 सफाई कर्मचारी के वेतन पर हर माह करीब 60 लाख रुपये खर्च किया जा रहा है। शहर की सड़कों के किनारों पर जमा मिट्टी के चलते धूल हवा में जहर घोल रही है। शाम के समय डंपरों की संख्या बढ़ने के चलते हालात ज्यादा बिगड़ जाते हैं, राव गोपालदेव चौक से लेकर फ्लाईओवर तक रात के समय धूल के कारण रोशनी में भी कुछ दिखाई नहीं देता। ऐसे में सवाल है कि आखिर नप अधिकारियों की ओर से स्वच्छता पखवाड़े में ऐसी लापरवाही बरती जा रही है तो आम दिनों में कैसी स्थिति रहती होगी समझा जा सकता है।
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प्रत्येक वार्ड में प्रभावशाली लोगों तक सिमटी सफाई व्यवस्था
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी एक लाख 40 हजार है, लेकिन 10 साल में आबादी दोगुनी हो चुकी है। शहर की बाहरी कालोनियों में करीब एक लाख आबादी रहती है, लेकिन इन कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था पार्षद व पूर्व पार्षदों तक सिमट कर रह गई है। जानकारी के अनुसार कर 180 से अधिक स्थायी व इतनी ही संख्या में अस्थाई कर्मचारी शहर की सफाई के लिए नियुक्त किए गए हैं। डेढ़ करोड़ से ज्यादा की लागत से शहर की सड़कों से मिट्टी सोखने के लिए विदेशी मशीन खरीदी गई थी, रखरखाव पर भी लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। लेकिन मशीन सफाई कहां कर रही है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
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गंदगी चलते सांसों में घुल रहा है जहर
एक अक्तूबर से लेकर लगातार वायु की गुणवत्ता का स्तर गिरता जा रहा है। 12 को पीएम10 का स्तर 277.77 तथा, वहीं 13 अक्तूबर को बढ़कर 288.21 पर पहुंच गया। ऐसे में जिम्मेदारों की लापरवाही से गंदगी सांसों में जहर घोल रही है। बढ़ते प्रदूषण स्तर को लेकर खरखड़ा के एक जागरूक निवासी ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) से लेकर सीएम व जिला प्रशासन को भी समाधान के लिए शिकायत भेजी है।
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समाधान के लिए इन प्वाइंट पर काम करना जरूरी
कूड़ा निस्तारण संयंत्र शीघ्रता से लगाया जाए, ताकि कचरे से वायु प्रदूषित न हो।
सफाई कर्मियों पर सख्ती बेहद जरूरी है। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई।
बायोमेट्रिक हाजिरी के साथ प्रत्येक वार्ड के लिए एक अधिकारी को जवाबदेही निश्चित की जाए।
एक ओवरऑल अधिकारी रोजाना खुद करे सफाई व्यवस्था का निरीक्षण।
उड़ने वाली धूल को हटाने के साथ दिन में दोबारा पानी का छिड़काव जरूरी
हमने आज तक सफाई कर्मचारियों को अपनी गली में नहीं देखा हैं। स्थानीय लोगों द्वारा स्वयं ही अपने घरों के सामने सफाई की जाती हैं। यहां सड़के भी पूरी तरह से टूटी हुई हैं। लोगों से सफाई व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
शिवराज यादव, पूर्णनगर
सरकार द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता पखवाड़ा केवल कागजों में सिमटकर रह गया हैं। हमारे मोहल्ले में कभी भी सफाई कर्मचारी नहीं आते। गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। मोहल्ले में गंदगी फैली होने के कारण अनेक बीमारियां पनप रही हैं। बदलते मौसम के कारण बीमारियों फैलने संभावना ओर बढ़ गई हैं।
कर्णसिंह, पूर्णनगर।
हमारे मोहल्ले में सफाई व्यवस्था काफी अच्छी है। सफाई कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन गली की सफाई की जाती है तथा सफाई वाली गाड़ी द्वारा रोजना कूड़ा भी उठाया जाता हैं। हम नगर परिषद की सफाई व्यवस्था से खुश हैं।
सतीश कुमार, मधु विहार।
हमारी दुकानों के सामने लगे मलबे एवं कचरे के ढेर की वजह से वहां वातावरण दूषित होने से दुकानदारों सहित मार्ग से गुजरने वाले लोगों को बेहद मुश्किलों का सामना करने को विवश होना पड़ता है। हमारे मोहल्ले में सफाई कर्मचारी कभी नहीं आते। हम स्वयं ही अपने घरों व दुकानों के सामने सफाई करते हैं।
राजकुमार, मधु विहार।
शहर की सफाई व्यवस्था ठीक ठाक हैं। हमारे मोहल्ले सफाई कर्मचारी द्वारा सफाई की जा रहीं है, लेकिन सप्ताह के तीन से चार ही उनके द्वारा सफाई की जाती हैं। बाकी दिन हमें स्वयं सफाई करनी पड़ती है। मेरा मानना है कि शहर की सफाई व्यवस्था ठीक ठाक है।
सज्जन सिंह, महावीर नगर
हमारे गली में सफाई कर्मचारी कभी कभार आते हैं। हमें अपनी दुकानों के सामने स्वयं ही सफाई करनी पड़ती हैं। यहां साफ सफाई एक गंभीर मुद्दा हैं। जगह-जगह गंदगी फैली होने के कारण यहां पर काफी गंदगी फैली रहती है। सफाई व्यवस्था सही नहीं होने के कारण लोगों काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

बंटी अग्रवाल, महावीर नगर।
शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारियों की मॉनिटरिंग भी लगातार की जाती है। पार्षद हो या आम आदमी सभी जगह सफाई जरूरी है, ऐसे में जहां पर शिकायत हैं वहां का निरीक्षण कर समाधान किया जाएगा। यदि लापरवाही है तो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
संदीप कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नप
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