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Rewari News: तीन लाख की आबादी पर 300 सफाईकर्मी, कैसे सुधरे स्वच्छता रैंकिंग
Wed, 18 Sep 2024 02:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 18 Sep 2024 02:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर में तीन लाख की आबादी पर सिर्फ 300 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं जो आबादी को देखते हुए कम हैं। नियमित और बेहतर सफाई के लिए 900 सफाईकर्मियों की जरूरत महसूस की जा रही है। सफाईकर्मियों और संसाधनों की कमी के चलते अपेक्षित सफाई नहीं हो रही है। ऐसे में नगर परिषद के सामने स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने की बड़ी चुनौती है।
शहर में कुल 31 वार्ड हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से नगर के अधिकतर वार्डाें में नियमित सफाई नहीं होती है जिससे जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नगर के कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें सफाई व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। सफाईकर्मियों की कमी कूड़े, कचरे के उठान में बाधा बनी है। इसके कारण शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सड़क के किनारे कूड़े का ढेर लगा रहता है। कूड़ा निस्तारित नहीं होने से दुर्गंध उठती है और बीमारी फैलने का डर बना रहता है। सफाई कर्मचारियों के पास संसाधनों की कमी भी है जिससे सफाई कार्य प्रभावित होता है।
अक्तूबर में आएगी स्वच्छता सर्वेक्षण टीम : नगर परिषद ने स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। आज से स्वच्छता पखवाड़ा शुरू किया गया है जो 2 अक्तूबर तक चलेगा। अभियान के तहत सफाई व्यवस्था सुधारने की कवायद की जाएगी। गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ रिजल्ट में शहर को डबल प्लस मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश में गत वर्ष जिला 11वें नंबर पर रहा था। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अगस्त में शहरी एवं आवास मंत्रालय की ओर से टीम आनी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते टीम नहीं आई। अब अक्तूबर में टीम के आने की संभावना है।
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इन कारणों से गिर सकती है स्वच्छता रैंकिंग
घर-घर कचरा प्रबंधन के लिए करीब 5.50 करोड़ का टेंडर होने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। ठेकेदार ने न तो पर्याप्त गाड़ियां लगाई हैं और न ही सड़कों से कचरा उठाया जा रहा है। तत्कालीन डीएमसी सुभिता ढाका की ओर से शहर में बंद किए गए डंपिंग स्टेशन फिर सक्रिय हो चुके हैं। यहां तक कि शहर में जगह-जगह अनावश्यक कचरा प्वाइंट बन चुके हैं। सचिवालय से करीब 300 मीटर दूरी पर राजीव चौक के पास ही कचरा डंपिंग स्टेशन बन चुका है।
पिछले वर्षों की स्वच्छता रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग रेवाड़ी बावल धारूहेड़ा
2017 303 00 00
2018 254 499 541
2019 264 536 716
2020 118 112 141
2021 190 472 123
2022 140 35 16
2023 258 246 186
वर्जन:
शहर में आज से स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा जो 2 अक्तूबर तक चलेगा। नगर परिषद ने विधानसभा चुनाव के कारण टेंडर दिसंबर तक बढ़ा दिया है।- सुधीर कुमार, चीफ सैनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद।
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रेवाड़ी। शहर में तीन लाख की आबादी पर सिर्फ 300 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं जो आबादी को देखते हुए कम हैं। नियमित और बेहतर सफाई के लिए 900 सफाईकर्मियों की जरूरत महसूस की जा रही है। सफाईकर्मियों और संसाधनों की कमी के चलते अपेक्षित सफाई नहीं हो रही है। ऐसे में नगर परिषद के सामने स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने की बड़ी चुनौती है।
शहर में कुल 31 वार्ड हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से नगर के अधिकतर वार्डाें में नियमित सफाई नहीं होती है जिससे जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नगर के कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें सफाई व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। सफाईकर्मियों की कमी कूड़े, कचरे के उठान में बाधा बनी है। इसके कारण शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सड़क के किनारे कूड़े का ढेर लगा रहता है। कूड़ा निस्तारित नहीं होने से दुर्गंध उठती है और बीमारी फैलने का डर बना रहता है। सफाई कर्मचारियों के पास संसाधनों की कमी भी है जिससे सफाई कार्य प्रभावित होता है।
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अक्तूबर में आएगी स्वच्छता सर्वेक्षण टीम : नगर परिषद ने स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। आज से स्वच्छता पखवाड़ा शुरू किया गया है जो 2 अक्तूबर तक चलेगा। अभियान के तहत सफाई व्यवस्था सुधारने की कवायद की जाएगी। गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ रिजल्ट में शहर को डबल प्लस मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश में गत वर्ष जिला 11वें नंबर पर रहा था। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अगस्त में शहरी एवं आवास मंत्रालय की ओर से टीम आनी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते टीम नहीं आई। अब अक्तूबर में टीम के आने की संभावना है।
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इन कारणों से गिर सकती है स्वच्छता रैंकिंग
घर-घर कचरा प्रबंधन के लिए करीब 5.50 करोड़ का टेंडर होने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। ठेकेदार ने न तो पर्याप्त गाड़ियां लगाई हैं और न ही सड़कों से कचरा उठाया जा रहा है। तत्कालीन डीएमसी सुभिता ढाका की ओर से शहर में बंद किए गए डंपिंग स्टेशन फिर सक्रिय हो चुके हैं। यहां तक कि शहर में जगह-जगह अनावश्यक कचरा प्वाइंट बन चुके हैं। सचिवालय से करीब 300 मीटर दूरी पर राजीव चौक के पास ही कचरा डंपिंग स्टेशन बन चुका है।
पिछले वर्षों की स्वच्छता रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग रेवाड़ी बावल धारूहेड़ा
2017 303 00 00
2018 254 499 541
2019 264 536 716
2020 118 112 141
2021 190 472 123
2022 140 35 16
2023 258 246 186
वर्जन:
शहर में आज से स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा जो 2 अक्तूबर तक चलेगा। नगर परिषद ने विधानसभा चुनाव के कारण टेंडर दिसंबर तक बढ़ा दिया है।- सुधीर कुमार, चीफ सैनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद।