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Rewari News: मंडी में पहुंचा 2686 टन बाजरा
Fri, 03 Oct 2025 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 03 Oct 2025 11:57 PM IST
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फोटो : 30नई अनाज मंडी मार्ग पर ट्रैक्टर की लगी कतारें। संवाद
रेवाड़ी। जिले की अनाज मंडियों में बाजरा की भारी आवक के बाद भी सरकारी खरीद अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। शुक्रवार को 1122 गेट पास कटे हैं और 2686 टन बाजरा मंडी में पहुंचा। इस दौरान ट्रैक्टर की कतारें भी देखने को मिलीं।
बाजरे की भावांतर के माध्यम से खरीद की प्रक्रिया 23 सितंबर को शुरू हो गई थी लेकिन कुछ दिन पहले तो मेरी खरीद, मेरा ब्योरा पोर्टल पर डाटा ही अपलोड नहीं थे, जिससे किसानों को समस्या रही। अब पोर्टल पर 80 फीसदी किसानों के डाटा अपडेट हो गए, इसके बाद खरीद प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है। मगर सरकारी एजेंसी ने अब तक बाजरे की उपज की एक भी ढेरी खरीद नहीं की है
तर्क है कि बाजरा क्वालिटी पर खरा नहीं उतर रहा है, जबकि जो अच्छी क्वालिटी का बाजरा है। एजेंसी की ओर से मंडी में रोज ढेरियों का सैंपल लिया जाता है, लेकिन खरीद नहीं की है। इसलिए किसान भी आढ़ती को ही बिक्री कर रहे हैं।
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पहले खरीद की प्रक्रिया में जे-फॉर्म में भी दिक्कत आ रही थी। क्योंकि सरकार ने बाजरे की न्यूनतम दर 2200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है और 575 रुपए भावांतर दिया जाएगा। इसमें दिक्कत ये थी कि जिन किसानों का बाजय कम में बिक्री हुआ, उनके जे-फॉर्म ही नहीं निकल रहे थे, लेकिन अब यह दुरुस्त कर दी गई है। ऐसे में मंडी में बाजरे की आवक बढ़ने लगी है।
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बाजरे की भावांतर के माध्यम से खरीद की प्रक्रिया 23 सितंबर को शुरू हो गई थी लेकिन कुछ दिन पहले तो मेरी खरीद, मेरा ब्योरा पोर्टल पर डाटा ही अपलोड नहीं थे, जिससे किसानों को समस्या रही। अब पोर्टल पर 80 फीसदी किसानों के डाटा अपडेट हो गए, इसके बाद खरीद प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है। मगर सरकारी एजेंसी ने अब तक बाजरे की उपज की एक भी ढेरी खरीद नहीं की है
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तर्क है कि बाजरा क्वालिटी पर खरा नहीं उतर रहा है, जबकि जो अच्छी क्वालिटी का बाजरा है। एजेंसी की ओर से मंडी में रोज ढेरियों का सैंपल लिया जाता है, लेकिन खरीद नहीं की है। इसलिए किसान भी आढ़ती को ही बिक्री कर रहे हैं।
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पहले खरीद की प्रक्रिया में जे-फॉर्म में भी दिक्कत आ रही थी। क्योंकि सरकार ने बाजरे की न्यूनतम दर 2200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है और 575 रुपए भावांतर दिया जाएगा। इसमें दिक्कत ये थी कि जिन किसानों का बाजय कम में बिक्री हुआ, उनके जे-फॉर्म ही नहीं निकल रहे थे, लेकिन अब यह दुरुस्त कर दी गई है। ऐसे में मंडी में बाजरे की आवक बढ़ने लगी है।