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Rewari News: 2.20 लाख पशुओं को लगेंगे मुंह खुर और गलाघोंटू की टीके
Thu, 10 Jul 2025 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 10 Jul 2025 11:30 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पशुपालन विभाग की ओर से जिले में दुधारू पशुओं को मुंह खुर (एफएमडी) औ गलाघोंटू (एचएस) से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाएगा। प्रदेशभर में 220 लाख वैक्सीन की खरीद के लिए 73.45 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। जिले में 2.20 लाख पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य है।
यह वैक्सीन 3 मिली डोज में मिड नेक क्षेत्र में इंट्रा मस्क्युलर दी जाएगी और यह पशुओं को दोनों खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखेगी। इस अभियान के सितंबर माह से शुरू होने की संभावना है और सर्दियों से पहले जिले के सभी पशुओं को टीकाकरण पूरा कर लिया जाएगा।
विभाग के उपनिदेशक डॉ. नसीब सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत गाय, भैंस व उनके चार माह से अधिक आयु के शावकों को एचएस-एफएमडी (रक्षा बायो वैक्सीन) का एक संयुक्त इंजेक्शन लगाया जाएगा।
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टीकाकरण से पहले सभी पशुओं को भारत सरकार द्वारा निर्धारित 12 अंकों वाला ईयर टैग लगाया जाएगा और संबंधित डेटा भारत पशुधन ऐप पर अपलोड किया जाएगा।
इस इंजेक्शन को लगाने से पशु को मुंह खुर व गलघोंटू बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है। ये दोनों ही बीमारियां पशु के लिए खतरनाक है और इनमें पशु के साथ उसकी देखभाल करने वाला पालक भी परेशान हो जाता है। मुंह खुर बीमारी में पशु दूध देना कम कर देता है और उसके मुंह से लार टपकती रहती है तथा बुखार रहता है।
गलाघोंटू बीमारी में पशु के गले में घुटन जैसी तकलीफ रहती है और उसे तेज बुखार आता है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी पशुपालक अपने पशु को यह टीका जरूर लगवाएं। टीकाकरण के दौरान जिले के 57 राजकीय पशु चिकित्सालयों (जीबीएच) के 300 से अधिक कर्मचारी टीकाकरण के दौरान घर-घर जाकर पशुओं को टीकाकरण करेंगे।
इस दौरान टीम में बीएस, बीएलडीए, एनिमल अटेंडेंट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल रहेंगे। पशुपालक यह ध्यान रखें कि पशु की आयु चार महीने से अधिक ही होनी चाहिए।
वर्जन
जिले के 2 लाख 20 हजार से अधिक गाय व भैंसों के साथ उनके 4 माह से अधिक के शावकों को मुंह खुर व गलाघोंटू बीमारी से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। टीकाकरण अभियान सितंबर में शुरू होने की संभावना है। वैक्सीन खरीद की प्रक्रिया प्रदेश स्तर पर की जा रही है।
- नसीब सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, डेयरी एवं पशुपालन विभाग
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रेवाड़ी। पशुपालन विभाग की ओर से जिले में दुधारू पशुओं को मुंह खुर (एफएमडी) औ गलाघोंटू (एचएस) से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाएगा। प्रदेशभर में 220 लाख वैक्सीन की खरीद के लिए 73.45 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। जिले में 2.20 लाख पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य है।
यह वैक्सीन 3 मिली डोज में मिड नेक क्षेत्र में इंट्रा मस्क्युलर दी जाएगी और यह पशुओं को दोनों खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखेगी। इस अभियान के सितंबर माह से शुरू होने की संभावना है और सर्दियों से पहले जिले के सभी पशुओं को टीकाकरण पूरा कर लिया जाएगा।
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विभाग के उपनिदेशक डॉ. नसीब सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत गाय, भैंस व उनके चार माह से अधिक आयु के शावकों को एचएस-एफएमडी (रक्षा बायो वैक्सीन) का एक संयुक्त इंजेक्शन लगाया जाएगा।
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टीकाकरण से पहले सभी पशुओं को भारत सरकार द्वारा निर्धारित 12 अंकों वाला ईयर टैग लगाया जाएगा और संबंधित डेटा भारत पशुधन ऐप पर अपलोड किया जाएगा।
इस इंजेक्शन को लगाने से पशु को मुंह खुर व गलघोंटू बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है। ये दोनों ही बीमारियां पशु के लिए खतरनाक है और इनमें पशु के साथ उसकी देखभाल करने वाला पालक भी परेशान हो जाता है। मुंह खुर बीमारी में पशु दूध देना कम कर देता है और उसके मुंह से लार टपकती रहती है तथा बुखार रहता है।
गलाघोंटू बीमारी में पशु के गले में घुटन जैसी तकलीफ रहती है और उसे तेज बुखार आता है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी पशुपालक अपने पशु को यह टीका जरूर लगवाएं। टीकाकरण के दौरान जिले के 57 राजकीय पशु चिकित्सालयों (जीबीएच) के 300 से अधिक कर्मचारी टीकाकरण के दौरान घर-घर जाकर पशुओं को टीकाकरण करेंगे।
इस दौरान टीम में बीएस, बीएलडीए, एनिमल अटेंडेंट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल रहेंगे। पशुपालक यह ध्यान रखें कि पशु की आयु चार महीने से अधिक ही होनी चाहिए।
वर्जन
जिले के 2 लाख 20 हजार से अधिक गाय व भैंसों के साथ उनके 4 माह से अधिक के शावकों को मुंह खुर व गलाघोंटू बीमारी से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। टीकाकरण अभियान सितंबर में शुरू होने की संभावना है। वैक्सीन खरीद की प्रक्रिया प्रदेश स्तर पर की जा रही है।
- नसीब सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, डेयरी एवं पशुपालन विभाग