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छह महीने में 22 ने गंवाई जान, सात हजार कटे चालान
bureau
Updated Fri, 26 May 2017 12:14 AM IST
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बाइक चलाते समय अधिकतर लोग हेलमेट लगाना जरूरी नहीं समझते। कुछ लोग तो इसे महज ‘सिर पर बोझ’ रखने की बात कहते हुए इस लगाने के लिए टालमटोल करते है।
यही नहीं कुछ फैशनेबल युवा तो इसे लगाने के बजाय बाल खराब होने का हवाला देते हुए किनारा करते हैं। लेकिन जब बात सड़क हादसों में बाइक सवार की हुई मौत का कारण जानने की आती है तो यही सामने आता है कि अमूक बाइक सवार ने हेलमेट भी नहीं पहना था, और फिर हम यह भी संभावना व्यक्त करते हैं कि शायद हेलमेट होता तो जान बच सकती थी।
जिले में पिछले छह महीने में 22 बाइक सवार लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से अधिकतर बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था। यह आंकड़ा केवल कागजी रिपोर्ट पर आधारित है, वास्तविकता में बाइक सवार की बगैर हेलमेट जान गंवाना इन आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकता है, क्याेंकि अधिकतर में कार्रवाई भी नहीं होती।
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ट्रैफिक पुलिस भी पिछले छह महीने में हेलमेट न लगाने वालों के सात हजार से ज्यादा चालान काट चुकी है। ऐसे में यह प्रतीत हो रहा है कि हम न केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे है बल्कि अपनी सुरक्षा को लेकर भी सतर्क नहीं है। जानकारी मुताबिक बिना हेलमेट के पहली बार पकड़े जाने पर 100 रुपये और इसके बाद दोबारा पकड़े जाने पर 400 रुपये तक के चालान का प्रावधान है।
जागरूक नहीं हो रहे लोग
एक साल से ट्रैफिक पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा अभियान के तहत लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर रही है। इन अभियानों के तहत पुलिस ने स्कूलों, शिक्षण संस्थानों में बच्चों को ट्रैफिक नियम की जानकारी दी। वहीं महिलाओं को भी नियमों के प्रति जागरूक किया। फिलहाल पुलिस की ओर से 16 से 31 मई तक अंडरएज के बच्चों के लिए अभियान चलाया हुआ है। फिर भी लोग पूरी तरह से जागरूक नहीं हो रहे हैं।
बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना सेफ्टी के लिहाज से जरूरी है। मोटर व्हीकल एक्ट में इसको लेकर नियम बनाया गया है। हम लगातार सड़क सुरक्षा अभियान चलाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। रोजाना ट्रैफिक पुलिस 150 के लगभग चालान कर रही है, जिसमें 50 से अधिक हेलमेट के चालान होते हैं। -हरी सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक
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यही नहीं कुछ फैशनेबल युवा तो इसे लगाने के बजाय बाल खराब होने का हवाला देते हुए किनारा करते हैं। लेकिन जब बात सड़क हादसों में बाइक सवार की हुई मौत का कारण जानने की आती है तो यही सामने आता है कि अमूक बाइक सवार ने हेलमेट भी नहीं पहना था, और फिर हम यह भी संभावना व्यक्त करते हैं कि शायद हेलमेट होता तो जान बच सकती थी।
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जिले में पिछले छह महीने में 22 बाइक सवार लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से अधिकतर बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था। यह आंकड़ा केवल कागजी रिपोर्ट पर आधारित है, वास्तविकता में बाइक सवार की बगैर हेलमेट जान गंवाना इन आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकता है, क्याेंकि अधिकतर में कार्रवाई भी नहीं होती।
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ट्रैफिक पुलिस भी पिछले छह महीने में हेलमेट न लगाने वालों के सात हजार से ज्यादा चालान काट चुकी है। ऐसे में यह प्रतीत हो रहा है कि हम न केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे है बल्कि अपनी सुरक्षा को लेकर भी सतर्क नहीं है। जानकारी मुताबिक बिना हेलमेट के पहली बार पकड़े जाने पर 100 रुपये और इसके बाद दोबारा पकड़े जाने पर 400 रुपये तक के चालान का प्रावधान है।
जागरूक नहीं हो रहे लोग
एक साल से ट्रैफिक पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा अभियान के तहत लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर रही है। इन अभियानों के तहत पुलिस ने स्कूलों, शिक्षण संस्थानों में बच्चों को ट्रैफिक नियम की जानकारी दी। वहीं महिलाओं को भी नियमों के प्रति जागरूक किया। फिलहाल पुलिस की ओर से 16 से 31 मई तक अंडरएज के बच्चों के लिए अभियान चलाया हुआ है। फिर भी लोग पूरी तरह से जागरूक नहीं हो रहे हैं।
बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना सेफ्टी के लिहाज से जरूरी है। मोटर व्हीकल एक्ट में इसको लेकर नियम बनाया गया है। हम लगातार सड़क सुरक्षा अभियान चलाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। रोजाना ट्रैफिक पुलिस 150 के लगभग चालान कर रही है, जिसमें 50 से अधिक हेलमेट के चालान होते हैं। -हरी सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक