{"_id":"5c758ba1bdec222c572344d3","slug":"21551207329-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्जिकल स्टाईक पर पूर्व सैनिक ने खुशी लहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्जिकल स्टाईक पर पूर्व सैनिक ने खुशी लहर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। पुलवामा में हुए आंतकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में घुसकर मंगलवार तड़के की गई सर्जिकल स्ट्राइक से जिले भर में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने पटाखे चलाने के साथ एक-दूसरे को लड्डू बांटकर सेना की कार्रवाई का स्वागत किया। सेना की कार्रवाई के बाद पूर्व सैनिकों में काफी जोश है। पूर्व सैनिक ने वायुसेना की तारीफ करते हुए कहा कि सेना की यह कार्रवाई शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है। सबसे अच्छी चीज यह है कि इसमें सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ। सर्जिकल स्ट्राइक से भारतीय सेना के जवानों में ऊर्जा का संचार होगा।
सेना द्वारा ऐसी कार्रवाई जरूरत थी। भारतीय सेना ने काफी बहादुरी का काम किया है। पीओके क्षेत्र में सबसे बड़ा आतंकवादियों का ठिकाना है। इस सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान के मुंह पर करारा तमाचा लगा है। अब कोई हरकत करने से पहले आतंकवादी 10 बार सोचेगा। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना के जवानों में उर्जा का संचार होगा।
- मेजर डॉ. टीसी राव।
सेना द्वारा यह कदम उठाना अति आवश्यक था। अगर यह कदम पहले उठा लिया जाता तो इतने सैनिकों की शहादत नहीं होती। सेना की इस कार्रवाई सेे पूर्व सैनिक होने के नाते बहुत सुकून मिला है। सेना की यह कार्रवाई शहीदों के लिए श्रद्धांजलि से कम नहीं है।
विज्ञापन
-विक्रम सिंह, पूर्व सूबेदार, 13 कुमांऊ रेजीमेंट, कारगिल युद्ध का जवान, मोतला कलां।
पुलवामा हमले के बाद से देश में पाकिस्तान व उसकी शह पर काम कर रहे आतंकवादियों को लेकर लोगों में बहुत आक्रोश था। देश की सेना ने लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए आतंकवादी शिविर पर वायुसेना की कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया कि उसके संयम कमजोरी न आंका जाए।
- बिरेंद्र सिंह पूर्व कैप्टन, कोसली।
सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पूर्व सैनिकों में भी जोश भर गया है। सेना की कार्रवाई शहीदों के सच्ची श्रद्धांजलि है। सरकार को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था। पाकिस्तान कई बार नियमों का उल्लंघन कर चुका है। ऐसा कदम उठाने के लिए सरकार व वायुसेना बालकोट में मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए बधाई के पात्र है।
-भरत सिंह, पूर्व सूबेदार, कोसली।
सेना द्वारा उठाया गया सराहनीय कदम है। सरकार द्वारा यह कदम बहुत पहले उठाया होता तो इतने जवान शहीद नहीं होते। मुझे लगता है कि ऐसी कार्रवाई कर सख्त जरूरत थी। इस कार्रवाई से पाकिस्तान की हरकतों पर लगाम लगेगी।
-चांद सिंह, पूर्व कैप्टन, कोसली।
सेना की यह कार्रवाई आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब है। देशवासियों को सेना पर गर्व है। पाक की करतूतों के कारण ही सेना को ऐसी कार्रवाई बहुत पहले करनी चाहिए थी।
-सत्य नारायण, ओनरेरी कैप्टन
आतंकियों का खात्मा करने के लिए वायुसेना की यह कार्रवाई जरूरी थी। सेना की इस कार्रवाई से पूर्व के सैनिकों साथ-साथ देश के हर नागरिक में जोश भर दिया है। देश के लिए शहादत देने वालों के लिए यह श्रद्धांजलि से कम नहीं है।
- सतपाल, सेवानिवृत्त जूनियर वारंट अधिकारी वायुसेना
विज्ञापन
रेवाड़ी। पुलवामा में हुए आंतकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में घुसकर मंगलवार तड़के की गई सर्जिकल स्ट्राइक से जिले भर में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने पटाखे चलाने के साथ एक-दूसरे को लड्डू बांटकर सेना की कार्रवाई का स्वागत किया। सेना की कार्रवाई के बाद पूर्व सैनिकों में काफी जोश है। पूर्व सैनिक ने वायुसेना की तारीफ करते हुए कहा कि सेना की यह कार्रवाई शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है। सबसे अच्छी चीज यह है कि इसमें सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ। सर्जिकल स्ट्राइक से भारतीय सेना के जवानों में ऊर्जा का संचार होगा।
सेना द्वारा ऐसी कार्रवाई जरूरत थी। भारतीय सेना ने काफी बहादुरी का काम किया है। पीओके क्षेत्र में सबसे बड़ा आतंकवादियों का ठिकाना है। इस सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान के मुंह पर करारा तमाचा लगा है। अब कोई हरकत करने से पहले आतंकवादी 10 बार सोचेगा। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना के जवानों में उर्जा का संचार होगा।
विज्ञापन
- मेजर डॉ. टीसी राव।
सेना द्वारा यह कदम उठाना अति आवश्यक था। अगर यह कदम पहले उठा लिया जाता तो इतने सैनिकों की शहादत नहीं होती। सेना की इस कार्रवाई सेे पूर्व सैनिक होने के नाते बहुत सुकून मिला है। सेना की यह कार्रवाई शहीदों के लिए श्रद्धांजलि से कम नहीं है।
विज्ञापन
-विक्रम सिंह, पूर्व सूबेदार, 13 कुमांऊ रेजीमेंट, कारगिल युद्ध का जवान, मोतला कलां।
पुलवामा हमले के बाद से देश में पाकिस्तान व उसकी शह पर काम कर रहे आतंकवादियों को लेकर लोगों में बहुत आक्रोश था। देश की सेना ने लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए आतंकवादी शिविर पर वायुसेना की कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया कि उसके संयम कमजोरी न आंका जाए।
- बिरेंद्र सिंह पूर्व कैप्टन, कोसली।
सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पूर्व सैनिकों में भी जोश भर गया है। सेना की कार्रवाई शहीदों के सच्ची श्रद्धांजलि है। सरकार को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था। पाकिस्तान कई बार नियमों का उल्लंघन कर चुका है। ऐसा कदम उठाने के लिए सरकार व वायुसेना बालकोट में मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए बधाई के पात्र है।
-भरत सिंह, पूर्व सूबेदार, कोसली।
सेना द्वारा उठाया गया सराहनीय कदम है। सरकार द्वारा यह कदम बहुत पहले उठाया होता तो इतने जवान शहीद नहीं होते। मुझे लगता है कि ऐसी कार्रवाई कर सख्त जरूरत थी। इस कार्रवाई से पाकिस्तान की हरकतों पर लगाम लगेगी।
-चांद सिंह, पूर्व कैप्टन, कोसली।
सेना की यह कार्रवाई आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब है। देशवासियों को सेना पर गर्व है। पाक की करतूतों के कारण ही सेना को ऐसी कार्रवाई बहुत पहले करनी चाहिए थी।
-सत्य नारायण, ओनरेरी कैप्टन
आतंकियों का खात्मा करने के लिए वायुसेना की यह कार्रवाई जरूरी थी। सेना की इस कार्रवाई से पूर्व के सैनिकों साथ-साथ देश के हर नागरिक में जोश भर दिया है। देश के लिए शहादत देने वालों के लिए यह श्रद्धांजलि से कम नहीं है।
- सतपाल, सेवानिवृत्त जूनियर वारंट अधिकारी वायुसेना