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सरपंच का बेटा बताकर सेवानिवृत हवलदार से ठगे 20 हजार रुपये
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कस्बा कोसली में एक शातिर ठग ने सेना से रिटायर्ड बुजुर्ग हवलदार को लिफ्ट देकर उससे 20 हजार रुपये ठग लिए। ठग ने खुद को सरपंच का लड़का बताया और फिर झांसे में लेकर वारदात को अंजाम दिया। कोसली थाना पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार कोसली कस्बा के गांव जुड्डी निवासी महेंद्र सिंह (75) भारतीय सेना में हवलदार के पद से रिटायर्ड है। हर माह उसकी पेंशन कोसली के सेंट्रल बैंक में स्थित खाते में आती है। महेंद्र सिंह अपनी पेंशन के 25 हजार रुपये लेने बैंक में आया था। पेंशन लेने के बाद वह बैंक के सामने एक खोखे पर चला गया।
जैसे ही वह सड़क पर खड़े होकर घर जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगे तो इसी दौरान एक बाइक पर सवार ठग उसके पास पहुंचा। उसने महेंद्र सिंह को कहा कि बाबा घर जाना है और यह कहते हुए अपनी बाइक पर बैठा लिया। बुजुर्ग को बाइक पर बैठा कर ठग कोसली बस स्टैंड पर पहुंचा और कहा कि बाबा आपने मुझे पहचाना नहीं मैं सरपंच का लड़का हूं।
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शातिर बोला- 20 हजार की जरूरत है
सरपंच का लड़का सुन बुजुर्ग उसकी बातों में आ गया। ठग ने कहा कि उसे 20 हजार रुपये की जरूरत है। कोई सामान तत्काल चाहिए वह गांव पहुंचते ही आपके पैसे घर से लेकर दे देगा। बुजुर्ग महेंद्र सिंह उसकी बातों में आ गया और ठग को 20 हजार रुपये दे दिए। ठग बुजुर्ग को बस स्टैंड पर ही खड़ा कर फरार हो गया।
सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस
काफी घंटे बीत जाने के बाद भी जब युवक वहां नहीं पहुंचा तो बुजुर्ग को शक हुआ और महेंद्र सिंह ने शिकायत पुलिस को दी। सूचना के बाद कोसली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह किसी सरपंच का लड़का नहीं, बल्कि शातिर ठग था। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार कोसली कस्बा के गांव जुड्डी निवासी महेंद्र सिंह (75) भारतीय सेना में हवलदार के पद से रिटायर्ड है। हर माह उसकी पेंशन कोसली के सेंट्रल बैंक में स्थित खाते में आती है। महेंद्र सिंह अपनी पेंशन के 25 हजार रुपये लेने बैंक में आया था। पेंशन लेने के बाद वह बैंक के सामने एक खोखे पर चला गया।
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जैसे ही वह सड़क पर खड़े होकर घर जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगे तो इसी दौरान एक बाइक पर सवार ठग उसके पास पहुंचा। उसने महेंद्र सिंह को कहा कि बाबा घर जाना है और यह कहते हुए अपनी बाइक पर बैठा लिया। बुजुर्ग को बाइक पर बैठा कर ठग कोसली बस स्टैंड पर पहुंचा और कहा कि बाबा आपने मुझे पहचाना नहीं मैं सरपंच का लड़का हूं।
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शातिर बोला- 20 हजार की जरूरत है
सरपंच का लड़का सुन बुजुर्ग उसकी बातों में आ गया। ठग ने कहा कि उसे 20 हजार रुपये की जरूरत है। कोई सामान तत्काल चाहिए वह गांव पहुंचते ही आपके पैसे घर से लेकर दे देगा। बुजुर्ग महेंद्र सिंह उसकी बातों में आ गया और ठग को 20 हजार रुपये दे दिए। ठग बुजुर्ग को बस स्टैंड पर ही खड़ा कर फरार हो गया।
सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस
काफी घंटे बीत जाने के बाद भी जब युवक वहां नहीं पहुंचा तो बुजुर्ग को शक हुआ और महेंद्र सिंह ने शिकायत पुलिस को दी। सूचना के बाद कोसली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह किसी सरपंच का लड़का नहीं, बल्कि शातिर ठग था। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।