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ओवरटाइम विवाद:आठ दिन में भी तैयार नहीं हुआ शेड्यूल, 15 रूटों के 99 टाइम रहे मिस, अधिकारियों का दावा सब कुछ दुरुस्त..
Updated Sat, 24 Nov 2018 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। ओवरटाइम समाप्त करने के बाद जिले में रोडवेज की परिवहन सुविधा पटरी पर नहीं आ पा रही है। ओवरटाइम समाप्त करने के नौ दिन बाद भी 48 घंटे ड्यूटी का शेड्यूल तैयार नहीं किया जा सका है। जिससे रोडवेज बसों का संचालन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिससे शुक्रवार को शहर के बस स्टैंड से चलने वाले 11 रूटों पर 99 टाइम मिस रहे। जिससे यात्रियों को घंटों बसों इंतजार करना और रोडवेज की आय भी कम हो गई है।
सरकार द्वारा पिछले दिनों रोडवेज कर्मचारियों को ओवरटाइम बंद कर आठ घंटे ड्यूटी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जब व्यवस्था प्रभावित हुई तो परिवहन निदेशालय की तरफ से 48 घंटे ड्यूटी का रोस्टर बनाकर चालक-परिचालकों को दोगुना टाइम रेस्ट देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद रोडवेज प्रबंधन ने अगले दिन से ही तमाम लंबी दूरी की बसों का संचालन तो प्रारंभ कर दिया लेकिन लोकल रूटों पर संचालन अस्त-व्यस्त है। वहीं अभी तक रोडवेज के अधिकारियों के पास ड्यूटी का नया शेडयूल नहीं है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी रूटों पर समय पर बस रवाना हो रहीं है। लेकिन हकीकत में शुक्रवार को बस स्टैंड से 11 रूटों पर लगभग रोडवेज की 99 बस समय पर रवाना नहीं हो पाई। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। यात्रियों को घंटों तक बस का इंतजार करना पड़ा। बसों के अभाव में यात्री समय पर अपने गंतव्य पर नहीं पहुंच पाएं। टाइम मिस होने के कारण यात्रियों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
विभाग नया ड्यूटी शेड्यूल नहीं
सरकार द्वारा रोडवेज कर्मचारियों के ओवर टाइम बंद कर आठ घंटे की ड्यूटी करने के बाद यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रोडवेज कर्मचारी सुबह ड्यूटी ज्वाइन करने बाद दोपहर तक आठ घंटे की डयूटी पूरी करके घर लौट रहें हैं। लेकिन अभी तक विभाग के अधिकारियों ने यात्रियों की समस्या के समाधान के लिए नया ड्यटी शेड्यूल नहीं बनाया है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रहीं है।
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इन रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित
रोडवेज के अधिकारियों द्वारा भले ही सभी रूटों पर समय पर बस रवाना होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन हकीकत में अधिकतर रूटों पर बस समय नहीं रवाना हो पा रही है। जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को महेंद्रगढ़ रूट पर 12 बसों का संचालन बंद रहा है। नारनौल रूट पर 12, पटौदी पर 7, कोटकासिम रूट पर 8, टांकड़ी रूट पर 3, धवाना रूट पर 2, रतनथल रूट पर एक, राजगढ़ रूट पर एक, खंडोडा रूट पर तीन, मीरपुर रूट पर 15, जडथल रूट पर एक, जयपुर रूट पर चार, कोसली रूट पर 9, बेरली रूट पर एक, रोहतक रूट पर चार, दिल्ली रूट पर 10 व चीताडूंगरा रूट पर एक बस का समय पर संचालन नहीं हो पाया।
रात्रि ठहराव को लेकर भी अपने नियम
प्रबंधन द्वारा 25 किमी. से कम दूरी वाले रूटों के स्टेशनों के लिए बसों को बंद करने का निर्देश है। इसके बाद स्थानीय डिपो की तरफ से केवल कोसली व कोटकासिम रूट पर ही रात्रि ठहराव बंद किया गया है जबकि कुछ खास रूटों पर अभी भी रात्रि ठहराव किया जा रहा है। कोसली व कोटकासिम प्रमुख कस्बे हैं जहां से रात्रि को भी काफी यात्री जाते हैं इसके बावजूद यहां के रात्रि ठहराव बंद कर दिया गया है।
50 हजार की जगह चलीं 35 हजार किमी.
रेवाड़ी डिपो के पास इस समय 138 बसों का बेड़ा है जिसमें औसतन लगभग 120 बसों का संचालन होता है। इन बसों द्वारा प्रतिदिन साढ़े 49 हजार किलोमीटर रूट कवर किए जाते थे लेकिन ओवरटाइम समाप्त करने व शेड्यूल नहीं बनने से पिछले दस दिनों से औसतन 35 हजार किलोमीटर ही बसों का संचालन हो रहा है। अब रोडवेज को लगभग साढ़े 8 लाख रुपये की आमदनी हो रही है जबकि इससे पहले साढ़े 13 लाख रुपये की आमदनी होती थी।
लगभग सभी रूटों पर बसों का संचालन सुव्यस्थित कर दिया है लेकिन अभी लोकल रूटों पर कुछ समस्या है। जिससे अवकाश के दिन भी काम किया गया है और शेड्यूल लगभग तैयार हो गया है। सभी रूटों पर एक-दो दिन में सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
-बलवंत सिंह गोदारा, महाप्रबंधक
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रेवाड़ी। ओवरटाइम समाप्त करने के बाद जिले में रोडवेज की परिवहन सुविधा पटरी पर नहीं आ पा रही है। ओवरटाइम समाप्त करने के नौ दिन बाद भी 48 घंटे ड्यूटी का शेड्यूल तैयार नहीं किया जा सका है। जिससे रोडवेज बसों का संचालन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिससे शुक्रवार को शहर के बस स्टैंड से चलने वाले 11 रूटों पर 99 टाइम मिस रहे। जिससे यात्रियों को घंटों बसों इंतजार करना और रोडवेज की आय भी कम हो गई है।
सरकार द्वारा पिछले दिनों रोडवेज कर्मचारियों को ओवरटाइम बंद कर आठ घंटे ड्यूटी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जब व्यवस्था प्रभावित हुई तो परिवहन निदेशालय की तरफ से 48 घंटे ड्यूटी का रोस्टर बनाकर चालक-परिचालकों को दोगुना टाइम रेस्ट देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद रोडवेज प्रबंधन ने अगले दिन से ही तमाम लंबी दूरी की बसों का संचालन तो प्रारंभ कर दिया लेकिन लोकल रूटों पर संचालन अस्त-व्यस्त है। वहीं अभी तक रोडवेज के अधिकारियों के पास ड्यूटी का नया शेडयूल नहीं है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी रूटों पर समय पर बस रवाना हो रहीं है। लेकिन हकीकत में शुक्रवार को बस स्टैंड से 11 रूटों पर लगभग रोडवेज की 99 बस समय पर रवाना नहीं हो पाई। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। यात्रियों को घंटों तक बस का इंतजार करना पड़ा। बसों के अभाव में यात्री समय पर अपने गंतव्य पर नहीं पहुंच पाएं। टाइम मिस होने के कारण यात्रियों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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विभाग नया ड्यूटी शेड्यूल नहीं
सरकार द्वारा रोडवेज कर्मचारियों के ओवर टाइम बंद कर आठ घंटे की ड्यूटी करने के बाद यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रोडवेज कर्मचारी सुबह ड्यूटी ज्वाइन करने बाद दोपहर तक आठ घंटे की डयूटी पूरी करके घर लौट रहें हैं। लेकिन अभी तक विभाग के अधिकारियों ने यात्रियों की समस्या के समाधान के लिए नया ड्यटी शेड्यूल नहीं बनाया है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रहीं है।
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इन रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित
रोडवेज के अधिकारियों द्वारा भले ही सभी रूटों पर समय पर बस रवाना होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन हकीकत में अधिकतर रूटों पर बस समय नहीं रवाना हो पा रही है। जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को महेंद्रगढ़ रूट पर 12 बसों का संचालन बंद रहा है। नारनौल रूट पर 12, पटौदी पर 7, कोटकासिम रूट पर 8, टांकड़ी रूट पर 3, धवाना रूट पर 2, रतनथल रूट पर एक, राजगढ़ रूट पर एक, खंडोडा रूट पर तीन, मीरपुर रूट पर 15, जडथल रूट पर एक, जयपुर रूट पर चार, कोसली रूट पर 9, बेरली रूट पर एक, रोहतक रूट पर चार, दिल्ली रूट पर 10 व चीताडूंगरा रूट पर एक बस का समय पर संचालन नहीं हो पाया।
रात्रि ठहराव को लेकर भी अपने नियम
प्रबंधन द्वारा 25 किमी. से कम दूरी वाले रूटों के स्टेशनों के लिए बसों को बंद करने का निर्देश है। इसके बाद स्थानीय डिपो की तरफ से केवल कोसली व कोटकासिम रूट पर ही रात्रि ठहराव बंद किया गया है जबकि कुछ खास रूटों पर अभी भी रात्रि ठहराव किया जा रहा है। कोसली व कोटकासिम प्रमुख कस्बे हैं जहां से रात्रि को भी काफी यात्री जाते हैं इसके बावजूद यहां के रात्रि ठहराव बंद कर दिया गया है।
50 हजार की जगह चलीं 35 हजार किमी.
रेवाड़ी डिपो के पास इस समय 138 बसों का बेड़ा है जिसमें औसतन लगभग 120 बसों का संचालन होता है। इन बसों द्वारा प्रतिदिन साढ़े 49 हजार किलोमीटर रूट कवर किए जाते थे लेकिन ओवरटाइम समाप्त करने व शेड्यूल नहीं बनने से पिछले दस दिनों से औसतन 35 हजार किलोमीटर ही बसों का संचालन हो रहा है। अब रोडवेज को लगभग साढ़े 8 लाख रुपये की आमदनी हो रही है जबकि इससे पहले साढ़े 13 लाख रुपये की आमदनी होती थी।
लगभग सभी रूटों पर बसों का संचालन सुव्यस्थित कर दिया है लेकिन अभी लोकल रूटों पर कुछ समस्या है। जिससे अवकाश के दिन भी काम किया गया है और शेड्यूल लगभग तैयार हो गया है। सभी रूटों पर एक-दो दिन में सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
-बलवंत सिंह गोदारा, महाप्रबंधक