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कचरा डालने से शुरू हुआ विवाद पहुंचा गोलीकांड तक
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:32 AM IST
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महिला वकील गोली कांड: कचरा डालने से शुरू हुई रंजिश गोलीकांड तक पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
गांव में महज कचरा डालने और उसके पंच बनने के बाद हुए झगड़े के बाद अधिवक्ता किरण देवी का नाम गोलीकांड में आ गया है। हालांकि अधिवक्ता की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है लेकिन पुलिस इस मामले में नामजद के साथ उसके पति कंवर सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। उधर गोली लगने से घायल युवक सतबीर सिंह की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उसको प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी है।
रेवाड़ी शहर के बड़ा तालाब निवासी किरण देवी की शादी आसलवास गांव के कंवर सिंह के साथ हुई। शादी से पहले ही किरण देवी ने लॉ की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह पांच-छह साल से रेेवाड़ी में प्रैक्टिस भी कर रही है। इस समय किरण शहर के बावल रोड स्थित एक गांव में परिवार के साथ रही है। इस झगड़े की शुरूआत महज कचरा डालने को लेकर हुई थी। गांव में रहने के दौरान किरण के परिवार का घर का कचरा डालने को लेकर सरजीत के परिवार के साथ विवाद हो गया था। उसके बाद मामला निपटा लिया गया था। इसी बीच किरण वर्ष 2010 में पंच चुनी गई थीं। इसके बाद कचरा डालने को लेकर विवाद भी हो गया। इसमें रंजिश के चलते किरण के साथ मारपीट की गई थी। इस मारपीट में किरण को काफी चोटें आईं थी। अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के बाद बार भी विरोध में खड़ा हो गया था। इसके बाद गांव के झगड़े से परेशान होकर किरण बावल रोड पर अपने पति के साथ रहने लगी थी। किरण देवी रेवाड़ी के साथ बावल में भी प्रैक्टिस करती हैं। गांव में झगड़ा होने के कारण वह परेशान रहती थी। इसी वजह से उसने गांव छोड़ दिया। अब उसने पूरा फोकस अपने काम पर दिया था लेकिन वह परिवार के साथ झगड़े को लेकर काफी परेशान भी रहती थी। इस बात को लेकर कई अधिवक्ताओं के साथ उन्होंने चर्चा भी की क्योंकि उसे डर था कि कहीं सरजीत सजा होने पर उसे नुकसान नहीं पहुंचा दे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
गांव में महज कचरा डालने और उसके पंच बनने के बाद हुए झगड़े के बाद अधिवक्ता किरण देवी का नाम गोलीकांड में आ गया है। हालांकि अधिवक्ता की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है लेकिन पुलिस इस मामले में नामजद के साथ उसके पति कंवर सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। उधर गोली लगने से घायल युवक सतबीर सिंह की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उसको प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी है।
रेवाड़ी शहर के बड़ा तालाब निवासी किरण देवी की शादी आसलवास गांव के कंवर सिंह के साथ हुई। शादी से पहले ही किरण देवी ने लॉ की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह पांच-छह साल से रेेवाड़ी में प्रैक्टिस भी कर रही है। इस समय किरण शहर के बावल रोड स्थित एक गांव में परिवार के साथ रही है। इस झगड़े की शुरूआत महज कचरा डालने को लेकर हुई थी। गांव में रहने के दौरान किरण के परिवार का घर का कचरा डालने को लेकर सरजीत के परिवार के साथ विवाद हो गया था। उसके बाद मामला निपटा लिया गया था। इसी बीच किरण वर्ष 2010 में पंच चुनी गई थीं। इसके बाद कचरा डालने को लेकर विवाद भी हो गया। इसमें रंजिश के चलते किरण के साथ मारपीट की गई थी। इस मारपीट में किरण को काफी चोटें आईं थी। अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के बाद बार भी विरोध में खड़ा हो गया था। इसके बाद गांव के झगड़े से परेशान होकर किरण बावल रोड पर अपने पति के साथ रहने लगी थी। किरण देवी रेवाड़ी के साथ बावल में भी प्रैक्टिस करती हैं। गांव में झगड़ा होने के कारण वह परेशान रहती थी। इसी वजह से उसने गांव छोड़ दिया। अब उसने पूरा फोकस अपने काम पर दिया था लेकिन वह परिवार के साथ झगड़े को लेकर काफी परेशान भी रहती थी। इस बात को लेकर कई अधिवक्ताओं के साथ उन्होंने चर्चा भी की क्योंकि उसे डर था कि कहीं सरजीत सजा होने पर उसे नुकसान नहीं पहुंचा दे।
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