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ग्रांट मंजूर होने के बाद बस क्यू शेल्टर नहीं बना रहा विभाग
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:29 AM IST
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ग्रांट मंजूर होने के बाद बस क्यू शेल्टर नहीं बना रहा विभाग
खोल। रेवाड़ी-डहीना सड़क मार्ग स्थित बुड़ौली-औलांत के समीप बस क्यू शेल्टर नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ता है। बस क्यू शेल्टर के लिए 2017 में ग्रांट मंजूर होने के बाद भी रोडवेज विभाग बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
सरपंच अनिल कुमार ने बताया कि लोगों की परेशानियों का देखते हुए वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत बस क्यू शेल्टर का प्रस्ताव पास कर पूर्व मंत्री व कोसली के विधायक विक्रम सिंह यादव को दिया था। वर्ष 2017 में बस क्यू शेल्टर बनाने की राशी भी मंजूर हो गई थी, ठेका भी छूट गया था। लेकिन पता नहीं क्यों रोडवेज विभाग इस कार्य में गंभीरता नहीं ले रहा है।
पंच शेर सिंह, हंसराज आदि ने बताया कि बस क्यू शेल्टर न होने से धूप में खड़ा होकर लोगों को वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। बारिश होने पर कहीं छिपने के लिए जगह नहीं मिलती है। सरपंच ने बताया कि राशि मंजूर होने के बाद भी जब बस क्यू शेल्टर का काम शुरू नहीं हुआ तो वे रोडवेज विभाग के जीएम से मिले। जीएम से तब से आश्वासन मिल रहा है कि काम शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं शुरू हुई।
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खोल। रेवाड़ी-डहीना सड़क मार्ग स्थित बुड़ौली-औलांत के समीप बस क्यू शेल्टर नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ता है। बस क्यू शेल्टर के लिए 2017 में ग्रांट मंजूर होने के बाद भी रोडवेज विभाग बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
सरपंच अनिल कुमार ने बताया कि लोगों की परेशानियों का देखते हुए वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत बस क्यू शेल्टर का प्रस्ताव पास कर पूर्व मंत्री व कोसली के विधायक विक्रम सिंह यादव को दिया था। वर्ष 2017 में बस क्यू शेल्टर बनाने की राशी भी मंजूर हो गई थी, ठेका भी छूट गया था। लेकिन पता नहीं क्यों रोडवेज विभाग इस कार्य में गंभीरता नहीं ले रहा है।
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पंच शेर सिंह, हंसराज आदि ने बताया कि बस क्यू शेल्टर न होने से धूप में खड़ा होकर लोगों को वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। बारिश होने पर कहीं छिपने के लिए जगह नहीं मिलती है। सरपंच ने बताया कि राशि मंजूर होने के बाद भी जब बस क्यू शेल्टर का काम शुरू नहीं हुआ तो वे रोडवेज विभाग के जीएम से मिले। जीएम से तब से आश्वासन मिल रहा है कि काम शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं शुरू हुई।
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