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चार दिन बाद ही बाजरा खरीद बंद
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:55 AM IST
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चार दिन बाद ही बाजरा खरीद बंद
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। चार दिन तक समर्थन मूल्य पर बाजरा खरीदने के बाद शुक्रवार को इसकी रेवाड़ी में खरीद नहीं हो सकी। इन चार दिनों में रेवाड़ी में जहां करीब 5100 क्विंटल वहीं कोसली में करीब 14000 क्विंटल बाजरे की खरीद हुई। बाजरा नहीं खरीदने से किसानों ने खासा रोष भी जताया।
सरकार की ओर से एक अक्तूबर से समर्थन मूल्य पर बाजरा खरीद की तिथि घोषित की गई थी। लेकिन यह नौ अक्तूबर से शुरू हो सकी। इसके बाद किसानों को गिरदावरी के फेर में उलझाया गया। बुधवार को अनाज मंडी में पहुंचे हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता के आदेश के बाद गिरदावरी की शर्तों में छूट तो मिली लेकिन किसानों का बाजरा न के बराबर ही खरीदा जा सका।
प्रधान सचिव ने आश्वासन दिया था कि किसानों का सारा बाजरा खरीदा जाएगा लेकिन हुआ एकदम उल्टा। वीरवार को रेवाड़ी की अनाज मंडी में हैफेड के अधिकारी दोपहर तक भी नहीं पहुंचे थे। बाद में किसान एडीसी कैप्टन मनोज कुमार के पास पहुंचे तो देर शाम महज एक हजार क्विंटल बाजरा खरीद किया गया। शुक्रवार को भी हालात नहीं बदले। रेवाड़ी और कोसली दोनों ही मंडियों में हैफेड के अधिकारी खरीद के लिए नहीं पहुंचे।
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सरकार का लक्ष्य 10 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीद का था। लक्ष्य से अधिक बाजरा खरीद लिया गया है जिसकी वजह से अब खरीद बंद कर दी गई है। मुख्यालय से निर्देश आने के बाद ही बाजरा खरीद की जाएगी।
-राजेश कुमार, डीएम हैफेड।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। चार दिन तक समर्थन मूल्य पर बाजरा खरीदने के बाद शुक्रवार को इसकी रेवाड़ी में खरीद नहीं हो सकी। इन चार दिनों में रेवाड़ी में जहां करीब 5100 क्विंटल वहीं कोसली में करीब 14000 क्विंटल बाजरे की खरीद हुई। बाजरा नहीं खरीदने से किसानों ने खासा रोष भी जताया।
सरकार की ओर से एक अक्तूबर से समर्थन मूल्य पर बाजरा खरीद की तिथि घोषित की गई थी। लेकिन यह नौ अक्तूबर से शुरू हो सकी। इसके बाद किसानों को गिरदावरी के फेर में उलझाया गया। बुधवार को अनाज मंडी में पहुंचे हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता के आदेश के बाद गिरदावरी की शर्तों में छूट तो मिली लेकिन किसानों का बाजरा न के बराबर ही खरीदा जा सका।
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प्रधान सचिव ने आश्वासन दिया था कि किसानों का सारा बाजरा खरीदा जाएगा लेकिन हुआ एकदम उल्टा। वीरवार को रेवाड़ी की अनाज मंडी में हैफेड के अधिकारी दोपहर तक भी नहीं पहुंचे थे। बाद में किसान एडीसी कैप्टन मनोज कुमार के पास पहुंचे तो देर शाम महज एक हजार क्विंटल बाजरा खरीद किया गया। शुक्रवार को भी हालात नहीं बदले। रेवाड़ी और कोसली दोनों ही मंडियों में हैफेड के अधिकारी खरीद के लिए नहीं पहुंचे।
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सरकार का लक्ष्य 10 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीद का था। लक्ष्य से अधिक बाजरा खरीद लिया गया है जिसकी वजह से अब खरीद बंद कर दी गई है। मुख्यालय से निर्देश आने के बाद ही बाजरा खरीद की जाएगी।
-राजेश कुमार, डीएम हैफेड।
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