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जिले में 17.5 एमएम बारिश, सड़कों पर जलभराव
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जिला सचिवालय की ओर जाने वाली सड़क पर भरा बारिश का पानी।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। जिले में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई बारिश से फसलों को फायदा कम नुकसान ज्यादा हुआ है। खेतों में पककर कटाई के लिए तैयार बाजरे की फसल काफी हद तक खराब हो चुका है। बहुत से किसानों द्वारा कटाई के बाद खेतों में सूखने के लिए छोड़ी गई फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई।
वीरवार को जिले में सुबह अच्छी धूप खिली, लेकिन दोपहर के समय मौसम ने करवट बदली। करीब दोपहर एक बजे से लगातार एक घंटे तक अच्छी बारिश हुई। वहीं बारिश के बाद एक फिर सूर्य निकल आया। बारिश के कारण कटाई नहीं हो पाने के कारण बहुत से गांवों में खेतों में फसल पूरी तरह जलमग्न है। इसी प्रकार पछेती बाजरे की फसल भी खराब होने से किसानों की परेशानियां बढ़ गई है। बाजरा, कपास और दलहन की फसलों को नुकसान होने से किसानों की मेहनत बेकार हो गई है।
जल्द सर्वेक्षण कराने की मांग:
पिछले दिनों हुई बारिश के बाद विभिन्न गांव के किसान प्रशासन से जल्द सर्वेक्षण कराकर मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना था कि खोल ब्लाक के विभिन्न गांवों में भारी बारिश के कारण बाजरे की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। गांव टींट, गोविदपुरी, बवाना गुर्जर, मामड़िया ठेठर अहीर, आसमपुर में फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसी प्रकार जाटूसाना खंड के करीब 46 गांव में फसल खराब हो गई है।
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बारिश के बाद शहर में हुआ जलभराव:
बारिश के कारण सड़कों पर हुए जलभराव से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल है। सरकुलर रोड पर घंटों जाम लगा रहा। बस स्टैंड के आसपास वाहनों की लंबी कतारें रहीं। ट्रैफिक पुलिस पानी के बीच ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु करती नजर आई। बारिश के बाद शहर में जगह जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। विभिन्न मोहल्लों के निचले इलाके में घरों के अंदर बारिश का पानी घुसने से लोग पानी निकालते देखे गए। सड़क और नालियों में पानी भरने से सीवर भी ओवरफ्लो हुए। शहर के मॉडल टाउन, कंपनी बाग, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, भाड़ावास गेट, ब्रास मार्केट, दिल्ली गेट, कानोड गेट, नाईवाली चौक, पुरानी सब्जी मंडी, नागरिक अस्पताल का मुख्यद्वार, नई आबादी, नई बस्ती, रामपुरा रोड, बस अड्डा, रेलवे रोड, नई अनाज मंडी सहित विभिन्न इलाकों में कई फुट पानी जमा होने से वाहन चालकों के साथ राहगीर भी परेशान रहे। कई जगह पानी भरने से दुपहिया और चौपहिया वाहन खराब होने से लोग जूझते रहे। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 23 डिग्री दर्ज किया गया। इससे लोगों को गर्मी से राहत रही।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, वे अपना विवरण विभाग को उपलब्ध कराएं। विभाग के अधिकारियों के साथ संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों को भी सर्वेक्षण कर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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वीरवार को जिले में सुबह अच्छी धूप खिली, लेकिन दोपहर के समय मौसम ने करवट बदली। करीब दोपहर एक बजे से लगातार एक घंटे तक अच्छी बारिश हुई। वहीं बारिश के बाद एक फिर सूर्य निकल आया। बारिश के कारण कटाई नहीं हो पाने के कारण बहुत से गांवों में खेतों में फसल पूरी तरह जलमग्न है। इसी प्रकार पछेती बाजरे की फसल भी खराब होने से किसानों की परेशानियां बढ़ गई है। बाजरा, कपास और दलहन की फसलों को नुकसान होने से किसानों की मेहनत बेकार हो गई है।
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जल्द सर्वेक्षण कराने की मांग:
पिछले दिनों हुई बारिश के बाद विभिन्न गांव के किसान प्रशासन से जल्द सर्वेक्षण कराकर मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना था कि खोल ब्लाक के विभिन्न गांवों में भारी बारिश के कारण बाजरे की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। गांव टींट, गोविदपुरी, बवाना गुर्जर, मामड़िया ठेठर अहीर, आसमपुर में फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसी प्रकार जाटूसाना खंड के करीब 46 गांव में फसल खराब हो गई है।
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बारिश के बाद शहर में हुआ जलभराव:
बारिश के कारण सड़कों पर हुए जलभराव से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल है। सरकुलर रोड पर घंटों जाम लगा रहा। बस स्टैंड के आसपास वाहनों की लंबी कतारें रहीं। ट्रैफिक पुलिस पानी के बीच ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु करती नजर आई। बारिश के बाद शहर में जगह जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। विभिन्न मोहल्लों के निचले इलाके में घरों के अंदर बारिश का पानी घुसने से लोग पानी निकालते देखे गए। सड़क और नालियों में पानी भरने से सीवर भी ओवरफ्लो हुए। शहर के मॉडल टाउन, कंपनी बाग, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, भाड़ावास गेट, ब्रास मार्केट, दिल्ली गेट, कानोड गेट, नाईवाली चौक, पुरानी सब्जी मंडी, नागरिक अस्पताल का मुख्यद्वार, नई आबादी, नई बस्ती, रामपुरा रोड, बस अड्डा, रेलवे रोड, नई अनाज मंडी सहित विभिन्न इलाकों में कई फुट पानी जमा होने से वाहन चालकों के साथ राहगीर भी परेशान रहे। कई जगह पानी भरने से दुपहिया और चौपहिया वाहन खराब होने से लोग जूझते रहे। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 23 डिग्री दर्ज किया गया। इससे लोगों को गर्मी से राहत रही।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, वे अपना विवरण विभाग को उपलब्ध कराएं। विभाग के अधिकारियों के साथ संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों को भी सर्वेक्षण कर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।