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165 आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूल में बदले गए
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रेवाड़ी। देश में नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए नींव तैयार की जा रही है वहीं प्रदेश सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से जिले के कुल 1099 आंगनबाड़ी केंद्रों के स्वरूप को बदलने में जुटी है। 165 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बदला गया है। इनमें स्कूल पूर्व शिक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में रचनात्मक काम हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास पर इस कदम का असर पड़ेगा। संतुलित आहार और स्वास्थ्य सुविधाओं पर इन केंद्रों में विशेष फोकस रहेगा।
जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन कुल 1099 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। खंडवार रेवाड़ी शहरी में 113 जबकि रेवाड़ी ग्रामीण में 264, बावल में 214, खोल में 181, जाटूसाना में 184 और नाहड़ में 143 ऐसे केंद्र संचालित हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी उर्मिला सिवाच ने बताया कि सरकार ने महिला एवं बाल विकास केंद्रों का स्वरूप बदलने का निर्णय लिया। सरकार का प्ले स्कूल शुरू करने का निर्णय महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर गहरा प्रभाव पड़ा और उसकी भरपाई के लिए प्ले स्कूलों के माध्यम से अब प्रार्थना सत्र, योगा कक्षाएं एवं अन्य गतिविधियां भी आयोजित कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की ओर से प्रदेश में प्ले स्कूल खोलने की घोषणा करने के साथ ही बाल विकास के नए दौर के शुरूआत हो गई। सरकार के इस काम को ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका, सुपरवाइजर, सीडीपीओ आगे बढ़ाएंगी, जबकि जिला स्तर पर सारी गतिविधियों की निगरानी परियोजना अधिकारी करेंगी।
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जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन कुल 1099 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। खंडवार रेवाड़ी शहरी में 113 जबकि रेवाड़ी ग्रामीण में 264, बावल में 214, खोल में 181, जाटूसाना में 184 और नाहड़ में 143 ऐसे केंद्र संचालित हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी उर्मिला सिवाच ने बताया कि सरकार ने महिला एवं बाल विकास केंद्रों का स्वरूप बदलने का निर्णय लिया। सरकार का प्ले स्कूल शुरू करने का निर्णय महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर गहरा प्रभाव पड़ा और उसकी भरपाई के लिए प्ले स्कूलों के माध्यम से अब प्रार्थना सत्र, योगा कक्षाएं एवं अन्य गतिविधियां भी आयोजित कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की ओर से प्रदेश में प्ले स्कूल खोलने की घोषणा करने के साथ ही बाल विकास के नए दौर के शुरूआत हो गई। सरकार के इस काम को ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका, सुपरवाइजर, सीडीपीओ आगे बढ़ाएंगी, जबकि जिला स्तर पर सारी गतिविधियों की निगरानी परियोजना अधिकारी करेंगी।
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