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वेतन बढ़ोतरी में भेदभाव का आरोप लगा शिक्षिकाओं ने छोड़ी क्लास, समर्थन में विद्यार्थी भी आए...

Wed, 23 Jan 2019 12:32 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jan 2019 12:32 AM IST
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वेतन बढ़ोतरी में भेदभाव का आरोप लगा शिक्षिकाओं ने छोड़ी क्लास, समर्थन में विद्यार्थी भी आए...
वेतन बढ़ोतरी में भेदभाव का आरोप लगा शिक्षिकाओं ने छोड़ी क्लास, समर्थन में विद्यार्थी भी आए
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। पब्लिक एजुकेशन बोर्ड की ओर से संचालित शहर के सतीश पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अध्यापिकाओं ने मंगलवार को प्रबंधन पर वेतन बढ़ोतरी में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। अध्यापिकाओं के कक्षाओं में नहीं आने के बाद विद्यालय के विद्यार्थी भी उनके समर्थन में आ गए और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लगभग चार घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रबंधन और अध्यापिकाओं के बीच हुई बात के बाद उनकी मांगें मान ली गईं। इसके बाद विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो सका।
सतीश सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 30 शिक्षकों का स्टाफ है। विद्यालय की अध्यापिका संगीता देवी, मंजू देवी, निशा देवी, सविता देवी सहित अन्य ने बताया कि प्रबंधन की तरफ से इस बार जो वेतन बढ़ोतरी की गई है वह सभी की नहीं करके कुछ ही अध्यापिकाओं की गई है। अध्यापिकाओं ने आरोप लगाया नियमानुसार यह वेतन बढ़ोतरी नवंबर माह से ही होनी थी, लेकिन इस समय पर वेतन नहीं बढ़ाने के साथ केवल कुछ ही अध्यापिकाओं की वेतन बढ़ोतरी की गई है। उनको जो इंक्रीमेंट दिया है वह 9 से 10 हजार रुपये तक का है जबकि उनका एक रुपया तक नहीं बढ़ाया गया है। इसके बाद पिछले कई दिनों से वेतन बढ़ोतरी से वंचित स्टाफ सदस्यों का रोष बढ़ता चला गया। मंगलवार को सुबह जब स्कूल की कक्षाएं प्रारंभ हुई तो वेतन बढ़ोतरी से वंचित रही अध्यापिकाएं अपनी कक्षाओं में नहीं पहुंचीं और उन्होंने कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए स्कूल के मुख्य गेट के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन करना प्रारंभ कर दिया। विद्यार्थियों को इस बात का पता चला तो वे भी समर्थन में आ गए। मामला जब प्रबंधन तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। इसके बाद प्रबंधन समिति के प्रधान डॉ. एलएन शर्मा और प्राचार्य सुरेश कुमार शर्मा ने अध्यापिकाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे वेतन बढ़ोतरी की मांग पर अड़ी। इसके बाद अध्यापिकाओं और प्रबंधन के बीच वार्ता हुई जिसमें प्रबंधन ने सभी वंचित स्टाफ का वेतन बढ़ोतरी का आश्वासन दिया जिसके बाद ही अध्यापिकाएं कक्षाओं में लौटी।
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यह मामूली विवाद था। हमने स्टाफ को वेतन बढ़ोतरी नवंबर की बजाय बाद में बढ़ाने का आश्वासन दिया था। कुछ ऐसे कर्मचारियों का वेतन अधिक इसलिए बढ़ाया गया है, क्योंकि उनका वेतन बहुत कम था। अब उनकी मांग मान ली गई हैं और नवंबर से बढ़ा हुआ वेतन दे दिया जाएगा।
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- डॉ.एलएन शर्मा, प्रधान प्रबंधन समिति।
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