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फीस बढ़ोतरी का विरोध

Tue, 23 Jan 2018 11:54 PM IST
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:54 PM IST
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फीस बढ़ोतरी का विरोध
फीस बढ़ोत्तरी के विरोध में डीआरओ को सौंपा ज्ञापन
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नवोदय के पूर्व छात्रों ने एनवीएस की तरफ से फीस बढ़ाए जाने के विरोध में जिला राजस्व मानस अधिकारी मलिक के माध्यम से नवोदय विद्यालय समिति के कार्यकारी अध्यक्ष और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर के नाम ज्ञापन सौंपा। पूर्व नवोदय विद्यार्थियों ने बताया कि नवोदय विद्यालय समिति द्वारा देश में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालयों के ‘विद्यालय विकास निधि’ को बढ़ाकर 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों की लिए फीस 600 रुपये प्रति माह कर दी गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के तहत भारत में हर जिले में एक ऐसे आवासीय विद्यालय खोले गये जिससे ग्रामीण परिवेश के जरूरतमंद और होनकार छात्र पूर्णतया निशुल्क पढ़ें। 1985 से 2003 तक कोई फीस नहीं वसूली गई। वर्ष 2003 में पहली बार जवाहर नवोदय विद्यालयों में 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए प्रति माह 200 रुपये फीस निर्धारित की थी। हाल ही में एनवीएस ने बच्चों के लिए 600 रुपये प्रति माह फीस निर्धारित की है। इसके अलावा सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के बच्चों के लिए 1500 रुपये प्रति माह निर्धारित की है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला तथा सामान्य वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे के विद्यार्थियों को इस फीस से मुक्ति दी गई है। नवोदियन ने कहा कि नवोदय विद्यालयों में अति पिछड़े जरूरतमंद एवं होनहार ग्रामीण परिवेश के छात्रों को शहरी स्तर की निशुल्क गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा उपलब्ध करवाई जाती है। एनवीएस द्वारा इन विद्यालयों में फीस को दोबारा बढ़ाया जाना एक प्रतिगामी एवं विघटनकारी कदम है जो नवोदय की राष्ट्रीय एकता और बंधुत्व की भावना के ना केवल विपरित है बल्कि नवोदय की ग्रामीण टैलेंट को आगे लाने की दूरगामी नीति के लिए और ग्रामीण परिवेश के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए बाधक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और बंधुत्व के पर्याय नवोदय विद्यालय में यह फीस भी विघटनकारी की तरह से निर्धारित की गई है। यह फीस सिर्फ सामान्य वर्ग के गरीबी रेखा से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए ही अधिसूचित की गई है।

उन्होंने बताया कि नवोदय में चयन होकर प्रवेश पाना एक तरह से छात्रवृत्ति है। किसी वर्ग विशेष को फीस आरोपित कर विभेद किया जाना तार्किक नहीं है। इसका काफी नकारात्मक संदेश है जो नवोदय जैसे संस्थान के साथ न्याय नहीं है। इस मौके पर नरेश कुमार, अजय यादव, अरुण, नितेश, रूमन देवी, कृष्ण कुमार आदि मौजूद थे।
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