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शहर को मिलेगी कचड़े की समस्या से निजात
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:41 PM IST
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शहर को मिलेगी कचरा की समस्या से निजात
प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
नए साल में सफाई व्यवस्था को पंख लगेंगे। रामसिंहपुरा में बन रहे ठोस कचरा प्रबंधन के प्लांट के टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके बाद शहर में कचरे की समस्या से निजात मिलेगी। रामसिंहपुरा में ठोस कचरा संयंत्र लगना है। सिंचाई विभाग की पांच एकड़ जमीन पर लगने वाले इस प्लांट के लिए 4.55 करोड़ रुपये भी दे दिए हैं। अब शीघ्र ही इसके स्टांप एग्जीब्शन का काम पूरा होने को है। इसके बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस प्लांट पर करीब 72.65 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उल्लेखनीय है कि इस संयंत्र से रेवाड़ी के अतिरिक्त धारूहेड़ा, बावल, नांगल चौधरी, अटेली मंडी, कनीना और महेंद्रगढ़ के ठोस कचरे का निस्तारण होना है। अभी हाल में रेवाड़ी शहर का सारा कचरा वहीं डाला जाता है। निस्तारण नहीं होने से परेशानी हो जाती है।
पांच जिलों में भी बनेंगे संयंत्र
फिलहाल प्रदेश में यह ठोस कचरा प्रबंधन का प्लांट फरीदाबाद में बना हुआ है। रेवाड़ी के अतिरिक्त यह करनाल, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, भिवानी और पंचकूला में भी बनना है। इनके बनने पर घरों से निकलने वाले कूड़े को प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कंपनी पर रहेगी। इसके अतिरिक्त बाजारों या बाहरी क्षेत्र की सफाई का जिम्मा नगर परिषद के सफाई कर्मचारी संभालेंगे।
37 डंपिंग प्वाइंट से उठता है 60 टन कचरा
वर्तमान में नगर परिषद के पास 409 स्थायी और अस्थायी सफाई कर्मचारी हैं। शहर में कुल 37 डंपिंग प्वाइंट हैं। इनसे प्रतिदिन 50 से 60 टन कचरा उठाया जाता है। नगर परिषद के पास सफाई के लिए एक जेसीबी, एक लोडर, चार ट्रैक्टर-ट्रॉली, 65 रिक्शा, 200 रेहड़ी, दो हाइवा, चार डंपर और दो टिप्पर हैं। जिन्हें सफाई के लिए उपयोग में लिया जाता है। इस कचरे को इन डंपिंग प्वाइंट से उठाकर इस प्लांट में डाल दिया जाता है। लेकिन इसके प्रबंधन की व्यवस्था नहीं होने से समस्या खड़ी हो जाती है। इन आठ जगहों से निकलने वालों इस प्लांट में डालने से पहले इसे अलग-अलग किया जाएगा। इसके बाद इनका उपयोग किया जाएगा। जैसे गीले कचरा के उपयोग कंपोस्ट खाद बनाने में होगा। वहीं पॉलीथिन से फ्यूल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त भी कचरे का उपयोग अलग-अलग तरीके से किया जाएगा।
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15 दिन बाद होना है सर्वे
केंद्र सरकार की ओर से शहरों की स्वच्छता रिपोर्ट पर आधारित सर्वे 15 दिन में शुरू होने वाला है। वर्ष 2015 में रेवाड़ी की स्वच्छता पर रैंकिंग 468 थी। वहीं यह 2017 में 303 पर आ गई। इस बार नगर परिषद अपना स्थान और अधिक ऊपर लाना चाहती है। यही कारण है कि नगर परिषद ने सोमवार रात से शहर के बाजारों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था भी शुरू करा दी। रात को बाजार बंद होने के बाद करीब 35 कर्मचारियों ने बाजार की सफाई की। पहले यह सफाई सुबह सात बजे शुरू होती थी। उस समय दुकानें खुलने के बाद फिर से गंदगी हो जाती थी। लेकिन अब नगर परिषद इसे रात्रि में ही कर रही है। हालांकि रात को सफाई होने के बाद अल सुबह ही सड़कों पर फिर से गंदगी के ढेर देखे गए।
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रामसिंहपुरा मेें बनने वाले ठोस कचरा प्रबंधन के लिए हमने राशि जमा करा दी है। शीघ्र ही इसके टेंडर छोड़े जाएंगे। इससे इसका उपयोग पूरा होगा। - मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद
ठोस कचरा प्रबंधन हमारी एक व्यापक योजना है। काफी लंबी लड़ाई के बाद इस पर आगे बढ़े हैं। अब शीघ्र ही इस पर काम शुरू कराया जाएगा। - रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी
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प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
नए साल में सफाई व्यवस्था को पंख लगेंगे। रामसिंहपुरा में बन रहे ठोस कचरा प्रबंधन के प्लांट के टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके बाद शहर में कचरे की समस्या से निजात मिलेगी। रामसिंहपुरा में ठोस कचरा संयंत्र लगना है। सिंचाई विभाग की पांच एकड़ जमीन पर लगने वाले इस प्लांट के लिए 4.55 करोड़ रुपये भी दे दिए हैं। अब शीघ्र ही इसके स्टांप एग्जीब्शन का काम पूरा होने को है। इसके बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस प्लांट पर करीब 72.65 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उल्लेखनीय है कि इस संयंत्र से रेवाड़ी के अतिरिक्त धारूहेड़ा, बावल, नांगल चौधरी, अटेली मंडी, कनीना और महेंद्रगढ़ के ठोस कचरे का निस्तारण होना है। अभी हाल में रेवाड़ी शहर का सारा कचरा वहीं डाला जाता है। निस्तारण नहीं होने से परेशानी हो जाती है।
पांच जिलों में भी बनेंगे संयंत्र
फिलहाल प्रदेश में यह ठोस कचरा प्रबंधन का प्लांट फरीदाबाद में बना हुआ है। रेवाड़ी के अतिरिक्त यह करनाल, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, भिवानी और पंचकूला में भी बनना है। इनके बनने पर घरों से निकलने वाले कूड़े को प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कंपनी पर रहेगी। इसके अतिरिक्त बाजारों या बाहरी क्षेत्र की सफाई का जिम्मा नगर परिषद के सफाई कर्मचारी संभालेंगे।
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37 डंपिंग प्वाइंट से उठता है 60 टन कचरा
वर्तमान में नगर परिषद के पास 409 स्थायी और अस्थायी सफाई कर्मचारी हैं। शहर में कुल 37 डंपिंग प्वाइंट हैं। इनसे प्रतिदिन 50 से 60 टन कचरा उठाया जाता है। नगर परिषद के पास सफाई के लिए एक जेसीबी, एक लोडर, चार ट्रैक्टर-ट्रॉली, 65 रिक्शा, 200 रेहड़ी, दो हाइवा, चार डंपर और दो टिप्पर हैं। जिन्हें सफाई के लिए उपयोग में लिया जाता है। इस कचरे को इन डंपिंग प्वाइंट से उठाकर इस प्लांट में डाल दिया जाता है। लेकिन इसके प्रबंधन की व्यवस्था नहीं होने से समस्या खड़ी हो जाती है। इन आठ जगहों से निकलने वालों इस प्लांट में डालने से पहले इसे अलग-अलग किया जाएगा। इसके बाद इनका उपयोग किया जाएगा। जैसे गीले कचरा के उपयोग कंपोस्ट खाद बनाने में होगा। वहीं पॉलीथिन से फ्यूल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त भी कचरे का उपयोग अलग-अलग तरीके से किया जाएगा।
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15 दिन बाद होना है सर्वे
केंद्र सरकार की ओर से शहरों की स्वच्छता रिपोर्ट पर आधारित सर्वे 15 दिन में शुरू होने वाला है। वर्ष 2015 में रेवाड़ी की स्वच्छता पर रैंकिंग 468 थी। वहीं यह 2017 में 303 पर आ गई। इस बार नगर परिषद अपना स्थान और अधिक ऊपर लाना चाहती है। यही कारण है कि नगर परिषद ने सोमवार रात से शहर के बाजारों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था भी शुरू करा दी। रात को बाजार बंद होने के बाद करीब 35 कर्मचारियों ने बाजार की सफाई की। पहले यह सफाई सुबह सात बजे शुरू होती थी। उस समय दुकानें खुलने के बाद फिर से गंदगी हो जाती थी। लेकिन अब नगर परिषद इसे रात्रि में ही कर रही है। हालांकि रात को सफाई होने के बाद अल सुबह ही सड़कों पर फिर से गंदगी के ढेर देखे गए।
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रामसिंहपुरा मेें बनने वाले ठोस कचरा प्रबंधन के लिए हमने राशि जमा करा दी है। शीघ्र ही इसके टेंडर छोड़े जाएंगे। इससे इसका उपयोग पूरा होगा। - मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद
ठोस कचरा प्रबंधन हमारी एक व्यापक योजना है। काफी लंबी लड़ाई के बाद इस पर आगे बढ़े हैं। अब शीघ्र ही इस पर काम शुरू कराया जाएगा। - रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी