{"_id":"672e4e6c364ab4815b0d91b9","slug":"15543-cases-settled-amount-of-rs-963-crore-paid-rewari-news-c-198-1-rew1001-211411-2024-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: 15543 मुकदमों का किया निपटारा, 9.63 करोड़ की राशि का हुआ भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: 15543 मुकदमों का किया निपटारा, 9.63 करोड़ की राशि का हुआ भुगतान
Fri, 08 Nov 2024 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 08 Nov 2024 11:16 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नागरिकों के लिए न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित कराने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 9 नवंबर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस मनाया जाता है। इसी उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित होने वाली लोक अदालत के अलावा राष्ट्रीय रोक अदालत में लोगों को न्याय मिलता है। लोक अदालत के दौरान रेवाड़ी में 15543 मुकदमों का निपटारा किया गया और कुल 9.63 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
प्राधिकरण की ओर से शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत में सितंबर तक 88 मोटर दुर्घटना मुआवजा के मामलों का निपटारा करते हुए 8 करोड़ 99 लाख 82 हजार 944 रुपये मोटर दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों व घायलों को वितरित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत 13 सितंबर को किया गया था। इसमें 237 मामलों का निपटारा करते हुए 21,73,417 रुपये स्वीकृत किए गए थे। 25 चेक बाउंस, 26 दीवानी मामले व 327 बिजली के मामले व अन्य मामलों का निपटारा किया गया। इस लोक अदालत के दौरान रेवाड़ी जिले में 15543 मुकदमों का निपटारा किया गया तथा कुल 9 करोड़ 63 लाख 43 हजार 68 रुपए की राशि का भुगतान हुआ था।
राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का उद्देश्य आम लोगों को कानून के प्रति जागरूक करना, कमजोर वर्ग को मुफ्त कानूनी सहायता देने, अपराध पीड़ितों को मुआवजा दिलाना, सुलह, मध्यस्थता के माध्यम से विवाद का समाधान कराना है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का महत्त्व
भारत में हाशिए पर रहने वाले समुदायों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों सहित समाज के कमजोर वर्गों के लोगों के पास कानूनी सेवाओं तक पहुंच नहीं है। ऐसे में उन्हें राहत प्रदान करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की ओर से कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम पारित किया गया था। जिस दिन यह अधिनियम पारित किया गया था, उस दिन नागरिकों के बीच कानूनी जागरूकता फैलाने के लिए कानूनी सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में कानूनी सेवा दिवस की स्थापना की थी। तब से यह हर साल 9 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत के बाद देश में कानूनी सेवाओं की पहुंच में काफी सुधार हुआ है। नालसा के तहत राज्य और जिला स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण और समितियां भी गठित की गई हैं।
कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित वर्मा ने बताया कि जनसाधारण को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हेल्पलाइन नंबर 15100 जारी किया गया है। इस नंबर के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। यह पहल न्याय व्यवस्था को आम जनता तक पहुंचाने और लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी हेल्पलाइन नंबर 01274-220 062 है जिस पर कानूनी जानकारी ली जा सकती है।
विज्ञापन
रेवाड़ी। नागरिकों के लिए न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित कराने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 9 नवंबर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस मनाया जाता है। इसी उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित होने वाली लोक अदालत के अलावा राष्ट्रीय रोक अदालत में लोगों को न्याय मिलता है। लोक अदालत के दौरान रेवाड़ी में 15543 मुकदमों का निपटारा किया गया और कुल 9.63 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
प्राधिकरण की ओर से शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत में सितंबर तक 88 मोटर दुर्घटना मुआवजा के मामलों का निपटारा करते हुए 8 करोड़ 99 लाख 82 हजार 944 रुपये मोटर दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों व घायलों को वितरित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत 13 सितंबर को किया गया था। इसमें 237 मामलों का निपटारा करते हुए 21,73,417 रुपये स्वीकृत किए गए थे। 25 चेक बाउंस, 26 दीवानी मामले व 327 बिजली के मामले व अन्य मामलों का निपटारा किया गया। इस लोक अदालत के दौरान रेवाड़ी जिले में 15543 मुकदमों का निपटारा किया गया तथा कुल 9 करोड़ 63 लाख 43 हजार 68 रुपए की राशि का भुगतान हुआ था।
विज्ञापन
राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का उद्देश्य आम लोगों को कानून के प्रति जागरूक करना, कमजोर वर्ग को मुफ्त कानूनी सहायता देने, अपराध पीड़ितों को मुआवजा दिलाना, सुलह, मध्यस्थता के माध्यम से विवाद का समाधान कराना है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का महत्त्व
भारत में हाशिए पर रहने वाले समुदायों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों सहित समाज के कमजोर वर्गों के लोगों के पास कानूनी सेवाओं तक पहुंच नहीं है। ऐसे में उन्हें राहत प्रदान करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की ओर से कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम पारित किया गया था। जिस दिन यह अधिनियम पारित किया गया था, उस दिन नागरिकों के बीच कानूनी जागरूकता फैलाने के लिए कानूनी सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में कानूनी सेवा दिवस की स्थापना की थी। तब से यह हर साल 9 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत के बाद देश में कानूनी सेवाओं की पहुंच में काफी सुधार हुआ है। नालसा के तहत राज्य और जिला स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण और समितियां भी गठित की गई हैं।
कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित वर्मा ने बताया कि जनसाधारण को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हेल्पलाइन नंबर 15100 जारी किया गया है। इस नंबर के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। यह पहल न्याय व्यवस्था को आम जनता तक पहुंचाने और लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी हेल्पलाइन नंबर 01274-220 062 है जिस पर कानूनी जानकारी ली जा सकती है।