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रोडवेज कर्मचारियों ने शहर में किया प्रदर्शन, अन्य विभागों का समर्थन भी रहा बेअसर, सस्पेंड के डर से लौटे चार कर्मचारी..
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। एस्मा के तहत दर्ज मामलों में राहत और रोडवेज बेड़े में निजी बसों को शामिल करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी रहा। उधर सर्व कर्मचारी संघ सहित अन्य यूनियनों के कर्मचारियों द्वारा समर्थन में की गई हड़ताल का भी जिला में बिजली निगम को छोड़कर किसी भी विभाग में कोई असर नहीं रहा। बुधवार को भी जिले के साढ़े 12 हजार कर्मचारियों में 1100 के लगभग कर्मचारी हड़ताल पर रहे। वहीं रोडवेज कर्मचारियों ने शहर में प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सस्पेंड होने के डर से लौटे चार कर्मचारी
उधर हड़ताल के दिनों में हो रही लगातार बढ़ोतरी की वजह के साथ कर्मचारियों का सस्पेंड करने के बाद कुछ कर्मचारी हड़ताल बीच में छोड़कर काम पर लौट आए हैं। बुधवार को रोडवेज के तीन निरीक्षक और एक चालक ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली। महाप्रबंधक की तरफ से इन निरीक्षकों को सस्पेंड करने की अनुशंसा का पत्र मुख्यालय भेज दिया गया था जिसके बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया था। वहीं मंगलवार को भी 16 गिरफ्तार किए गए कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। फिलहाल हड़ताल पर रोडवेज के 400 कर्मचारी बचे हैं जिसमें सबसे अधिक 182 परिचालक हैं। वहीं बुधवार को रोडवेज प्रबंधन ने अनुबंध के आधार पर लगे चालक और परिचालकों के माध्यम से 129 बसों का संचालन किया।
अनुबंध पर लगने वाले परिचालकों की सूची जारी
सरकार द्वारा हड़ताल से निपटने के लिए रेवाड़ी डिपो में 43 अनुबंध के आधार पर परिचालकों से आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 600 आवेदन आए जिनके आधार पर बुधवार को शाम को सफल हुए परिचालकों की सूची चस्पा कर दी गई है। हालांकि चयन में केवल 36 ही सफल हुए हैं। चयनित अभ्यर्थी 3 नवंबर तक आपत्तियां दे सकते हैं जिसके बाद फाइनल सूची जारी की जाएगी।
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कर्मचारियों ने दिखाई ताक
उधर रोडवेज कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर को शहर के जवाहरलाल नेहरू पार्क से पैदल मार्च करते हुए पूरे शहर में रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शहर के सरकुलर रोड पर भारी पुलिस बल साथ रहा क्योंकि आंदोलन की वजह से बढ़ रहे कर्मियों को देखते हुए पुलिस बल मुस्तैद रहा।
बिजली निगम कार्यालय में आने वाले उपभोक्ता रहे परेशान
रोडवेज कर्मियों के समर्थन में अन्य विभागों की दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन बिजली निगम को छोड़कर किसी भी विभाग में हड़ताल का असर नहीं रहा। बिजली निगम में बिलों को भरने और त्रुटि ठीक करने का अलावा कोई काम नहीं हुआ। इसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। रामसिंहपुरा निवासी रामपत, उत्तम नगर निवासी राजकुमारी, रामबास मोहल्ला निवासी अंकित ने बताया कि उनको मीटर को लेकर शिकायत थी लेकिन यहां पर तमाम कर्मचारियों के हड़ताल पर होने की वजह से लगातार दो दिनों तक चक्कर लगा रहे हैं।
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रेवाड़ी। एस्मा के तहत दर्ज मामलों में राहत और रोडवेज बेड़े में निजी बसों को शामिल करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी रहा। उधर सर्व कर्मचारी संघ सहित अन्य यूनियनों के कर्मचारियों द्वारा समर्थन में की गई हड़ताल का भी जिला में बिजली निगम को छोड़कर किसी भी विभाग में कोई असर नहीं रहा। बुधवार को भी जिले के साढ़े 12 हजार कर्मचारियों में 1100 के लगभग कर्मचारी हड़ताल पर रहे। वहीं रोडवेज कर्मचारियों ने शहर में प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सस्पेंड होने के डर से लौटे चार कर्मचारी
उधर हड़ताल के दिनों में हो रही लगातार बढ़ोतरी की वजह के साथ कर्मचारियों का सस्पेंड करने के बाद कुछ कर्मचारी हड़ताल बीच में छोड़कर काम पर लौट आए हैं। बुधवार को रोडवेज के तीन निरीक्षक और एक चालक ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली। महाप्रबंधक की तरफ से इन निरीक्षकों को सस्पेंड करने की अनुशंसा का पत्र मुख्यालय भेज दिया गया था जिसके बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया था। वहीं मंगलवार को भी 16 गिरफ्तार किए गए कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। फिलहाल हड़ताल पर रोडवेज के 400 कर्मचारी बचे हैं जिसमें सबसे अधिक 182 परिचालक हैं। वहीं बुधवार को रोडवेज प्रबंधन ने अनुबंध के आधार पर लगे चालक और परिचालकों के माध्यम से 129 बसों का संचालन किया।
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अनुबंध पर लगने वाले परिचालकों की सूची जारी
सरकार द्वारा हड़ताल से निपटने के लिए रेवाड़ी डिपो में 43 अनुबंध के आधार पर परिचालकों से आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 600 आवेदन आए जिनके आधार पर बुधवार को शाम को सफल हुए परिचालकों की सूची चस्पा कर दी गई है। हालांकि चयन में केवल 36 ही सफल हुए हैं। चयनित अभ्यर्थी 3 नवंबर तक आपत्तियां दे सकते हैं जिसके बाद फाइनल सूची जारी की जाएगी।
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कर्मचारियों ने दिखाई ताक
उधर रोडवेज कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर को शहर के जवाहरलाल नेहरू पार्क से पैदल मार्च करते हुए पूरे शहर में रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शहर के सरकुलर रोड पर भारी पुलिस बल साथ रहा क्योंकि आंदोलन की वजह से बढ़ रहे कर्मियों को देखते हुए पुलिस बल मुस्तैद रहा।
बिजली निगम कार्यालय में आने वाले उपभोक्ता रहे परेशान
रोडवेज कर्मियों के समर्थन में अन्य विभागों की दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन बिजली निगम को छोड़कर किसी भी विभाग में हड़ताल का असर नहीं रहा। बिजली निगम में बिलों को भरने और त्रुटि ठीक करने का अलावा कोई काम नहीं हुआ। इसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। रामसिंहपुरा निवासी रामपत, उत्तम नगर निवासी राजकुमारी, रामबास मोहल्ला निवासी अंकित ने बताया कि उनको मीटर को लेकर शिकायत थी लेकिन यहां पर तमाम कर्मचारियों के हड़ताल पर होने की वजह से लगातार दो दिनों तक चक्कर लगा रहे हैं।