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न समस्या का समाधान
Updated Fri, 09 Jun 2017 08:16 PM IST
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कब्जा हटाने को डेढ़ साल पहले दी शिकायत, पटवारी और सरपंच ने सौंपी झूठी रिपोर्ट, अभी तक न हुई कार्रवाई न हटा कब्जा
डेढ़ साल पहले दी शिकायत, इंक्वायरी में सरपंच और पटवारी मिले दोषी, डीसी के फैसले पर अटकी कार्रवाई
सवालों में सीएम विंडो : गांव छव्वा में नाली निर्माण और अवैध कब्जे को लेकर न दोषियों पर कार्रवाई हुई और न ही समस्या का समाधान हुआ
फोटो 1, 2
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
बेशक प्रदेश सरकार सीएम विंडो के माध्यम से जनता की समस्याओं के समाधान करने का दम भर रही हो, लेकिन धरातल पर सीएम विंडो की सच्चाई कुछ और ही दिखाई पड़ रही है। गांव छव्वा में नाली निर्माण और अवैध कब्जे को लेकर शिकायत सरकार और अधिकारियों के समस्या हल करने की दावों की परत खोल रही है। गांव छव्वा के एक व्यक्ति द्वारा सीएम विंडो पर डेढ़ साल पहले शिकायत दी जाती है, फिर इंक्वायरी में सरपंच और पटवारी के झूठा समाधान करने संबंधी रिपोर्ट सामने आती है। इसके बावजूद न तो दोषियों पर कार्रवाई होती है और न ही समस्या का समाधान। जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
यह है मामला
गांव छव्वा निवासी पूर्व बिजली कर्मचारी रतन सिंह ने डेढ़ साल पहले घर के सामने बने रोड के किनारे अवैध कब्जे को हटवाकर नाली निर्माण करवाने को लेकर सीएम विंडो में शिकायत डाली थी। शिकायत में रतन सिंह ने मुख्य सड़क से कनेक्ट 33 फीट लंबे रास्ते पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा चार फीट जगह पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। शिकायत के समाधान में सरपंच ने बीडीपीओ नाहड़ को अवैध कब्जा हटवाकर रुकावट दूर करने की रिपोर्ट सौंप दी। जबकि असल में कब्जा हटा ही नहीं थी और न ही बीडीपीओ ने मौका का मुआयना किया था। इसके बाद रतन सिंह ने सीएम विंडो में फिर से जगह का मुआयना करवाकर सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने संबंधी शिकायत दर्ज की। जिसके बाद शिकायत पर इंक्वायरी करने के लिए पंचायत विभाग के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लेटर भेजा गया।
डिप्टी सीईओ की रिपोर्ट में सरपंच-पटवारी पाए गए दोषी
पंचायत विभाग के डिप्टी सीईओ ने मौका का मुआयना करवाकर जांच रिपोर्ट तैयार की। जानकारी मुताबिक रिपोर्ट में सामने आया कि सरपंच और पटवारी द्वारा जगह की पैमाइश करवाए बगैर तथा बिना कब्जा हटाए झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। जिसके चलते इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई बनती है। इंक्वायरी रिपोर्ट जिला उपायुक्त के पास पहुंची। डीसी ने सरपंच और पटवारी को कारण बताओ नोटिस भेजा और निजी सुनवाई के लिए भी बुलाया। जानकारी मुताबिक पंचायत विभाग के डिप्टी सीईओ की इंक्वायरी रिपोर्ट में सरपंच और पटवारी को दोषी ठहराने के बाद कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है।
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‘साहब’ के फैसले की पीछे अटका समाधान
शिकायतकर्ता रतन सिंह ने बताया कि मामले में डीसी ने पूरी इंक्वायरी रिपोर्ट देख ली है तथा सरपंच व पटवारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए और निजी सुनवाई भी कर ली। बावजूद इसके डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी फैसला नहीं आया है। जिसके चलते उक्त दोनों लोगों पर न कार्रवाई हुई और न ही समस्या का समाधान हो रहा है। रतन सिंह ने इन्क्वायरी रिपोर्ट में दोषी पाए गए सरपंच और पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा समस्या का प्राथमिकता से समाधान करवाने के संदर्भ में भी सीएम विंडो में शिकायत लगाई है।
गांव छव्वा में अवैध कब्जे के मामले में आई डिप्टी सीईओ की इंक्वायरी रिपोर्ट को डीसी को भेज दिया गया था। रिपोर्ट में सरपंच और खंड पटवारी द्वारा झूठा समाधान देने की पुष्टि हुई है। जिसको लेकर जिला उपायुक्त ने दोनों को कारण बताओ नोटिस भेजे तथा निजी सुनवाई की है। अंतिम निर्णय जिला उपायुक्त द्वारा लिया जाएगा। -आरसी शर्मा, डीडीपीओ, रेवाड़ी।
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डेढ़ साल पहले दी शिकायत, इंक्वायरी में सरपंच और पटवारी मिले दोषी, डीसी के फैसले पर अटकी कार्रवाई
सवालों में सीएम विंडो : गांव छव्वा में नाली निर्माण और अवैध कब्जे को लेकर न दोषियों पर कार्रवाई हुई और न ही समस्या का समाधान हुआ
फोटो 1, 2
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
बेशक प्रदेश सरकार सीएम विंडो के माध्यम से जनता की समस्याओं के समाधान करने का दम भर रही हो, लेकिन धरातल पर सीएम विंडो की सच्चाई कुछ और ही दिखाई पड़ रही है। गांव छव्वा में नाली निर्माण और अवैध कब्जे को लेकर शिकायत सरकार और अधिकारियों के समस्या हल करने की दावों की परत खोल रही है। गांव छव्वा के एक व्यक्ति द्वारा सीएम विंडो पर डेढ़ साल पहले शिकायत दी जाती है, फिर इंक्वायरी में सरपंच और पटवारी के झूठा समाधान करने संबंधी रिपोर्ट सामने आती है। इसके बावजूद न तो दोषियों पर कार्रवाई होती है और न ही समस्या का समाधान। जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
यह है मामला
गांव छव्वा निवासी पूर्व बिजली कर्मचारी रतन सिंह ने डेढ़ साल पहले घर के सामने बने रोड के किनारे अवैध कब्जे को हटवाकर नाली निर्माण करवाने को लेकर सीएम विंडो में शिकायत डाली थी। शिकायत में रतन सिंह ने मुख्य सड़क से कनेक्ट 33 फीट लंबे रास्ते पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा चार फीट जगह पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। शिकायत के समाधान में सरपंच ने बीडीपीओ नाहड़ को अवैध कब्जा हटवाकर रुकावट दूर करने की रिपोर्ट सौंप दी। जबकि असल में कब्जा हटा ही नहीं थी और न ही बीडीपीओ ने मौका का मुआयना किया था। इसके बाद रतन सिंह ने सीएम विंडो में फिर से जगह का मुआयना करवाकर सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने संबंधी शिकायत दर्ज की। जिसके बाद शिकायत पर इंक्वायरी करने के लिए पंचायत विभाग के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लेटर भेजा गया।
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डिप्टी सीईओ की रिपोर्ट में सरपंच-पटवारी पाए गए दोषी
पंचायत विभाग के डिप्टी सीईओ ने मौका का मुआयना करवाकर जांच रिपोर्ट तैयार की। जानकारी मुताबिक रिपोर्ट में सामने आया कि सरपंच और पटवारी द्वारा जगह की पैमाइश करवाए बगैर तथा बिना कब्जा हटाए झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। जिसके चलते इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई बनती है। इंक्वायरी रिपोर्ट जिला उपायुक्त के पास पहुंची। डीसी ने सरपंच और पटवारी को कारण बताओ नोटिस भेजा और निजी सुनवाई के लिए भी बुलाया। जानकारी मुताबिक पंचायत विभाग के डिप्टी सीईओ की इंक्वायरी रिपोर्ट में सरपंच और पटवारी को दोषी ठहराने के बाद कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है।
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‘साहब’ के फैसले की पीछे अटका समाधान
शिकायतकर्ता रतन सिंह ने बताया कि मामले में डीसी ने पूरी इंक्वायरी रिपोर्ट देख ली है तथा सरपंच व पटवारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए और निजी सुनवाई भी कर ली। बावजूद इसके डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी फैसला नहीं आया है। जिसके चलते उक्त दोनों लोगों पर न कार्रवाई हुई और न ही समस्या का समाधान हो रहा है। रतन सिंह ने इन्क्वायरी रिपोर्ट में दोषी पाए गए सरपंच और पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा समस्या का प्राथमिकता से समाधान करवाने के संदर्भ में भी सीएम विंडो में शिकायत लगाई है।
गांव छव्वा में अवैध कब्जे के मामले में आई डिप्टी सीईओ की इंक्वायरी रिपोर्ट को डीसी को भेज दिया गया था। रिपोर्ट में सरपंच और खंड पटवारी द्वारा झूठा समाधान देने की पुष्टि हुई है। जिसको लेकर जिला उपायुक्त ने दोनों को कारण बताओ नोटिस भेजे तथा निजी सुनवाई की है। अंतिम निर्णय जिला उपायुक्त द्वारा लिया जाएगा। -आरसी शर्मा, डीडीपीओ, रेवाड़ी।