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बंदरों के आंतक से जैनाबाद व डहीना के लोग परेशान
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खोल। क्षेत्र के गांव डहीना और जैनाबाद में लंबे समय से बंदरों का आतंक है, जिससे लोग बहुत परेशान है। करीब छह लोगों को बंदरों द्वारा काटा जा चुका है। बंदरों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन इस ओर न तो ग्राम पंचायत कोई कदम उठा रही है और न ही प्रशासन की ओर से बंदरों को पकड़ने का कोई अभियान चलाया गया है। लोग बंदरों के आने के डर से दहशत में रहने लगे है। बच्चें घरों की छतों पर जाने से कतराने लगे है।
गांव जैनाबाद निवासी राहुल शर्मा, संदीप सोनी, विकास कुमार, डॉ. मुकेश, प्रवीण कुमार, विकास, सज्जन सिंह, प्रताप कंडेक्टर, बालकिशन, रामसिंह आदि ने बताया कि गांव में दिन प्रतिदिन बंदरों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। 20 से 25 के झुंड में बंदर एक साथ चलते है और घरों में घुस कर उत्पात मचाते हैं। घरों के अंदर घुस कर अलमारी व फ्रिज में रखा सामान तोड़फोड़ देते है, वहीं घरों की छतों पर कपड़ों को फाड़ रहे है। वहीं डहीना निवासी जयपाल सिंह यादव, विनोद कुमार, देवेन्द्र कुमार, गोलू, बलदेव पंच आदि ने बताया कि गांव में बंदरों की संख्या लगभग 40 है जो एक साथ चलते हुए घरों में बहुत भारी नुकसान कर रहे है। उन्होंने बताया कि बंदर पहले लाठी-डंडा से डर जाते थे, लेकिन अब तो लाठी दिखाते ही उल्टा ही आदमी को काटने के लिए दौड़ पड़ते है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार की है कि बंदरों के आतंक से उन्हें छुटकारा दिलाया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने पूर्व जैनाबाद निवासी बनारसी देवी, बुजुर्ग प्रताप सिंह व डहीना निवासी रोहताश पर बंदरों ने हमला कर दिया था, जिससेेे वे घायल हो गए थे। इसके अलावा अन्य लोग बंदरों की चपेट में आ चुके है। बुजुर्ग प्रताप सिंह पर बंदर 2-3 बार हमला कर चुके है।
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प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके है। एक बार बंदरों को पकड़ा भी जा चुका है, लेकिन इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। गांव के लोग परेशान है। कइयों को घायल भी कर चुके है।
गांव जैनाबाद निवासी राहुल शर्मा, संदीप सोनी, विकास कुमार, डॉ. मुकेश, प्रवीण कुमार, विकास, सज्जन सिंह, प्रताप कंडेक्टर, बालकिशन, रामसिंह आदि ने बताया कि गांव में दिन प्रतिदिन बंदरों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। 20 से 25 के झुंड में बंदर एक साथ चलते है और घरों में घुस कर उत्पात मचाते हैं। घरों के अंदर घुस कर अलमारी व फ्रिज में रखा सामान तोड़फोड़ देते है, वहीं घरों की छतों पर कपड़ों को फाड़ रहे है। वहीं डहीना निवासी जयपाल सिंह यादव, विनोद कुमार, देवेन्द्र कुमार, गोलू, बलदेव पंच आदि ने बताया कि गांव में बंदरों की संख्या लगभग 40 है जो एक साथ चलते हुए घरों में बहुत भारी नुकसान कर रहे है। उन्होंने बताया कि बंदर पहले लाठी-डंडा से डर जाते थे, लेकिन अब तो लाठी दिखाते ही उल्टा ही आदमी को काटने के लिए दौड़ पड़ते है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार की है कि बंदरों के आतंक से उन्हें छुटकारा दिलाया जाए।
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ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने पूर्व जैनाबाद निवासी बनारसी देवी, बुजुर्ग प्रताप सिंह व डहीना निवासी रोहताश पर बंदरों ने हमला कर दिया था, जिससेेे वे घायल हो गए थे। इसके अलावा अन्य लोग बंदरों की चपेट में आ चुके है। बुजुर्ग प्रताप सिंह पर बंदर 2-3 बार हमला कर चुके है।
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प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके है। एक बार बंदरों को पकड़ा भी जा चुका है, लेकिन इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। गांव के लोग परेशान है। कइयों को घायल भी कर चुके है।