{"_id":"5c5f2a58bdec224bc54aa3df","slug":"131549740632-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में मारे गए पांचों शवों को गमगीन माहौल में कराया पोसटमार्टम--","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे में मारे गए पांचों शवों को गमगीन माहौल में कराया पोसटमार्टम--
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
..जब दूल्हे को दुल्हन की जगह पिता और भांजे-भांजियों के शव लेकर जाना पड़ा
अमर उजाला ब्यूूरो
रेवाड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-71 (नया 352) पर गांव गंगायचा जाट के समीप स्थित टोल पर शुक्रवार रात को सड़क हादसे में मारे गए दूल्हे के पिता, तीन भांजे-भांजियों और चालक के शव पोस्टमार्टम के लिए रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में रखवा दिए थे जबकि घायल जीजा संजय और भांजी अदिति को उपचार के लिए रेवाड़ी से दिल्ली गंगाराम अस्पताल रेफर कर दिया। बड़े-बुजुर्गों की सलाह पर वर-वधू ने भारी मन से फेरे लिए। शनिवार को जितेंद्र परिजनों और रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम के बाद पिता और भांजे-भांजियों के शव लेकर रेवाड़ी से निकला। यह दृश्य देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें छलक उठी।
हादसे में एक साथ छिन गईं चार परिवारों की खुशियां
गंगायचा टोल पर शुक्रवार की रात हुए हादसे ने एक साथ तीन परिवारों की खुशियां छीन ली। झज्जर के गांव बेरी निवासी राजेंद्र सैनी बेटे की बरात लेकर गांव गोकलगढ़ आ रहे थे। राजेंद्र के साथ स्विफ्ट कार में बेरी निवासी 54 वर्षीय पपेंद्र सिंह, रोहतक के चुन्नीपुरा मोहल्ला निवासी दामाद संजय, संजय का 8 वर्षीय बेटा मोक्ष उर्फ काकू और दस वर्षीय बेटी प्राची, जींद के रामनगर निवासी राजेंद्र की छोटी बेटी पूनक का आठ वर्षीय बेटा दक्ष और बेटी अदिति भी सवार थे। कार पपेंद्र चला रहा था। शनिवार को सदर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
----
दुल्हन के घर पसरा सन्नाटा
गांव गोकलगढ़ में दुल्हन के घर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। बेटी की शादी से पहले ससुराल में टूटे दुखों के पहाड़ से मां-बाप गहरे सदमे में हैं। महिलाओं को छोड़कर परिवार के सभी लोग पोस्टमार्टम के बाद शवों के साथ ही बेरी गांव में चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूूरो
रेवाड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-71 (नया 352) पर गांव गंगायचा जाट के समीप स्थित टोल पर शुक्रवार रात को सड़क हादसे में मारे गए दूल्हे के पिता, तीन भांजे-भांजियों और चालक के शव पोस्टमार्टम के लिए रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में रखवा दिए थे जबकि घायल जीजा संजय और भांजी अदिति को उपचार के लिए रेवाड़ी से दिल्ली गंगाराम अस्पताल रेफर कर दिया। बड़े-बुजुर्गों की सलाह पर वर-वधू ने भारी मन से फेरे लिए। शनिवार को जितेंद्र परिजनों और रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम के बाद पिता और भांजे-भांजियों के शव लेकर रेवाड़ी से निकला। यह दृश्य देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें छलक उठी।
हादसे में एक साथ छिन गईं चार परिवारों की खुशियां
गंगायचा टोल पर शुक्रवार की रात हुए हादसे ने एक साथ तीन परिवारों की खुशियां छीन ली। झज्जर के गांव बेरी निवासी राजेंद्र सैनी बेटे की बरात लेकर गांव गोकलगढ़ आ रहे थे। राजेंद्र के साथ स्विफ्ट कार में बेरी निवासी 54 वर्षीय पपेंद्र सिंह, रोहतक के चुन्नीपुरा मोहल्ला निवासी दामाद संजय, संजय का 8 वर्षीय बेटा मोक्ष उर्फ काकू और दस वर्षीय बेटी प्राची, जींद के रामनगर निवासी राजेंद्र की छोटी बेटी पूनक का आठ वर्षीय बेटा दक्ष और बेटी अदिति भी सवार थे। कार पपेंद्र चला रहा था। शनिवार को सदर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
विज्ञापन
----
दुल्हन के घर पसरा सन्नाटा
गांव गोकलगढ़ में दुल्हन के घर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। बेटी की शादी से पहले ससुराल में टूटे दुखों के पहाड़ से मां-बाप गहरे सदमे में हैं। महिलाओं को छोड़कर परिवार के सभी लोग पोस्टमार्टम के बाद शवों के साथ ही बेरी गांव में चले गए।
विज्ञापन