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कलेक्टर रेट: प्रापर्टी में बूम तो राजस्व में आएगी कमी

Mon, 16 Apr 2018 01:12 AM IST
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:12 AM IST
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कलेक्टर रेट:  प्रापर्टी में बूम तो राजस्व में आएगी कमी
हॉऊसिंग बोर्ड, बाजा हजारी, टीवी स्कीम के कलेक्टर रेट घटे
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मनीष कुमार
रेवाड़ी।
शहर के ज्यादातर क्षेत्रों का कलेक्टर रेट नहीं बढ़ाने से प्रापर्टी बाजार के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए राहत वाली खबर है। कलेक्टर रेट नहीं बढ़ाने से सरकार को स्टांप ड्यूटी से होने वाले राजस्व में कमी जाएगी। मामले में प्रापर्टी डीलिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि गत वर्षों के दौरान सरकार ने कलेक्टर रेट में काफी बढ़ोत्तरी की थी, इससे बाजार की स्थिति खराब थी। प्रापर्टी में धंधा मंदा होने की वजह से लोग और व्यापारी दोनों की परेशान थे। इससे बाजार में बूम आएगा।
सरकार की तरफ से हर वर्ष अप्रैल में कलेक्टर रेट तय किए जाते हैं। इनका आकलन बाजार के हिसाब से होता है। जिस क्षेत्र में जितनी खरीद-फरोख्त होती है उसके हिसाब से वहां का कलेक्टर रेट तय किया जाता है। सरकार रजिस्ट्रियों पर उसके हिसाब से स्टांप ड्यूटी वसूलती है। कलेक्टर रेट तय करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम इसमें शामिल होती है। इसके लिए शहर को 161 मोहल्लों में बांटा हुआ है। वहां के मार्केट वैल्यू के हिसाब से कलेक्टर रेट तय होते हैं। इन 161 क्षेत्रों में से महज 38 क्षेत्रों के ही कलेक्टर रेट में बदलाव किया गया जिसमें 6 स्थानों पर तो रेट घटाए हैं। वहीं 123 क्षेत्रों के रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कलेक्टर रेटों में इतनी अधिक राहत पहली बार ही दी गई क्योंकि इससे पहले की गई बढ़ोतरी कुछ क्षेत्रों को छोड़ दें सभी में मामूली बढ़ोतरी की जाती थी लेकिन इस बार ज्यादातर में बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि इसका आकलन पांच साल की बिक्री रजिस्ट्रियों के आधार पर तय किया जाता है। भाजपा सरकार के आने के बाद प्रॉपर्टी में जो बूम था उसके कम होने के बाद दरों पर भी असर पड़ा है। हालांकि यहां पर गौर करने लायक बात यह भी है कि सरकार ने वर्ष 2016 के दौरान कलेक्टर रेट काफी बढ़ा दिए थे जिसका काफी विरोध भी हुआ है। अब चुनावी साल को देखते हुए भी सरकार ने अधिक रिस्क नहीं लिया।
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बिल्डरों को भी राहत
नए कलेक्टर रेट में बिल्डरों को भी राहत देने का प्रयास किया गया है। हालांकि दो बिल्डरों के रिहायशी प्लाटों का रेट 14 हजार रुपये प्रति वर्ग गज किया गया जबकि सात बिल्डरों एवं मॉल की स्टांप ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिससे इन सोसायटियों में घर लेने की तैयारी कर रहे परिवारों को भी राहत मिली है। इसी तरह शहरी विकास प्राधिकरण के रिहायशी एवं व्यवसायिक प्लॉटों की वसूली जाने वाली स्टांप ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बिल्डर कंपनियों के भी व्यवसायिक साइट की रजिस्ट्री पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी भी नहीं बढ़ी है। इसके माध्यम से सीधा मकसद बाजार में तेजी लाना है।
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मॉडल टाउन व ब्रास मार्केट अभी पसंद
हालांकि अभी प्रॉपर्टी बाजार में इतना अधिक बूम नहीं है लेकिन शहर का ब्रास मार्केट व मॉडल टाउन अभी भी शहर के सबसे महंगे बाजार है। बावल रोड के अलावा शहर का रेलवे रोड और गोकल गेट तक का हिस्सा व्यवसायिक गतिविधियों के लिहाज से सबसे महंगा है।
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वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाजार के रुख के अनुरूप कलेक्टर रेट का निर्धारण होता है। इस मामले में प्रापर्टी डीलरों की मांग थी कि कलेक्टर रेट घटाएं जाय। डीलरों की मांग और बाजार का रुख देखकर इस बार कई जगह कलेक्टर रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। - मानव मलिक, डीआरओ, रेवाड़ी

जोड़
पिछले दो-तीन सालों में प्रॉपर्टी बाजार में बहुत अधिक मंदा है जिसकी वजह से हमने इस बात को उठाया था कि कलेक्टर रेट में अधिक बढ़ोतरी नहीं की जाए। सरकार ने यह बात मानी है जिससे ग्राहकों को भी फायदा होगा। स्टांप ड्यूटी कम लगने से बाजार में भी उछाल आएगा। सबसे बेहतर कदम यह है कि कुछ स्थानों पर कम भी किए गए हैं जबकि इस बार तो बिल्कुल भी नहीं बढ़ाए जाने चाहिए थे।

- सुरेंद्र राव प्रधान, रेवाड़ी प्रॉपर्टी डीलर्स एसोसिएशन
--------------- निश्चित रूप से यह सही कदम है क्योंकि दो साल पहले कलेक्टर रेट काफी बढ़ा दिए गए हैं जिसका बाजार पर बहुत असर पड़ता है। अभी प्रॉपर्टी बाजार पर इसका असर भी नजर आएगा क्योंकि स्टांप ड्यूटी कम लगने से आम परिवार भी अपना खरीद बगैर अधिक निवेश के खरीद सकता है।- सुरेंद्र खुराना, खजांची, रेवाड़ी प्रॉपर्टी डीलर्स एसोसिएशन



इन स्थानों के बदले हैं कलेक्टर रेट
स्थान का नाम वर्तमान रेट नए रेट प्रति वर्ग
मॉडल टाउन आवासीय 24000 25500
मॉडल टाउन कामर्शियल 61000 64000
ब्रास मार्केट 67500 70000
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी 17000 16000
नारनौल फाटक के पास 15000 16000
फाटक से रामपुरा की ओर 9000 10000
रामपुरा चौक से रामपुरा रोड 11000 12000
राव तुला. स्टेडियम से नहर तक 12000 13000
कालाका रोड सतीश कॉलेज तक 16000 17000
महा.प्रताप चौक से राजीव चौक 47000 49500
भाड़ावास रोड पर रेवाड़ी सीमा तक 12000 13000
भाड़ावास रोड से रामपुरा फाटक तक 12000 13000
कंपनी बाग 12000 13000
शक्ति नगर 14500 15550
गणपत नगर 9500 10000
घीसा की ढ़ाणी 9500 10000
आनंद नगर 10000 10500
साधुशाह नगर 9500 10000
सज्जन कॉलोनी 9500 10000
जैन स्कूल के पीछे 10000 11000
विकास नगर कालाका रोड 9500 10000
जीवली बाजार 83000 87000
गोकल गेट 95000 99000
बारा हजारी कॉमर्शियल 83000 79000 घटाए हैं
बारा हजारी रिहायशी 36000 34000 घटाएं हैं
पुरानी मंडी से गोकल गेट 95000 99000
स्टेशन से गोकल गेट 95000 99000
टीपी स्कीम 19000 18000 घटाए हैं
शांति नगर 9500 10000
गौतम नगर 10000 11000
गांधी नगर 10000 11000
सरस्वती विहार बावल रोड 9500 10000
बल्लूवाड़ा रिहायशी 11000 11500
बाससिताब राय रिहायशी 11000 11500
हुडा सेक्टर रिलीज भूमि रेट 14000 13000 घटाए हैं
अंसल आवासीय प्लाट 13000 11000 घटाए हैं
आवासीय बीएमजी व गुरुटेक 13000 14000
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