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किसानों ने सरसों की खरीद में भेदभाव का आरोप लगाया
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:29 AM IST
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डॉ. टीसी राव ने सुनीं किसानों की समस्याएं
रेवाड़ी। ग्रामीण उत्थान-भारत निर्माण संस्था के संयोजक और समाजसेवी डॉ. टीसी राव ने कोसली की अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान किसानों ने सरसों खरीद को लेकर शिकायत की। किसानों ने सरसों खरीद में भेदभाव का आरोप लगाया। गांव जुड्डी के किसान अभय सिंह ने बताया की कुछ किसानों की सरसों जैसी भी है, पीछे के दरवाजे से ली जा रही है। जबकि दूसरे किसानों की सरसों में 8 प्रतिशत से ज्यादा नमी बताकर नहीं खरीदी जा रही। जिसकी वजह से जुड्डी और पृथ्वीपुरा के कुछ किसानों को अपनी सरसों वापस ले जानी पड़ी। इसके अलावा सरकार ने सरसों खरीद के लिए जो नियम बनाये हैं, वे अमान्य है। क्योंकि एक एकड़ की केवल 6.5 क्विंटल सरसों ही खरीदी जाएगी और जमीन की फरद दिखानी होगी।
इस मौके पर डा. राव ने कहा कि आज एक एकड़ में 10-12 क्विंटल सरसों की पैदावार है, इससे बची हुई सरसों को अलग से सस्ते भाव में बेचना पड़ता हैं दूसरा प्रत्येक किसान के लिए अलग से फरद दिखाना मुश्किल है। सरकार का कहना है कि किसान की लागत का डेढ़ गुणा मूल्य दिया जाएगा लेकिन हकीकत कुछ और ही है। डॉ. टीसी राव ने किसानों की सभी समस्याओं को सरकार को अवगत कराने तथा किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य दिलवाने का आश्वासन दिया। डॉ. टीसी राव ने हैफैड के अधिकारी डीएम नीजर त्यागी, डीजीएम परमीन्दर सिंह, डीजीएम राजेन्द्र सिंह और मैनेजर परमजीत सिंह से मिलकर किसानों की सरसों खरीद की जानकारी ली। इस अवसर पर सुबे सिंह, सुखवीर, सुरेन्द्र कुमार, राज कुमार, लुखी से किसान अजीत सिंह, पृथ्वीपुरा से किसान रोशन लाल और श्यामनगर से कप्तान रामफल मौजूद थे।
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रेवाड़ी। ग्रामीण उत्थान-भारत निर्माण संस्था के संयोजक और समाजसेवी डॉ. टीसी राव ने कोसली की अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान किसानों ने सरसों खरीद को लेकर शिकायत की। किसानों ने सरसों खरीद में भेदभाव का आरोप लगाया। गांव जुड्डी के किसान अभय सिंह ने बताया की कुछ किसानों की सरसों जैसी भी है, पीछे के दरवाजे से ली जा रही है। जबकि दूसरे किसानों की सरसों में 8 प्रतिशत से ज्यादा नमी बताकर नहीं खरीदी जा रही। जिसकी वजह से जुड्डी और पृथ्वीपुरा के कुछ किसानों को अपनी सरसों वापस ले जानी पड़ी। इसके अलावा सरकार ने सरसों खरीद के लिए जो नियम बनाये हैं, वे अमान्य है। क्योंकि एक एकड़ की केवल 6.5 क्विंटल सरसों ही खरीदी जाएगी और जमीन की फरद दिखानी होगी।
इस मौके पर डा. राव ने कहा कि आज एक एकड़ में 10-12 क्विंटल सरसों की पैदावार है, इससे बची हुई सरसों को अलग से सस्ते भाव में बेचना पड़ता हैं दूसरा प्रत्येक किसान के लिए अलग से फरद दिखाना मुश्किल है। सरकार का कहना है कि किसान की लागत का डेढ़ गुणा मूल्य दिया जाएगा लेकिन हकीकत कुछ और ही है। डॉ. टीसी राव ने किसानों की सभी समस्याओं को सरकार को अवगत कराने तथा किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य दिलवाने का आश्वासन दिया। डॉ. टीसी राव ने हैफैड के अधिकारी डीएम नीजर त्यागी, डीजीएम परमीन्दर सिंह, डीजीएम राजेन्द्र सिंह और मैनेजर परमजीत सिंह से मिलकर किसानों की सरसों खरीद की जानकारी ली। इस अवसर पर सुबे सिंह, सुखवीर, सुरेन्द्र कुमार, राज कुमार, लुखी से किसान अजीत सिंह, पृथ्वीपुरा से किसान रोशन लाल और श्यामनगर से कप्तान रामफल मौजूद थे।
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