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नियम 134ए: प्रवेश के लिए स्कूल संचालक और विभाग आमने-सामने

Mon, 30 Apr 2018 12:44 AM IST
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:44 AM IST
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नियम 134ए: प्रवेश के लिए स्कूल संचालक और विभाग आमने-सामने
नियम 134ए: प्रवेश के लिए स्कूल संचालक और विभाग आमने-सामने
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश चाहने वाले विद्यार्थी अभिभावकों के साथ निजी स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं। मामले में शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों को एडमिशन दिलाया जाएगा। मूल्यांकन प्रवेश परीक्षा में 55 फीसदी अंक हासिल करने के बाद भी निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चक्कर लगा रहे हैं। आलम यह है कि इन बच्चों के प्रवेश को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी जहां स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को प्रवेश दिला रहे हैं वहीं स्कूल संचालक पात्र बच्चों की पारिवारिक स्थिति की जांच की मांग को लेकर मुहिम छेड़े हुए हैं। स्कूल संचालकों का कहना है कि पात्र बच्चों में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे कम जबकि समृद्ध परिवारों के बच्चे अधिक हैं। इसी बीच प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि नियम 134ए के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों को स्कूल बस की सुविधा नहीं दी जाएगी। इससे आने वाले दिनों में प्रशासन की मुश्किल कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं।
दूसरे खंडों में प्रवेश रेवाड़ी में बवाल
नियम 134ए के तहत आयोजित मूल्यांकन परीक्षा में पांच खंडों के 2700 से अधिक बच्चे शामिल हुए थे। इसमें करीब 1600 बच्चों ने 55 फीसदी अंक के साथ मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसमें सबसे अधिक 953 बच्चे रेवाड़ी खंड से हैं, जिसमें भी शहर के बच्चे सबसे अधिक हैं। इन बच्चों को शहर के आसपास के स्कूलों में प्रवेश दिया जाना है लेकिन अभी तक 250 से अधिक बच्चे हैं जिनको अभी तक प्रवेश नहीं मिल पाया है। इनके समक्ष विभिन्न शर्तें लगाकर इनको स्कूलों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। इस मामले में सरकार की साफ हिदायत है पात्र बच्चों को प्रवेश देना ही होगा, सरकार की इस हिदायत के बाद कई स्कूलों की तरफ से अभी एक भी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया गया है। इसके कारण हालात यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास प्रतिदिन 10 से 20 अभिभावकों की शिकायतें पहुंच रही हैं। हालांकि इन शिकायतों के बाद खुद विभाग के अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को प्रवेश दिला रहे हैं लेकिन कुछ नामी स्कूलों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने इसमें अभी एक भी प्रवेश नहीं दिया है।
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नहीं खुले रहे हैं अधिकारियों के लिए दरवाजे
निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए अभिभावकों को कितने चक्कर लगवाए जा रहे हैं उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर के कई नामी स्कूलों ने तो अधिकारियों के पहुंचने के बाद अपने दरवाजे तक नहीं खोले हैं जिसके चलते अधिकारियों को वहां पर काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। कुछ स्कूलों ने तो अधिकारियों के सामने ही अभिभावकों को साफ कहा कि रोजाना अधिकारी तो थोड़े आएंगे। जिसकी वजह से अभिभावक इन स्कूलों मे ंप्रवेश के लिए चक्कर लगा रहे हैं जबकि कई तो आस ही छोड़ चुके हैं। एक अभिभावक जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह बच्चे को लेकर तीन दिन से घूम रहा है लेकिन स्कूलों में प्रवेश तक नहीं दिया जा रहा है।
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वर्जन
नियम 134ए में पात्र सभी बच्चों को हर हाल में प्रवेश दिलाया जाएगा। कई स्कूलों में परेशानी अवश्य है जिन पर हमारी पूरी निगाह हैं लेकिन अभिभावक परेशान नहीं है एक-दो दिन में सभी बच्चों को प्रवेश दिला दिया जाएगा।
- सुरेश कुमार गोरिया, जिला शिक्षा अधिकारी।
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प्राइवेट स्कूल वेलफेयर दो फाड़, पूर्व प्रधान ने कहा बंद नहीं करेंगे स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नियम 134-ए के तहत प्रवेश और बीईईओ मुकेश यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर दो फाड़ हो गई है। वेलफेयर के पूर्व प्रधान एवं ग्रुप ऑफ नवज्योति स्कूल के निदेशक सत्यवीर यादव ने कहा है कि एसोसिएशन की तरफ से 3 मई को प्रस्तावित स्कूल बंद एवं विरोध प्रदर्शन में काफी स्कूल शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि नियम 134-ए के तहत जिन बच्चों को स्कूल आवंटित हुए हैं, उनको प्रवेश दिया जाए। इसमें जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीईईओ मुकेश यादव के खिलाफ पहले ही इस मामले में उपायुक्त से मिला जा चुका है। इस मामले की बगैर जांच हुए ही अनावश्यक दबाव बनाकर उनको बेवजह बदनाम करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा नियम 134ए के तहत प्रवेश पाए बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा क्योंकि सरकार द्वारा तय नियम है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा इसमें कुछ नहीं किया जा सकता है यदि दबाव बनाना है तो सरकार पर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि 3 मई को प्रस्तावित प्रदर्शन में न तो सभी स्कूल शामिल होंगे तथा न ही स्कूल बंद करेंगे।


प्राइवेट स्कूल वेलफेयर ने खोला मोर्चा
उधर शिक्षा विभाग की तरफ दिए जा रहे दबाव के बाद प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शनिवार को बैठक की। इसमें ऋषि स्कूल की प्राचार्या के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाकर बीईईओ के खिलाफ मोर्चा खोलकर कार्रवाई की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में 3 मई को जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय प्रधान जवाहरलाल दूहन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बीईईओ के व्यवहार की निंदा के साथ उन पर कार्रवाई की मांग उठाई गई। बैठक में जिला प्रधान डॉ. सूर्यकमल, सचिव दिनेश कुमार, प्राचार्या सावित्री यादव, डॉ. विभूपाल, इश धींगरा, नवल, कुशल, रामकिशन, योगेश तिवारी, राकेश सैनी, विवेक यादव, नरेन्द्र यादव, राजीव शर्मा, हरिओम सिवाच, परमानंद , राजेश कुमार मौजूद थे।
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