फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   बारिश के बाद औने पौने दाम पर बाजरा बेचने को मजबूर किसान

बारिश के बाद औने पौने दाम पर बाजरा बेचने को मजबूर किसान

Sun, 24 Sep 2017 01:03 AM IST
Updated Sun, 24 Sep 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
बारिश के बाद औने पौने दाम पर बाजरा बेचने को मजबूर किसान
बारिश के बाद औने पौने दाम पर बाजरा बेचने को मजबूर किसान
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले में शुक्रवार रात हुई बारिश से मंडी और खेतों में पड़े बाजरे को खासा नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से देरी से समर्थन मूल्य पर खरीद के चलते किसान पहले ही चिंतित हैं। अब रही सही कसर बारिश ने निकाल दी है। जिले मेें शुक्रवार को करीब 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश जाटूसाना में 17 एमएम दर्ज की गई। ऐसे में मंडी में आए बाजरे को नुकसान माना जा रहा है।
किसानों का कहना है कि पहले ही समर्थन मूल्य पर देरी से खरीद होने से बहुत अधिक परेशानी हो रही है। बाजरा मुख्यत: जून में बो दिया जाता है। ऐसे में सितंबर तक इसकी कटाई हो जाती है। वहीं सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीद एक अक्तूबर से होनी निर्धारित की है। ऐसे एक अक्तूबर तक अधिकांश बाजरा बिक चुका होगा। स्थिति यह है कि इस समय किसान मजबूरी में अपना बाजरा 1100 रुपये प्रति क्विंटल तक में बेच रहा है जबकि इसका समर्थन मूल्य 1425 घोषित किया हुआ है। कम दामों पर बाजारे की फसल बिकने से किसानों में खासी नाराजगी है।
विज्ञापन

---
बारिश होते ही फसल लेकर मंडियों में दौड़े किसान
हालांकि बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने में 7 दिन शेष हैं। लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश ने किसानों को चिंतित कर दिया। शनिवार सुबह से ही किसान ट्रैक्टरों में अपनी सरसों भरकर अनाज मंडी में दौड़े। वहां इन्हें 1100 से 1150 प्रति क्विंटल के भाव से ही बाजरा बेचकर संतोष करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
नहीं निकल पाती मजदूरी
रेवाड़ी की अनाज मंडी में बाजरा बेचने आए किसानों ने बताया कि पहले ही दाम नहीं मिलने से बहुत परेशानी हो रही है। वहीं इस बारिश ने तो बिल्कुल ही कमर तोड़ दी है। अब तो फसल ही घाटे का सौदा हो गई है। खर्चा भी नहीं निकल पाता। ऐसे में तो जमीन बेचने में ही भलाई है।
---
बारिश से सरसों को होगा लाभ
पानी की कमी होने के चलते अहीरवाल में बाजरा और सरसों अधिक मात्रा में बोई जाती है। कटाई के बहुत दिन बीतने से हालांकि किसानों ने बाजरा बेचना शुरू कर दिया है। कृषि अनुसंधान केंद्र बावल के प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉ. यशवंत यादव ने बताया कि किसान अधिकांश बाजरा बेच चुका है। हालांकि बारिश से अब बाहर पड़े बाजरे का रंग कुछ हल्का हो सकता है। वहीं यह बारिश सरसों के लिए बेहद अच्छी रहेगी। इस बारिश के बाद 15 दिन बाद बोई जाने वाली सरसों में पलोई नहीं करनी पड़ेगी। चूंकि रेवाड़ी के आसपास का पानी खारा है। ऐसे में सरसों को नुकसान होता है। ऐसे में इस बारिश से सरसों को खासा लाभ होगा।
----------
औने-पौने दामों पर बेच रहे बाजरा: किसान
मैंने 10 बीघा में बाजरा बोया। समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू न होने से बहुत परेशानी हो रही है। अब औनेे-पौने दामों पर ही बाजरा बेचना पड़ रहा है। यहां भी बाजरा बारिश में भीग रहा है।
सूरत सिंह, जाडऱा
---
अब तो खेती ही घाटे का सौदा हो गई। पूरी लागत भी नहीं निकलती। सरकारी खरीद शुरू होने में भी बहुत समय है। मैंने 6 बीघा में बाजरा बोया था। अब तो बहुत मुश्किल हो रही है।
सदाराम, उजौली
---
50 मन बाजरा हुआ है। यह बेचने के लिए मंडी आया हूं। यहां पर कोई दाम मिल नहीं रहा है। अब क्या करें। समझ ही नहीं आ रहा। अगर इस बाजरे को नहीं बेचेंगे तो यह खराब हो जाएगा।
वेदप्रकाश, काकोड़िया
---
11 बीघा में बाजरा बोया है। क्या करें। पूरा दाम ही नहीं मिल पा रहा। बहुत अधिक परेशानी हो रही है। रात में बारिश होने के बाद सुबह मंडी में बाजरा बेचने आए हैं। यहां भी पूरा दाम नहीं मिल पा रहा है।
धर्मेंद्र, खानपुर
---
खेती ही हमारी रोजी-रोटी है। लेकिन पूरा दाम नहीं मिलने से बहुत अधिक परेशानी हो गई है। बारिश ने भी सब चौपट कर दिया है। यहां भी बाजरा भीग रहा है। क्या करें। कुछ समझ ही नहीं आता।

सुखराम, जौखावास
---
चार किले में बाजरा बोया है। सरकार ने अभी तक समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं की है। एक अक्तूबर तक कैसे रुका जा सकता है। ऐसे में तो जो बाजरा है उसका भी नुकसान हो जाएगा।
रणधीर, रामनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed