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नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में शहर में प्रदर्शन् कर सौंपा ज्ञापन
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:57 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। बावल उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून को लापता हुई नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में बावल चौरासी के आह्वान पर सर्व समाज की ओर से वीरवार को शहर के विभिन्न बाजारों में जुलूस निकाला गया, जिसमें विभिन्न संगठनों के लोगों के अलावा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर भी शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार व पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर छात्रा का जल्द सुराग लगाने की मांग की गई जबकि शहर के बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। उधर, जनस्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर दिया जा रहा धरना 29वें दिन भी जारी रहा।
इससे पूर्व शहर के रविदास मंदिर में सुबह करीब 9 बजे सर्व समाज के करीब 200 से अधिक लोगों ने इकट्ठा होकर नाबालिग छात्रा की बरामदगी के लिए पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन शुरूआत से ही गंभीरता दिखाता तो अभी तक छात्रा की बरामदगी हो जाती। स्टेट क्राइम ब्यूरो भी शुरूआत में मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा था हालांकि अब ब्यूरो की कार्यप्रणाली कुछ हद तक संतोषजनक हुई है। वक्ताओं ने कहा कि जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री भी इस मामले में पीड़ित परिवार से दूरी बनाए हुए हैं। करीब चार माह के दौरान उन्होंने केवल दो बर पीड़ित परिवार से मुलाकात की गई है। लोगों में जनस्वास्थ्य मंत्री के रवैये को लेकर नाराजगी है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट, सुरक्षित नहीं बेटियां : तंवर
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। बेटियां सुरक्षित नहीं है। मोहनपुर गांव से लापता छात्रा का चार माह बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री नाबालिग छात्रा को लेकर परिजनों को बेटी के सुरक्षित होने का आश्वासन देते हैं, लेकिन अभी बेटी को सुराग नहीं लगा पा रहे हैं।
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बंद का नहीं दिखा असर, खुले रहे बाजार
नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में पूर्व प्रस्तावित बाजार बंद को वीरवार को कोई असर देखने को नहीं मिला। बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। हालांकि सर्व समाज की ओर से निकाले गए विरोध में दिवाली का त्योहार होने के कारण दुकानदारों ने बाजार बंद करने की बजाय विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर समर्थन दिया।
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एसडीएम को लौटाया वापस
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने आए सर्व समाज के लोगों ने ज्ञापन लेने आए एसडीएम जितेंद्र कुमार को वापस लौटा दिया। ज्ञापन सौंपने आए लोगों ने कहा कि बेटी के बरामदगी की बात है। ऐसे में उपायुक्त लोगों के बीच आकर ज्ञापन लेना चाहिए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों व प्रदर्शन कर रहे लोगों में काफी नोक-झोंक भी हुई। करीब आधा घंटा बाद उपायुक्त आवास पर जाकर ज्ञापन सौंपा गया।
ये रहे मौजूद
जिला प्रमुख मंजूबाजा, रामकिशन महलावत, चेतराम रेवाड़िया, चौधरी माड़ाराम, सुमेर जैलदार, आरपी सिंह, महाबीर सिंह चौपड़ा, रामसिंह नंबरदार, शेरसिंह कटारिया, डॉ. रविंद्र पाली, जगदीश डहीनवाल, राहुल खरखड़ा, सुधीर कुमार, ओमप्रकाश हरचंदपुर, रामकिशन रेवाड़िया, ज्योति, मनीषा व ईश्वर महलावत आदि मौजूद रहे।
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रेवाड़ी। बावल उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून को लापता हुई नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में बावल चौरासी के आह्वान पर सर्व समाज की ओर से वीरवार को शहर के विभिन्न बाजारों में जुलूस निकाला गया, जिसमें विभिन्न संगठनों के लोगों के अलावा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर भी शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार व पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर छात्रा का जल्द सुराग लगाने की मांग की गई जबकि शहर के बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। उधर, जनस्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर दिया जा रहा धरना 29वें दिन भी जारी रहा।
इससे पूर्व शहर के रविदास मंदिर में सुबह करीब 9 बजे सर्व समाज के करीब 200 से अधिक लोगों ने इकट्ठा होकर नाबालिग छात्रा की बरामदगी के लिए पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन शुरूआत से ही गंभीरता दिखाता तो अभी तक छात्रा की बरामदगी हो जाती। स्टेट क्राइम ब्यूरो भी शुरूआत में मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा था हालांकि अब ब्यूरो की कार्यप्रणाली कुछ हद तक संतोषजनक हुई है। वक्ताओं ने कहा कि जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री भी इस मामले में पीड़ित परिवार से दूरी बनाए हुए हैं। करीब चार माह के दौरान उन्होंने केवल दो बर पीड़ित परिवार से मुलाकात की गई है। लोगों में जनस्वास्थ्य मंत्री के रवैये को लेकर नाराजगी है।
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प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट, सुरक्षित नहीं बेटियां : तंवर
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। बेटियां सुरक्षित नहीं है। मोहनपुर गांव से लापता छात्रा का चार माह बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री नाबालिग छात्रा को लेकर परिजनों को बेटी के सुरक्षित होने का आश्वासन देते हैं, लेकिन अभी बेटी को सुराग नहीं लगा पा रहे हैं।
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बंद का नहीं दिखा असर, खुले रहे बाजार
नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में पूर्व प्रस्तावित बाजार बंद को वीरवार को कोई असर देखने को नहीं मिला। बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। हालांकि सर्व समाज की ओर से निकाले गए विरोध में दिवाली का त्योहार होने के कारण दुकानदारों ने बाजार बंद करने की बजाय विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर समर्थन दिया।
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एसडीएम को लौटाया वापस
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने आए सर्व समाज के लोगों ने ज्ञापन लेने आए एसडीएम जितेंद्र कुमार को वापस लौटा दिया। ज्ञापन सौंपने आए लोगों ने कहा कि बेटी के बरामदगी की बात है। ऐसे में उपायुक्त लोगों के बीच आकर ज्ञापन लेना चाहिए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों व प्रदर्शन कर रहे लोगों में काफी नोक-झोंक भी हुई। करीब आधा घंटा बाद उपायुक्त आवास पर जाकर ज्ञापन सौंपा गया।
ये रहे मौजूद
जिला प्रमुख मंजूबाजा, रामकिशन महलावत, चेतराम रेवाड़िया, चौधरी माड़ाराम, सुमेर जैलदार, आरपी सिंह, महाबीर सिंह चौपड़ा, रामसिंह नंबरदार, शेरसिंह कटारिया, डॉ. रविंद्र पाली, जगदीश डहीनवाल, राहुल खरखड़ा, सुधीर कुमार, ओमप्रकाश हरचंदपुर, रामकिशन रेवाड़िया, ज्योति, मनीषा व ईश्वर महलावत आदि मौजूद रहे।