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134ए के तहत दाखिला न मिलने पर प्रदर्शन
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रेवाड़ी। नियम 134ए के तहत बच्चों को निजी शिक्षण संस्थानों में दाखिला न मिलने से खफा अभिभावकों ने बच्चों के साथ बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि निजी शिक्षण संस्थान 134 ए के तहत दाखिला नहीं दे रहे हैं। अभिभावक परेशान होकर अधिकारियों के कार्यालयों और निजी स्कूूलों के बीच चक्कर लगा रहे हैं। निजी स्कूल लिस्ट न आने का बहाना बना रहे हैं।
मार्च माह से नियम 134ए के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जिसमें चार अप्रैल तक आवेदन लिए गए थे। 14 अप्रैल को असेस्मेंट टेस्ट लिया गया। जिसका 18 अप्रैल को रिजल्ट घोषित किया गया। चार बार तारीख बदलने के बाद एक मई को स्कूल आवंटित में किया गया। आवंटन के बारे में अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज भी किए गए। इसके बावजूद अभिभावक अभी तक चक्कर लगा रहे हैं। पिछले चार दिन से अभिभावक स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूूद बच्चों को अभी तक दाखिला नहीं मिल पाया। परेशान अभिभावक बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर पहुंचे।
अधिकारियों के कार्यालय में न मिलने पर अभिभावक गुस्सा हो गए। अभिभावकों ने बच्चों के साथ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने अपने हाथों में आवंटन पत्र भी ले रखे थे। अभिभावकों ने कहा कि निजी स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से चयनित विद्यार्थियों की लिस्ट न आने का बहाना कर रहे हैं। कुछ स्कूल अलग अलग फंड के नाम पर 8 से 10 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। निजी स्कूल बच्चों को वाहन की सुविधा उपलब्ध कराने को तैयार नहीं।
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मार्च माह से नियम 134ए के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जिसमें चार अप्रैल तक आवेदन लिए गए थे। 14 अप्रैल को असेस्मेंट टेस्ट लिया गया। जिसका 18 अप्रैल को रिजल्ट घोषित किया गया। चार बार तारीख बदलने के बाद एक मई को स्कूल आवंटित में किया गया। आवंटन के बारे में अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज भी किए गए। इसके बावजूद अभिभावक अभी तक चक्कर लगा रहे हैं। पिछले चार दिन से अभिभावक स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूूद बच्चों को अभी तक दाखिला नहीं मिल पाया। परेशान अभिभावक बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर पहुंचे।
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अधिकारियों के कार्यालय में न मिलने पर अभिभावक गुस्सा हो गए। अभिभावकों ने बच्चों के साथ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने अपने हाथों में आवंटन पत्र भी ले रखे थे। अभिभावकों ने कहा कि निजी स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से चयनित विद्यार्थियों की लिस्ट न आने का बहाना कर रहे हैं। कुछ स्कूल अलग अलग फंड के नाम पर 8 से 10 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। निजी स्कूल बच्चों को वाहन की सुविधा उपलब्ध कराने को तैयार नहीं।
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