फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   10 days of water left in reservoirs, there may be trouble during Holi

Rewari News: जलघरों में 10 दिन का पानी बचा, होली में हो सकता है संकट

Thu, 06 Mar 2025 01:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 06 Mar 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
10 days of water left in reservoirs, there may be trouble during Holi
फोटो : 01जवाहर लाल नेहरू नहर में कम हो रहा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


रेवाड़ी। जल घरों में सिर्फ 10 दिन का पानी बचा है। ऐसे में होली पर जल संकट पैदा हो सकता है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शहरवासियों से व्यर्थ पानी नहीं बहाने की अपील की है।
जिले में पेयजल की राशनिंग चल रही है। शहर की करीब पौने 3 लाख आबादी को 16 दिनों से एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। ऐसे में होली के दिन शहर के आधे लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इस इलाके के लोगों को रंग छुड़ाने के लिए कम पानी का इस्तेमाल करना होगा या रंगों से खुद को बचाना होगा ताकि पानी को बचाया जा सके। गर्मी की दस्तक के साथ शहर में पानी की मांग 20 एमएलडी से बढ़कर रोजाना 25 एमएलडी (मिलियन लाख लीटर) हो गया है।
विज्ञापन

पानी की मांग को पूरा करने के लिए विभाग ने अभी तक पेयजल आपूर्ति के समय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। जन स्वास्थ्य विभाग शहर के 31 वार्डों की कॉलोनियों में रोजाना सुबह और शाम को एक दिन छोड़कर एक घंटे तक जलापूर्ति कर रहा है जबकि गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की मांग बढ़ चुकी है। अधिकारियों की मानें तो जलघरों में सिर्फ 10 दिन तक ही पेयजल आपूर्ति का काम चल सकता है, जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो नहरों में पानी 17 मार्च के बाद ही आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले को मिलता है महज 510 क्यूसेक पानी
पानीपत स्थित खूबड़ू से रेवाड़ी तक जवाहरलाल नेहरू कैनाल के माध्यम से पानी पहुंचता है। इस दौरान नहरी पानी को 18 बार लिफ्ट करना पड़ता है। रेवाड़ी में नहरी पानी की मात्रा करीब 770 क्यूसेक निर्धारित की गई है, लेकिन जिले को महज 510 क्यूसेक पानी ही मिल पाता है। वहीं दूसरी ओर नहरी पानी रेवाड़ी में महज 15 दिन ही चल पाता है।

नहरी पानी पर आधारित है जलापूर्ति
शहर में नहरी पानी पर पेयजल सप्लाई आधारित है। नहर के पानी को कालका और लिसाना में बने वाटर टैंक में स्टोरेज किया जाता है। वहां से बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई होती है। पिछली बार मानसून में लोगों को पानी की समस्या से राहत मिली थी। इसके बाद सर्दी में भी पानी का संकट गहरा गया था। अब नहर में पानी आने तक पूरे शहर में पानी की नियमित आपूर्ति रख पाने में भी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पसीने छूटेंगे। प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग भी शहरवासियों पर त्योहारी सीजन के दौरान पानी की बर्बादी नहीं कर जल बचाने का संदेश देने में जुटा है।

-
वर्जन
होली का पर्व आने वाला है। लोगों से अपील है कि पानी को व्यर्थ न बहाएं। जवाहर लाल नेहरू नहर में 17 मार्च के बाद पानी आएगा। होली पर शहरवासियों को पानी दिया जाएगा या नहीं। अभी अधिकारियों के आदेश जारी नहीं हुए हैं।- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed