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Panipat News: जिप अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ी, दोबारा जांच में भी सामान्य जाति की मिली रिपोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 May 2025 03:13 AM IST
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Zila Parishad president's problems increased, general caste report was found even in second investigation
पानीपत। जिला परिषद की अध्यक्ष काजल देशवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनकी मांग पर सहारनपुर प्रशासन ने जाति के प्रणाम पत्र की दोबारा जांच की। जिनमें वे सामान्य राजपूत जाति से मिली हैं। सहारनपुर डीएम अपनी रिपोर्ट जल्द ही पानीपत प्रशासन को देंगे। इसके आधार पर उन पर आगामी कार्रवाई की जा सकती है। कानून के जानकारों की माने तो उनकी सदस्यता जा सकती है। इसके साथ उनकी अध्यक्ष की भी कुर्सी हिल सकती है।
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जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति प्रदीप ने गत दिनों मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि काजल देशवाल का चुनाव में नामांकन के समय लगाया जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। पंचायत विभाग के निदेशक ने इसकी जांच के लिए उपायुक्त को आदेश दिए। निदेशक से दूसरे बार पत्र आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। उपायुक्त ने इसकी जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी। अतिरिक्त उपायुक्त ने उत्तर प्रदेश के सहरानपुर के डीएम को पत्र लिखा था।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुवारंका खंड के एसडीएम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी। जिसमें काजल के धुन्ना गांव में 11 लोगों के बयान दर्ज किए।
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सरपंच सरिता रानी ने काजल को सामान्य वर्ग में होना बताया। पटवारी और कानूनगो की रिपोर्ट भी सामान्य वर्ग से होना पाया गया। काजल देशवाल ने सहारनपुर प्रशासन से इनकी दोबारा जांच की मांग की थी। प्रशासन ने इसकी पुन: जांच कराई। जिसमें धुन्ना गांव से उनके पिता व भाई की शिक्षा संबंधित रिकार्ड की भी जांच की। स्कूल से 1956 से 1963 तक रिकॉर्ड जांचा तो काजल देशवाल के पिता नरेश हिंदू राजपूत मिले हैं। प्राथमिक विद्यालय धुन्ना की प्रधानाध्यापिका ने इसकी रिपोर्ट स्थानीय उप जिला शिक्षा अधिकारी को दी। उप जिला शिक्षा अधिकारी ने उक्त रिपोर्ट अधिकारियों को दी। वहीं ग्राम पंचायत सरपंच ने अपनी पिछली रिपोर्ट को सही होना बताया है।
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शिकायत के बाद कुर्सी जाने के डर से भाजपा
काजल देशवाल 11 महीने पहले भाजपा की ज्योति शर्मा के खिलाफ अविश्वास लेकर आई थीं। उन्होंने और उनके पति संदीप देशवाल ने जिप अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा से आशीर्वाद लिया था। ज्योति के पति ने इसकी शिकायत सीएम को दी थी। संदीप देशवाल ने कुर्सी जाने के डर से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली की अगुवाई में भाजपा का दामन थाम लिया था। काजल देशवाल भाजपा की बैठकों में शामिल होने लगी और नगर निगम चुनाव के दौरान सीएम के मंच पर दो बार बैठी। काजल देशवाल के पति संदीप देशवाल ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र फर्जी होने के आरोप निराधार हैं। वे हर जांच के लिए तैयार हैं।
वर्जन :


जिप अध्यक्ष के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित जांच एडीसी के पास है। वे ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं।

किरण सिंह, सीईओ, जिला परिषद।
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