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Panipat News: दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में युवक बरी, छह माह जेल में रहा....... कासगंज फर्रुखाबाद के लिए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 05:30 PM IST
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Youth acquitted in rape and POCSO Act case; had spent six months in jail.
-पुलिस के सुरक्षा एजेंट की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
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-पीड़िता, माता-पिता समेत 19 गवाहों के बयानों के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट और सबूतों के अभाव में अदालत ने माना निर्दोष
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में 19 वर्षीय जब्बर सिंह को बरी कर दिया है। पुलिस के सुरक्षा एजेंट की शिकायत पर दर्ज इस मामले में अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका। अदालत ने ठोस साक्ष्यों के अभाव में करीब छह माह जेल में रहे युवक को बरी करने का फैसला सुनाया।

सुरक्षा एजेंट सिपाही विजय ने 30 अप्रैल 2024 को चांदनीबाग थाना पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें एक कॉलोनी में रहने वाली 13 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म होने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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नाबालिग ने अदालत में बयान देकर आरोप लगाया था कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी जब्बर सिंह उसे बहलाकर अपने कमरे में ले गया और वहां दुष्कर्म किया। हालांकि, मामले में पीड़िता या उसके परिवार की ओर से शिकायत नहीं दी गई थी। अदालत में सुरक्षा एजेंट से शिकायतकर्ता बनने का कारण पूछा गया तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
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19 गवाहों के बावजूद आरोप साबित नहीं

मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसके माता-पिता और भाई समेत 19 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस चिकित्सकीय और वैज्ञानिक साक्ष्य पेश नहीं कर सका।

पुलिस घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी या डिजिटल साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत नहीं कर पाई। मेडिकल रिपोर्ट में भी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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