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Panipat News: यमुना उफनाई, खेतों में घुसा पानी, फसलें डूबीं
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सनौली। हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में रविवार को दोपहर बाद से शाम तक कई बार में एक-एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। जिससे यमुना का पानी सोमवार को चेतावनी स्तर व खतरे के निशान के बीच चल रहा है। यमुना में सोमवार को खतरे के निशान 231.50 के पास चल रहा है। जबकि यमुना में रविवार को पानी चेतावनी स्तर व खतरे के निशान के बीच चल रहा था।
यमुना तटबंध से सनौली, बापौली व समालखा के मिर्जापुर समेत 12 गांवों में 14-15 हजार एकड़ में पानी घुस गया है। रहीमपुर खेड़ी का गांव का एक बार फिर संपर्क कट गया है। खोजकीपुर गांव के पास यमुना के पानी से कटाव को कम करने के लिए सिंचाई विभाग ने मिट्टी के कट्टे व पेडों की टहनियां डाली हैं। यमुना के पानी से गांव खोजकीपुर व नवादा आर में भूमि का कटाव लगातार हो रहा है।
दोनों गांवों में कटाव पूरी तरह से बंद नहीं हो पाया है। गांव खोजकीपुर में तो सिंचाई विभाग की टीम ने रविवार को भी कटाव रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे व पेडों की टहनियां डाली हैं। बेलदार व मजदूर लगातार काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले तो यमुना में पानी एक लाख क्यूसेक तक हथिनी कुंड बैराज से पूरा दिन में छोड़ा जाता है। रविवार को एक लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी हर घंटे छोड़ा गया है।
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किसान गजे सिंह, सुभाष, कृष्ण, ताहिर, सलीम, सतपाल, बलबीर, रोहतास, मामन, राजबीर, रोहतास व अनिल का कहना है कि यमुना नदी में फिलहाल पानी उफान पर चल रहा है। अचानक जलस्तर बढ़ने से नदी के अंदर लगे इंजन, झोपड़ी सब डूब गई हैं। अगर लगातार जलस्तर बढ़ता रहा तो फसल बर्बाद हो सकती हैं। वहीं नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, पंचायत अफसर, ग्राम सचिव ने यमुना से सटे गांवों में जायजा लिया। गांवों में ठीकरी पहरा लगाया जा रहा है। किसान महेश, संदीप, सुभाष, नरेश, विनोद व सुखपाल का कहना है कि यमुना नदी में आई बाढ़ के पानी से नदी के अंदर खड़ी सब्जियों में पानी भर गया है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना नदी में दो दिनों से लगातार जलस्तर बढ़ रहा है । अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से निपटने के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। मिटटी के कट्टों को कटाव पर रखा जा रहा है।
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यमुना तटबंध से सनौली, बापौली व समालखा के मिर्जापुर समेत 12 गांवों में 14-15 हजार एकड़ में पानी घुस गया है। रहीमपुर खेड़ी का गांव का एक बार फिर संपर्क कट गया है। खोजकीपुर गांव के पास यमुना के पानी से कटाव को कम करने के लिए सिंचाई विभाग ने मिट्टी के कट्टे व पेडों की टहनियां डाली हैं। यमुना के पानी से गांव खोजकीपुर व नवादा आर में भूमि का कटाव लगातार हो रहा है।
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दोनों गांवों में कटाव पूरी तरह से बंद नहीं हो पाया है। गांव खोजकीपुर में तो सिंचाई विभाग की टीम ने रविवार को भी कटाव रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे व पेडों की टहनियां डाली हैं। बेलदार व मजदूर लगातार काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले तो यमुना में पानी एक लाख क्यूसेक तक हथिनी कुंड बैराज से पूरा दिन में छोड़ा जाता है। रविवार को एक लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी हर घंटे छोड़ा गया है।
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किसान गजे सिंह, सुभाष, कृष्ण, ताहिर, सलीम, सतपाल, बलबीर, रोहतास, मामन, राजबीर, रोहतास व अनिल का कहना है कि यमुना नदी में फिलहाल पानी उफान पर चल रहा है। अचानक जलस्तर बढ़ने से नदी के अंदर लगे इंजन, झोपड़ी सब डूब गई हैं। अगर लगातार जलस्तर बढ़ता रहा तो फसल बर्बाद हो सकती हैं। वहीं नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, पंचायत अफसर, ग्राम सचिव ने यमुना से सटे गांवों में जायजा लिया। गांवों में ठीकरी पहरा लगाया जा रहा है। किसान महेश, संदीप, सुभाष, नरेश, विनोद व सुखपाल का कहना है कि यमुना नदी में आई बाढ़ के पानी से नदी के अंदर खड़ी सब्जियों में पानी भर गया है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना नदी में दो दिनों से लगातार जलस्तर बढ़ रहा है । अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से निपटने के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। मिटटी के कट्टों को कटाव पर रखा जा रहा है।