फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Wrong data uploaded of 70 thousand properties, legal area made illegal, officers and townspeople caught their heads

70 हजार प्रॉपर्टियों का गलत डाटा किया अपलोड, वैध एरिया-बना अवैध, अफसरों और शहरवासियों ने पकड़ा सिर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2022 03:09 AM IST
विज्ञापन
Wrong data uploaded of 70 thousand properties, legal area made illegal, officers and townspeople caught their heads
पानीपत। आखिरकार निगम ने हजारों खामियों से भरे याशी के सर्वे को एनडीसी पोर्टल पर लागू करवा ही दिया। सर्वे लागू होते शहर के लाखों लोगों ने सिर पकड़ लिया। करीब 70 हजार प्रॉपर्टियों का डाटा ही गलत फीड कर दिया गया। जो संपत्तियां वैध क्षेत्र में थी, अवैध दिखा दिया गया। जिन्होंने टैक्स भरा, वह शून्य हो गया। जिन्होंने रजिस्ट्री के लिए एनडीसी लेकर तहसील में टोकन लिया था, पोर्टल अपडेट होने से बैरंग लौटना पड़ा। हजारों प्रॉपर्टियों के नाम, पते, क्षेत्र, कैटेगरी और फोटो गलत अपडेट की गई है। दीवाली पर्व पर निकाय ने शहरवासियों की झोली में एक नई मुसीबत दी है।
विज्ञापन

अफसरों का कहना है कि इस विषय पर मंगलवार को करनाल में मंत्री के साथ बैठक होगी। जिसमें स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। बैठक में स्पष्ट किया जाएगा कि इस डाटा को सही करवाया जाए। वरना पुराने डाटा को ही अपलोड किया जाए। गौरतलब है कि याशी के सर्वे में शहर में 1.73 लाख संपत्तियां मिली थीं। पहले एजेंसी का दावा था कि उनके डाटा का सिर्फ 30 प्रतिशत हिस्सा ही पुराने डाटा से मैच नहीं हो पा रहा है, लेकिन यह करीब 70 हजार प्रॉपर्टियों का निकला। इस डाटा को पुराने डाटा से मिलाने में निगम कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से जुटे हैं। जब डाटा अपडेट नहीं हुआ तो यूएलबी को भेज दिया गया। यूएलबी की ओर से भी बिना मिलान किए डाटा को पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया।
विज्ञापन

बॉक्स
लोगों की मेहनत पर फिरा पानी
जिन लोगों ने अपनी प्रॉपर्टी आईडी निगम में महीनों तक धक्के खाकर बनवाई थी, वह भी बदल गई। जिन्होंने अपनी संपत्तियों के डाटा को ठीक कराने के लिए पोर्टल पर आपत्ति जताई थी, वह भी मिट गई। जिनकी फाइलें लेवल वन और टू पर थी, कभी पोर्टल पर दिखाई दें तो कभी गायब हो जाएं। पुरानी आईडी में संपत्ति का जो डाटा था, उसका नई संपत्ति से मिलान नहीं हो सका। शहरवासियों के साथ निगम नेताओं के खुद के घरों को याशी के सर्वे ने अवैध बता दिया। जिससे दिन भर निगम में लोग चक्कर काटते रहे और दिन भर अफसरों के फोन बजते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
नया डाटा मुसीबतों का बना पहाड़
शहरवासियों की संपत्तियों का डाटा पहले पुराने सर्वे के अनुसार एनडीसी पोर्टल पर चल रहा था। एनडीसी पोर्टल पर ही आपत्ति लगाकर त्रुटियां दूर करवाई जाती थीं। अब दोबारा से पीएमएस हरियाणा पोर्टल को खोल दिया गया और एनडीसी से आपत्ति लगाने का विकल्प हटा दिया गया। जिसके बाद पीएमएस हरियाणा पोर्टल पर ही आपत्ति दर्ज करवाई जाएंगी। जिसे सही करने के बाद एनडीसी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

वर्जन:
गलत डाटा अपलोड होने को लेकर मंगलवार को करनाल में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के साथ बैठक होगी। इसमें डाटा की स्थिति स्पष्ट कर इसे ठीक करवाने की बात रखी जाएगी। अगर सुधार नहीं होने की गुंजाइश दिखी तो पुराने डाटा को ही पोर्टल पर अपडेट करवानी की बात रखी जाएगी।
समयपाल सिंह, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed