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गोत्र का नाम ‘कालीरमण’ लिखें
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समालखा। अखिल भारतीय कालीरमण खाप की ओर से कालीरमण गोत्र से जुड़े लोगों से रमन, राणा, कालीराना न लिखने की अपील की गई है। आह्वान किया गया कि सभी लोग गोत्र का नाम ‘कालीरमण’ ही लिखे, जिससे गोत्र का नाम न बिगड़े। खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष महासिंह ने कहा कि इस तरह गोत्र का नाम बिगड़ने से आने वाले समय में रिश्ते-नातों सहित विभिन्न सामाजिक दुविधाएं खड़ी हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि कालीरामण गोत्र के लोग मुख्यत: हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उतर प्रदेश, मध्यप्रदेश में रहते हैं। क्षेत्र एवं स्थान बदलने के साथ गोत्र की शब्दावली में परिवर्तन करने से सामाजिक ताना-बाना बिगड़ सकता है। खाप के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए कहा कि यह सामाजिक सुधारों को लेकर काम करेगी। समाज मे फैली सामाजिक कुप्रथाओं के खात्मे के लिए खाप अलख जगाने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज बंद करने के फैसले को प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए खाप समाज के लोगों में अलख जगाएंगी। मृत्यु भोज को बंद करने का प्रस्ताव खाप पहले ही पास कर चुकी है। जल संरक्षण, नैतिक शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या, पर्यावरण, नशा मुक्ति आदि मुद्दों को लेकर भी गंभीरता से खाप काम करेगी।
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27 फरवरी को होगा वार्षिक सम्मेलन
पूर्व उपप्रधान कैप्टन प्रताप सिंह, पूर्व प्रवक्ता कुलदीप सिंह व राजकुमार कालीरमण ने बताया कि 27 फरवरी 2022 को गांव सिसाये, हिसार में स्थित खाप के चबूतरे पर वार्षिक सम्मेलन प्रस्तावित है। इस दौरान विभिन्न सामाजिक सुधार से जुड़े फैसले लिए जाएंगे। वार्षिक सम्मेलन के अवसर भारतीय सेना के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही कालीरमण गोत्र से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, शिक्षा के क्षेत्र में जिला व प्रदेश स्तर पर अव्वल रहने वाले व प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि कालीरामण गोत्र के लोग मुख्यत: हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उतर प्रदेश, मध्यप्रदेश में रहते हैं। क्षेत्र एवं स्थान बदलने के साथ गोत्र की शब्दावली में परिवर्तन करने से सामाजिक ताना-बाना बिगड़ सकता है। खाप के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए कहा कि यह सामाजिक सुधारों को लेकर काम करेगी। समाज मे फैली सामाजिक कुप्रथाओं के खात्मे के लिए खाप अलख जगाने का काम करेगी।
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उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज बंद करने के फैसले को प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए खाप समाज के लोगों में अलख जगाएंगी। मृत्यु भोज को बंद करने का प्रस्ताव खाप पहले ही पास कर चुकी है। जल संरक्षण, नैतिक शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या, पर्यावरण, नशा मुक्ति आदि मुद्दों को लेकर भी गंभीरता से खाप काम करेगी।
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27 फरवरी को होगा वार्षिक सम्मेलन
पूर्व उपप्रधान कैप्टन प्रताप सिंह, पूर्व प्रवक्ता कुलदीप सिंह व राजकुमार कालीरमण ने बताया कि 27 फरवरी 2022 को गांव सिसाये, हिसार में स्थित खाप के चबूतरे पर वार्षिक सम्मेलन प्रस्तावित है। इस दौरान विभिन्न सामाजिक सुधार से जुड़े फैसले लिए जाएंगे। वार्षिक सम्मेलन के अवसर भारतीय सेना के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही कालीरमण गोत्र से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, शिक्षा के क्षेत्र में जिला व प्रदेश स्तर पर अव्वल रहने वाले व प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।