फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Workers' demands: Four hours less work, full wages, four days of rest a month...they work like slaves

श्रमिकों की मांग : चार घंटे कम काम, पूरा मिले दाम, महीने में चार दिन आराम...गुलामों की तरह लेते हैं काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 03:02 AM IST
विज्ञापन
Workers' demands: Four hours less work, full wages, four days of rest a month...they work like slaves
पानीपत। हम 12-12 घंटे की शरीर तोड़ मेहनत करते हैं तब जाकर महीने में 18 से 22 हजार रुपये मिलते हैं। हमारी शिफ्ट को चार घंटे कम कर आठ घंटे किया जाए। वेतन से कोई कटौती न हो और महीने में कम से कम चार दिन आराम करने के लिए दिए जाएं।
विज्ञापन

श्रमिकों ने अनदेखी का दर्द दबी जुबां से बयां करते हुए अपनी मांगों को रखा। सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारी श्रमिकों को एक दिन की छुट्टी देकर रिफाइनरी से बाहर कर दिया गया। गेट नंबर-4 से सबसे अधिक श्रमिकों का प्रवेश होता है। पथराव और तोड़ फोड़ भी यहीं हुआ। गेट के सामने कच्ची सड़क पर उठती धूल, जहां-तहां पड़े श्रमिकों के जूते और पथराव के निशान कुछ देर पहले हुए हिंसक प्रदर्शन ही गवाही दे रहे थे। झुंड में सिर से सिर जोड़कर खड़े श्रमिक दबी जबान पूरे प्रकरण के बारे में चर्चा करते नजर आए। प्रदर्शन की असल वजह जानने के लिए श्रमिकों से बात की गई तो उनका दर्द छलक आया। श्रमिकों ने कहा कि हमसे गुलामों की तरह काम कराया जाता है। सरकार ने एक दिन में आठ घंटे काम करने का नियम बनाया है। फिर भी 12 घंटे की शिफ्ट में काम कराया जाता है। श्रमिकों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। लंच करने का कोई समय निर्धारित नहीं है। वह महीने में 28 दिन काम करते हैं तो उन्हें पूरा वेतन मिलता है। जिस कारण बीमारी की हालत में भी वह छुट्टी नहीं ले सकते।
विज्ञापन

बिहार के मोतिहारी जिले के विनोद भारती और अनुश ने बताया कि वे अपनी इन्हीं मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर फायरिंग की गई और लाठी चार्ज कर उन्हें कंपनी से बाहर निकाल दिया गया। शांति से बाहर जा रहे श्रमिकों पर भी हमला किया गया। किसी के सिर तो किसी के बाजू पर लाठी मारी। इसके बाद ही श्रमिक उग्र हुए। उनको तोड़फोड़ के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने सरकार के नियमों की तरह आठ घंटे की शिफ्ट में काम कराया जाए और उनके वेतन में कोई कटौती न की जाए। महीने में 26 दिन कार्यदिवस हों और चार दिन आराम करने के लिए दिए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
ये हैं श्रमिकों की मुख्य छह मांग
1. ड्यूटी का समय 12 घंटे से घटाकर आठ घंटे किया जाए
2. शौचायल और पीने के पानी की उचित व्यवस्था की जाए
3. कैंटीन की व्यवस्था हो और लंच का समय निर्धारित किया जाए।
4. उनके वेतन में कटौती हिसाब से की जाए, ठेकेदार बेवजह कटौती न करें।
5. महीने में 28 के स्थान पर 26 कार्य दिवस रखे जाएं। चार दिन का आराम दिया जाए।
6. ठेकेदार और सुरक्षाबलों के जवानों का व्यवहार ठीक रहे, श्रमिकों के साथ अभद्र भाषा में बात न की जाए।
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed