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Panipat News: चारों बड़े औद्योगिक सेक्टरों में 22 करोड़ के काम अटके

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2024 06:30 AM IST
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Work worth Rs 22 crore stuck in four big industrial sectors
पानीपत। सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले औद्योगिक सेक्टर विकास के नाम पर एचएसवीपी, नगर निगम और एचआईआईडीसी के बीच उलझकर रह गए हैं। पहले प्राधिकरण व फिर नगर निगम यहां काम करने को तैयार नहीं था। जब काम करने को तैयार हुए तो ये सेक्टर एचएसआईआईडी को ट्रांसफर कर दिए। एचएसआईआईडी विकास कार्यों के लिए नगर निगम से ग्रांट का इंतजार कर रहा है। ऐसे में चारों सेक्टरों में करीब 22 करोड़ के विकास कार्य बीच में लटके हुए हैं।
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उल्लेखनीय है कि नगर निगम सेक्टरों में विकास कार्यों के लिए एचएसआईआईडी को ग्रांट ट्रांसफर नहीं कर रहा है और एचएसआईआईडीसी ग्रांट के बिना खाली बैठा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने औद्योगिक नगरी के विकास के लिए सेक्टर-25-वन, टू, 29-वन और टू समेत कई सेक्टर काटे थे। सेक्टर-29 पार्ट-टू डाई हाउस के लिए 2001 में काटा था। अब यहां करीब एक हजार डाई हाउस व उद्योग हैं। पहले सेक्टरों में विकास कार्यों का जिम्मा प्राधिकरण के पास थे। करीब छह साल पहले इनका जिम्मा नगर निगम को सौंप दिया गया। नगर निगम पहले सेक्टरों में काम करने को तैयार नहीं था। उद्यमी विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों के चक्कर काटते रहे। इसके बाद नगर निगम ने यहां काम कराने शुरू किए तो सरकार ने इन सेक्टरों को एचएसआईआईडी को ट्रांसफर कर दिए। अब एचएसआईआईडी इन सेक्टरों में विकास कार्य देख रहा है। उनके सामने ग्रांट बड़ी चुनौती है।
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तीन एजेंसियों में सेक्टर, नहीं ले रहा कोई जिम्मा
इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन सेक्टर-29-1 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि औद्योगिक सेक्टर में विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है। यहां सेक्टरों को एचएसवीपी, नगर निगम और एचएसआईआईडीसी तीन एजेंसियों में बांट दिया गया है। उद्यमी काम के लिए जाते हैं अधिकारी एक दूसरे पर टाल देते हैं। जीटी रोड से फ्लोरा चौक सड़क के लिए पांच साल से संघर्ष कर रहे हैं। सड़क अब तक नहीं बन पाई है। सेक्टर-29-टू के प्रधान नीतिन अरोड़ा ने बताया कि विकास कार्यों को लेकर एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कोई अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहा है।
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वर्जन :
औद्योगिक सेक्टर पिछले सालों में नगर निगम के पास थे। यहां विकास कार्य कराए गए हैं। नए कामों के भी प्रस्ताव बनाए गए थे। अब इनको एचएसआईआईडीसी को ट्रांसफर कर दिया गया है। संबंधित एजेंसी ही काम कर पाएगी।

अजय कुमार, जई, नगर निगम।


वर्जन :
औद्योगिक सेक्टरों को टेक ओवर कर लिया गया है। आरडब्ल्यूए से भी काम मांगे गए थे। सेक्टरों की सड़कों का करीब 20 करोड़ रुपये का प्रपोजल बनाकर निदेशालय भेजा गया है। निगम निगम से भी सेक्टरों में विकास कार्यों को लेकर ग्रांट की मांग की है। इसकी मंजूरी मिलते ही आगामी काम शुरू कर दिए जाएंगे।
गुलशन कुमार, एजीएम, एचआईआईडीसी।
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