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जहां पहले होती थी 70 वहां अब हो रही तीन रजिस्ट्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 01:45 AM IST
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where there used to be 70 registries now three
सरकार द्वारा रजिस्ट्री करवाने का नया सॉफ्टवेयर लोगों व जिला प्रशासन के गले की फांस बन चुका है। नए सॉफ्टवेयर में तहसील का रिकार्ड मिलान तक न होने से रजिस्ट्रियों में ऑटोमैटिक पाबंदी लग चुकी है। किसी भी शहरी रजिस्ट्री के लिए निगम द्वारा दी जाने वाली प्रापॅर्टी आईडी को अनिवार्य कर दिया है। वहीं निगम का अधूरा प्रॉपर्टी सर्वे लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। सॉफ्टवेयर जो प्रॉपर्टी आईडी उठाता है या तो उसमें प्रॉपर्टी का एरिया, प्रॉपर्टीधारक का नाम, उसकी लोकेशन गलत मिलती है या उसकी डिवलेपमेंट गलत आ जाती है। यहां अपनी फाइल जमा करवाने के बाद निगम उक्त प्रॉपर्टी का सर्वे करता है और इसे ठीक करवाने के बाद दोबारा सॉफ्टवेयर में लोड किया जाता है। इसके बाद दूसरी कई प्रकार की खामियों की वजह से रजिस्ट्री नहीं हो पाती।
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इसके चलते बुधवार को प्रदेश भर के डीआरओ, रजिस्ट्रार व तहसीलदारों ने डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नए सॉफ्टवेयर में आनी वाली समस्याओं से रूबरू करवाया। जिसके बाद डिप्टी सीएम ने सभी समस्याओं को नोट कर इनका जल्द ही समाधान करवाने की बात कही।
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पहले होती थी रोज 70 अब हो रही 3 से 4
बता दें जिला तहसील में नए सोफ्टवेयर की वजह से इसका इतना दुष्प्रभाव पड़ा है कि जहां रोजाना की एवरेज से करीब 70 रजिस्ट्रियां दिन में होती थी, आज वे ही रजिस्ट्रियां केवल तीन से चार की संख्या में ही हो रही हैँ। इससे पहले करीब डेढ़ माह तक रजिस्ट्रियां बंद भी रहा चुकी हैं। पिछले दो माह से भी ज्यादा समय में तहसील में करीब 30 रजिस्ट्रियां ही हो पाई हैं। कुल मिलाकर जितना काम और राजस्व पानीपत तहसील एक दिन में इकट्ठा करती थी अब वह काम और राजस्व एक महीने में भी पूरा नहीं हो पाएगा। वहीं लोगों को होने वाली परेशानियां अलग हैं।
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टोकन में भी आ रही खामियां
पहले टोकन तहसील कार्यालय से मिलता था, जिसे तहसील कर्मचारी पूरा आवेदन कर देते थे और समस्या नहीं आती थी, अब टोकन बाहर से कोई भी आवेदक ले सकता है और इसे अधूरा भरने या गलत भरने की वजह से डीड या रजिस्ट्री करवाने में समस्या आती है। मंगलवार को तहसील में 14 टोकन आए लेकिन इनमें खामियों के चलते केवल 3 ही डीड हो पाई।

वर्जन
डिप्टी सीएम को बताई समस्याएं- नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार अनिल कौशिक ने बताया कि प्रदेश के सभी तहसीलदारों की एक वीडियो कांफ्रेंस डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के साथ बुधवार को हुई। इसमें सभी ने नए साफ्टवेयर में आ रही पेरशानियों को डिप्टी सीएम से साझा किया है, जिसका डिप्टी सीएम ने जल्द ही समाधान करवाने की बात भी कही है ।
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