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Panipat News: सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप चैट वायरल एक्सईएन पर भ्रष्टाचार के आरोप
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पानीपत। शहर के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक वाट्सएप चैट वायरल हो रही है। जिसमें दो लोग आपस में एक विभाग के भ्रष्टाचार के बारे में बात कर रहे हैं। दोनों निगम में काम करने वाले ठेकेदार बताए जा रहे हैं। इनमें से एक एक्सईएन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है। जिसमें दूसरे से कहा जा रहा है कि एक्सईएन ने उससे एक योजना के काम के वर्क ऑर्डर जारी करने के दस लाख रुपये लिए हैं।
इस वाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट शहर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि इससे संबंधित किसी भी ठेकेदार या युवक ने विभाग को कोई शिकायत नहीं दी है।
वहीं स्क्रीनशॉट में दिखाई देने वाली बातचीत में भी किसी का नाम नहीं है। वहीं, संबंधित एक्सईएन का कहना है कि ये उनको सिर्फ बदनाम करने की साजिश है। अगर कुछ ऐसा होता तो विभाग में शिकायत भी दी जाती है। वाट्सएप चैट में ठेकेदार बताया जाने वाला युवक दूसरे को मैसेज कर लिख रहा है कि संबंधित विभाग में काम करने नहीं दिया जा रहा। वर्क ऑर्डर पर एक्सईएन को दो प्रतिशत कमीशन देना पड़ा है। दूसरे ने पूछा कि कौन इतना लोभी है तो जवाब आया कि कोई बाहर से नया आया है। टाइम एक्सटेंशन हो, वर्क आर्डर हो या कुछ हो । हर काम के पैसे चाहिए उसे। दूसरा लिखता है कि काम निकला और चल, ये तो ऐसे ही चलता रहेगा। इस बारे में एक्सईएन का कहना है कि ऐसे तो कोई भी किसी का नाम लिखकर कुछ भी वायरल कर देगा।
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किसी पर ऐसे लगाए जाने वाले आरोपों के साक्ष्य होने चाहिए। कम से कम उसकी विभाग में शिकायत तो होनी चाहिए। ये सब आरोप बेबुनियाद हैं। सिर्फ बदनाम करने की साजिश है।
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इस वाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट शहर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि इससे संबंधित किसी भी ठेकेदार या युवक ने विभाग को कोई शिकायत नहीं दी है।
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वहीं स्क्रीनशॉट में दिखाई देने वाली बातचीत में भी किसी का नाम नहीं है। वहीं, संबंधित एक्सईएन का कहना है कि ये उनको सिर्फ बदनाम करने की साजिश है। अगर कुछ ऐसा होता तो विभाग में शिकायत भी दी जाती है। वाट्सएप चैट में ठेकेदार बताया जाने वाला युवक दूसरे को मैसेज कर लिख रहा है कि संबंधित विभाग में काम करने नहीं दिया जा रहा। वर्क ऑर्डर पर एक्सईएन को दो प्रतिशत कमीशन देना पड़ा है। दूसरे ने पूछा कि कौन इतना लोभी है तो जवाब आया कि कोई बाहर से नया आया है। टाइम एक्सटेंशन हो, वर्क आर्डर हो या कुछ हो । हर काम के पैसे चाहिए उसे। दूसरा लिखता है कि काम निकला और चल, ये तो ऐसे ही चलता रहेगा। इस बारे में एक्सईएन का कहना है कि ऐसे तो कोई भी किसी का नाम लिखकर कुछ भी वायरल कर देगा।
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किसी पर ऐसे लगाए जाने वाले आरोपों के साक्ष्य होने चाहिए। कम से कम उसकी विभाग में शिकायत तो होनी चाहिए। ये सब आरोप बेबुनियाद हैं। सिर्फ बदनाम करने की साजिश है।