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Panipat News: बारिश से शहर में जलभराव, खेतों में धान को नुकसान
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पानीपत/ समालखा। भाद्र मास के अंतिम दिनों में दो दिन से चल रही मध्यम बारिश शहर से लेकर खेतों तक के लिए नुकसानदायक बन रही है। बारिश के चलते जहां शहर में जगह-जगह पानी भर गया है, वहीं खेतों में धान की फसल गिर गई है।
इसका असर धान की अगैती फसल की कटाई पर भी पड़ने लगा है। मंडी में अपेक्षाकृत धान नहीं पहुंच पा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने 5.8 एमएम बारिश बताई है। शनिवार को हल्के बादल छाए रहने का अनुमान जताया है।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे एक साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में बारिश तेज हो गई। दोपहर बाद ढाई बजे तक हल्की से मध्यम बारिश चलती रही। इससे पूरा दिन जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बारिश के चलते शहर में कई जगह सड़कों व गड्ढों में पानी जमा हो गया। कई कॉलोनियों में कीचड़ बन गया। लोगों को यहां से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी पैदल और दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार सीजन से पहले पानी निकासी के दावे किए गए थे लेकिन आज तक व्यापक प्रबंध नहीं किए जा सके। प्रशासन से लेकर जिम्मेदारी अधिकारियों के दावे हर बार बारिश में बहे हैं।
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किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश के चलते धान की कटाई का कार्य भी बंद हो गया है। वहीं पक्की फसल गिर गई है। जिसके चलते किसानों को उत्पादन घटने और दाना काला पड़ने का डर सताने लगा है। मनाना गांव निवासी राजेश ने बताया कि धान की अधिकतर फसल बारिश व हवा के चलते गिर गई है। अगैती फसल में नुकसान का डर है। जौरासी गांव निवासी मनोज ने बताया कि धान की कटाई शुरू करनी थी लेकिन बारिश के चलते रोक दी गई है। इन सबके बीच समालखा की नई अनाज मंडी में शुक्रवार को धान की 1509 किस्म की 250 क्विंटल धान खरीदी गई। यह 2200 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल के रेट खरीदी। मंडी सुपरवाइजर संदीप ने बताया कि एक सितंबर को धान की खरीद शुरू की थी। अब तक 1200 क्विंटल धान पहुंची है। एजेंसियों ने इसकी खरीद की है। शुक्रवार को बारिश के चलते मंडी में धान की आवक कम रही। मनाना
बापौली में सबसे अधिक बारिश
क्षेत्र बारिश (एमएम)
पानीपत 02
समालखा 06
इसराना 02
बापौली 13
मतलौडा 06
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इसका असर धान की अगैती फसल की कटाई पर भी पड़ने लगा है। मंडी में अपेक्षाकृत धान नहीं पहुंच पा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने 5.8 एमएम बारिश बताई है। शनिवार को हल्के बादल छाए रहने का अनुमान जताया है।
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शुक्रवार सुबह करीब सात बजे एक साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में बारिश तेज हो गई। दोपहर बाद ढाई बजे तक हल्की से मध्यम बारिश चलती रही। इससे पूरा दिन जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बारिश के चलते शहर में कई जगह सड़कों व गड्ढों में पानी जमा हो गया। कई कॉलोनियों में कीचड़ बन गया। लोगों को यहां से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी पैदल और दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार सीजन से पहले पानी निकासी के दावे किए गए थे लेकिन आज तक व्यापक प्रबंध नहीं किए जा सके। प्रशासन से लेकर जिम्मेदारी अधिकारियों के दावे हर बार बारिश में बहे हैं।
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किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश के चलते धान की कटाई का कार्य भी बंद हो गया है। वहीं पक्की फसल गिर गई है। जिसके चलते किसानों को उत्पादन घटने और दाना काला पड़ने का डर सताने लगा है। मनाना गांव निवासी राजेश ने बताया कि धान की अधिकतर फसल बारिश व हवा के चलते गिर गई है। अगैती फसल में नुकसान का डर है। जौरासी गांव निवासी मनोज ने बताया कि धान की कटाई शुरू करनी थी लेकिन बारिश के चलते रोक दी गई है। इन सबके बीच समालखा की नई अनाज मंडी में शुक्रवार को धान की 1509 किस्म की 250 क्विंटल धान खरीदी गई। यह 2200 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल के रेट खरीदी। मंडी सुपरवाइजर संदीप ने बताया कि एक सितंबर को धान की खरीद शुरू की थी। अब तक 1200 क्विंटल धान पहुंची है। एजेंसियों ने इसकी खरीद की है। शुक्रवार को बारिश के चलते मंडी में धान की आवक कम रही। मनाना
बापौली में सबसे अधिक बारिश
क्षेत्र बारिश (एमएम)
पानीपत 02
समालखा 06
इसराना 02
बापौली 13
मतलौडा 06