फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Wah re corporation officer.. Preparation to spend 24 lakhs to suppress the scam of 34 lakhs

Panipat News: वाह रे निगम अधिकारी.. 34 लाख का घोटाला दबाने के लिए 24 लाख खर्चने की तैयारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2023 01:46 AM IST
विज्ञापन
Wah re corporation officer.. Preparation to spend 24 lakhs to suppress the scam of 34 lakhs
पानीपत। एक बार फिर जिला कष्ट निवारण समिति में बुधवार को सेक्टर 25 के श्रीकृष्णा पार्क का घोटाला गूंजने ही वाला था कि निगम अधिकारियों ने बचने के लिए ठीक एक दिन पहले ही मंगलवार को पार्क के जीर्णोद्धार का फिर से 24.72 लाख का टेंडर लगा दिया। हैरानी की बात ये है कि यह मुद्दा कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहले भी उठाया गया था, लेकिन निगम अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। अब इसे दबाने के लिए नया टेंडर लगाकर लाखों खर्च करने की तैयारी कर ली गई है।
विज्ञापन

श्रीकृष्णा पार्क शहर के उन पार्कों में से एक है, जहां निगम अधिकारियों ने ठेकेदारों की मिलीभगत से घोटाले किए हैं। इस पार्क के जीर्णोद्धार के लिए निगम अधिकारियों ने सितंबर 2019 में 34 लाख का टेंडर लगाया था। इस राशि से पूरा काम भी नहीं किया गया। पार्क में जितना मैटीरियल लगाया गया वह भी घटिया क्वालिटी का था। इसके विरोध में स्थानीय लोग उतर आए। उन्होंने निगम अधिकारियों से लेकर नेताओं से जवाब तलब किए। जिस पर निगम अफसरों ने मामला ठंडा कर ठेकेदार का भुगतान करवा दिया।
विज्ञापन

इसके बाद सेक्टर 25 निवासी विनोद दुग्गल ने जिला कष्ट निवारण समिति में शिकायत दी। करीब 10 माह पहले आयोजित बैठक में अधिकारियों ने कहा कि वे मामले की जांच पड़ताल करेंगे, लेकिन कार्रवाई के बजाय अधिकारियों ने नया टेंडर लगाकर मामले को दबाने का प्रयास किया है। इससे सरकारी खजाने के 34 लाख तो उड़ ही गए अब अधिकारी और 24 लाख खर्च करने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सेक्टर के लोगों ने बताया कि पार्क में जो मैटीरियल लगाया गया था, वह घटिया था। काम भी पूरा नहीं किया गया। स्ट्रीट लाइट से लेकर पार्क में लगाई गईं टाइलें भी घटिया थीं। इसकी शिकायत पर निगम प्रशासन की ओर से एक कमेटी गठित की गई, जिसने जांच भी की, लेकिन जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी। इसके बाद निगम ने पिछले साल फिर से 24 लाख रुपये का टेंडर लगाया। टेंडर की तकनीकी बिड खुलने के बाद टेंडर को जांच रिपोर्ट का हवाला देकर कैंसिल कर दिया गया।

आज 10 महीने बाद जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक होने जा रही है। इसमें शिकायतों की सुनवाई शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुज्जर करेंगे। इसमें कुल 19 शिकायतें पटल पर रखी जाएंगी। इनमें से 15 शिकायतें पुरानी हैं। चार शिकायतें नई हैं। अब देखना यह है कि शिक्षामंत्री निगम के इस प्रकरण पर क्या संज्ञान लेते हैं।
इस बारे में नगर निगम एक्सईएन राहुल पुनिया से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed