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हाउस की बैठक में शामिल किया वक्फ बोर्ड बिल का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Tue, 05 Jan 2016 12:28 AM IST
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नगर निगम हाउस की बैठक सात जनवरी को तय की गई है। हालांकि इस पर निगम आयुक्त की मुहर नहीं लग सकी है। मेयर ने बैठक को जनहित में रखने की बात कही है। इस बार बैठक में वक्फ बोर्ड के नए बिल व शहर विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
नगर निगम के मेयर सुरेश वर्मा के कार्यालय में सोमवार को वार्ड पार्षदों ने बैठक की। यहां पर वक्फ बोर्ड टेनेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी भी पहुंचे और पार्षदों से वक्फ बोर्ड के नए बिल से अवगत कराया।
पार्षदों ने इस विषय को नगर निगम के हाउस की बैठक में रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दुकान, मकान या कॉलोनी का नहीं है, बल्कि आधे से ज्यादा शहर वक्फ बोर्ड की जमीन पर बसा हुआ है।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है, लेकिन देश में आज भी वक्फ बोर्ड चल रहा है। वक्फ बोर्ड का नया बिल बसे बसाए दुकानदारों व लोगों को उजाडने वाला है।
इसके लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति स्थायी बिजनेस या मकान में नहीं रह सकेगा। पार्षदों ने एकमत से इस मुद्दे को हाउस की बैठक में रखने और तुरंत बैठक बुलाने की बात कही।
मेयर सुरेश वर्मा ने सभी पार्षदों की रजामंदी से सात जनवरी को नगर निगम हाउस की बैठक बुलाने का फैसला लिया। उन्होंने सात जनवरी को दोपहर तीन बजे लघु सचिवालय में की जाएगी।
मेयर सुरेश वर्मा ने बताया कि इस विषय में निगम आयुक्त को अवगत करा दिया जाएगा। सरकारी अधिकारी बैठक में शामिल नहीं होंगे तो पार्षद अपने स्तर पर बैठक करेंगे। वे शहर के विकास व वक्फ बोर्ड के नए बिल को लेकर गंभीर हैं।
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नगर निगम के मेयर सुरेश वर्मा के कार्यालय में सोमवार को वार्ड पार्षदों ने बैठक की। यहां पर वक्फ बोर्ड टेनेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी भी पहुंचे और पार्षदों से वक्फ बोर्ड के नए बिल से अवगत कराया।
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पार्षदों ने इस विषय को नगर निगम के हाउस की बैठक में रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दुकान, मकान या कॉलोनी का नहीं है, बल्कि आधे से ज्यादा शहर वक्फ बोर्ड की जमीन पर बसा हुआ है।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है, लेकिन देश में आज भी वक्फ बोर्ड चल रहा है। वक्फ बोर्ड का नया बिल बसे बसाए दुकानदारों व लोगों को उजाडने वाला है।
इसके लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति स्थायी बिजनेस या मकान में नहीं रह सकेगा। पार्षदों ने एकमत से इस मुद्दे को हाउस की बैठक में रखने और तुरंत बैठक बुलाने की बात कही।
मेयर सुरेश वर्मा ने सभी पार्षदों की रजामंदी से सात जनवरी को नगर निगम हाउस की बैठक बुलाने का फैसला लिया। उन्होंने सात जनवरी को दोपहर तीन बजे लघु सचिवालय में की जाएगी।
मेयर सुरेश वर्मा ने बताया कि इस विषय में निगम आयुक्त को अवगत करा दिया जाएगा। सरकारी अधिकारी बैठक में शामिल नहीं होंगे तो पार्षद अपने स्तर पर बैठक करेंगे। वे शहर के विकास व वक्फ बोर्ड के नए बिल को लेकर गंभीर हैं।