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Panipat News: बदला लेने के लिए वीरेंद्र की गोली मारकर की थी हत्या
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समालखा। बुड़शाम गांव के खेतों में चार अगस्त को शराब पार्टी के दौरान सोनीपत के उल्देपुर ठरू गांव निवासी वीरेंद्र उर्फ बल्लू की गोली मारकर हत्या करने के मामले में सीआईए-टू ने आराेपी इंद्रजीत को छह दिन बाद गन्नौर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इंद्रजीत की धरपकड़ के लिए लगातार छापामारी कर रही थी। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि 2020 में गांव में हुए झगड़े का बदला लेने के लिए उसने वीरेंद्र की गोली मारकर हत्या की है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। उससे पिस्तौल व वारदात में प्रयुक्त एक्टिवा बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सीआईए-टू प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इंद्रजीत ने वीरेंद्र की हत्या करने के आरोपों को कबूल किया है। उसने बताया कि 2020 में वीरेंद्र के बड़े भाई ब्रह्मपाल का गांव के ही रमेश व कप्तान के साथ झगड़ा हुआ था। झगड़े में इंद्रजीत ने कप्तान व रमेश का साथ दिया था। इस दौरान उनकी भी इंद्रजीत के साथ कहासुनी हुई थी। वह उनसे इस बात पर रंजिश रखता था। उसने साजिशन धीरे-धीरे वीरेंद्र से दोस्ती की और चार अगस्त को उसे अपने साथ एक्टिवा पर लेकर बुड़शाम गांव आया। यहां उसने अपने दोस्त तरुण के ममेरे भाई पंकज व उसके दोस्त अनिल के साथ खेत में शराब पार्टी की। पंकज शराब लेने ठेके पर चला गया और अनिल खेत में धान में पानी देने लगा। इसी वक्त उसकी वीरेंद्र के साथ कहासुनी हो गई। उसने वीरेंद्र के माथे पर गोली मार दी। इससे वीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। अनिल गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर आया तो वह एक्टिवा लेकर फरार हो गया। उसे बुधवार रात गन्नौर के पास गिरफ्तार किया गया। इंद्रजीत पर पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास व धोखाधड़ी के तीन केस दर्ज हैं। उसे हत्या के प्रयास मामले में पांच साल की सजा हो चुकी है। वह फिलहाल जमानत पर था।
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सीआईए-टू प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इंद्रजीत ने वीरेंद्र की हत्या करने के आरोपों को कबूल किया है। उसने बताया कि 2020 में वीरेंद्र के बड़े भाई ब्रह्मपाल का गांव के ही रमेश व कप्तान के साथ झगड़ा हुआ था। झगड़े में इंद्रजीत ने कप्तान व रमेश का साथ दिया था। इस दौरान उनकी भी इंद्रजीत के साथ कहासुनी हुई थी। वह उनसे इस बात पर रंजिश रखता था। उसने साजिशन धीरे-धीरे वीरेंद्र से दोस्ती की और चार अगस्त को उसे अपने साथ एक्टिवा पर लेकर बुड़शाम गांव आया। यहां उसने अपने दोस्त तरुण के ममेरे भाई पंकज व उसके दोस्त अनिल के साथ खेत में शराब पार्टी की। पंकज शराब लेने ठेके पर चला गया और अनिल खेत में धान में पानी देने लगा। इसी वक्त उसकी वीरेंद्र के साथ कहासुनी हो गई। उसने वीरेंद्र के माथे पर गोली मार दी। इससे वीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। अनिल गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर आया तो वह एक्टिवा लेकर फरार हो गया। उसे बुधवार रात गन्नौर के पास गिरफ्तार किया गया। इंद्रजीत पर पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास व धोखाधड़ी के तीन केस दर्ज हैं। उसे हत्या के प्रयास मामले में पांच साल की सजा हो चुकी है। वह फिलहाल जमानत पर था।
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