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मौसम में बदलाव के साथ बढ़े वायरल बुखार और निमोनिया के मरीज
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सिविल अस्पताल में लोगों की भीड़।
- फोटो : Panipat
मौसम में बदलाव के साथ शहर में वायरल बुखार, निमोनिया और उल्टी दस्त के मरीज बढ़ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी दोगुनी हो चुकी है। सिविल अस्पताल की ओपीडी 800 से बढ़कर लगभग 1500 हो चुकी है। सिविल अस्पताल में वायरल फीवर के हर रोज 350-400 मरीज आ रहे हैं। अधिकतर बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। सिविल अस्पताल में ओपीडी की लाइन, दवा वितरण काउंटर, डॉक्टर कक्ष, सभी जगह मरीजों की भीड़ है। भीड़ बढ़ने से डॉक्टर भी परेशान हैं। ऐसे में कोरोना का खतरा भी बढ़ रहा है। वायरल फीवर के केस बढ़ते ही कोरोना की सैंपलिंग भी बढ़ गई है। डॉक्टरों की लोगों से अपील है कि बदलते मौसम में ठंडे पानी का सेवन न करें और एसी से परहेज करें। बाहर का खाना खाने से बचें।
सिविल अस्पताल में रोज 1500 मरीजों की ओपीडी हो रही है। इनमें करीब 350 से अधिक मरीज उल्टी-दस्त, डायरिया, डिहाइड्रेशन निमोनिया आदि बीमारियों के हैं। रोज हीट स्ट्रोक के दो से तीन और बुखार के 50 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें 10 साल तक के छोटे बच्चों की संख्या अधिक है। डॉक्टरों के मुताबिक बुखार और हीट स्ट्रोक, उल्टी-दस्त आदि कई बीमारियों की वजह गर्मी का असर और मौसम में बदलाव है। जिले के 140 निजी अस्पतालों में आमतौर पर हर रोज लगभग 7 हजार लोगों की ओपीडी होती थी, जोकि बढ़कर 10 हजार पार हो चुकी है।
वायरल टाइफाइड से घट रही प्लेटलेट्स
सिविल अस्पताल में सामान्य ओपीडी के इंचार्ज डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि उनके पास रोजाना ओपीडी में 350-400 मरीज आ रहे हैं। इसमें वायरल बुखार व सर्दी, जुकाम के ही 200-250 मरीज रोजाना मिल रहे हैं। वायरल-टायफाइड में मरीजों की प्लेटलेट्स घट रही है। बदलता मौसम लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। हम मरीजों की डेंगू, मलेरिया और कोरोना की भी जांच लिख रहे हैं। रोजाना करीब ऐसे 150 मरीजों की कोरोना की जांच हो रही है।
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घबराएं नहीं, एहतियात के तौर पर डेंगू-मलेरिया और कोरोना जांच कराएं
डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि सर्दी, जुकाम और बुखार होने पर घबराएं नहीं। एहतियात के तौर पर डेंगू-मलेरिया और कोरोना की जांच कराएं। लापरवाही न बरतें, दवा का सेवन करें। टाइफाइड का मुख्य कारण दूषित खानपान है। दूषित जल सेवन करने से टाइफाइड बुखार होता है। रक्त की जांच अवश्य कराएं। बुखार होने पर अनुभवी चिकित्सक से परामर्श लें।
कई दिन बुखार रहने से कमजोर हो रही रोग प्रतिरोधक क्षमता : डॉ. सुदीप
आयुष्मान भव अस्पताल के डॉ. सुदीप सांगवान ने बताया कि बदलता मौसम लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। दिन की तेज गर्मी में लोग ठंडा पानी, आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक सेवन कर लेते हैं। दिन-रात कूलर-एसी चलाते हैं। इससे जुकाम-खांसी, वायरल बुखार होता है। कई दिन तक बुखार रहने से निमोनिया की स्थिति बन जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। बदलते मौसम में बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
वायरल बुखार के लक्षण
आंखें लाल होना
टाइफाइड बुखार के लक्षण
शरीर में अत्यधिक कमजोरी आना
दस्त लगना
त्वचा पर लाल रेशे
गले में खराश और कंपकंपी
दो सप्ताह तक डायरिया या खांसी
खांसी, जुकाम, तेज बुखार
बच्चे को सांस लेने में कठिनाई
उल्टी लगना
बच्चों में वायरल के लक्षण
थकान, जोड़ों में दर्द
मांसपेशियों व बदन में दर्द
पेट दर्द, सिर दर्द, भूख कम लगना
बच्चा थका हुआ लगता है
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सिविल अस्पताल में रोज 1500 मरीजों की ओपीडी हो रही है। इनमें करीब 350 से अधिक मरीज उल्टी-दस्त, डायरिया, डिहाइड्रेशन निमोनिया आदि बीमारियों के हैं। रोज हीट स्ट्रोक के दो से तीन और बुखार के 50 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें 10 साल तक के छोटे बच्चों की संख्या अधिक है। डॉक्टरों के मुताबिक बुखार और हीट स्ट्रोक, उल्टी-दस्त आदि कई बीमारियों की वजह गर्मी का असर और मौसम में बदलाव है। जिले के 140 निजी अस्पतालों में आमतौर पर हर रोज लगभग 7 हजार लोगों की ओपीडी होती थी, जोकि बढ़कर 10 हजार पार हो चुकी है।
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वायरल टाइफाइड से घट रही प्लेटलेट्स
सिविल अस्पताल में सामान्य ओपीडी के इंचार्ज डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि उनके पास रोजाना ओपीडी में 350-400 मरीज आ रहे हैं। इसमें वायरल बुखार व सर्दी, जुकाम के ही 200-250 मरीज रोजाना मिल रहे हैं। वायरल-टायफाइड में मरीजों की प्लेटलेट्स घट रही है। बदलता मौसम लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। हम मरीजों की डेंगू, मलेरिया और कोरोना की भी जांच लिख रहे हैं। रोजाना करीब ऐसे 150 मरीजों की कोरोना की जांच हो रही है।
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घबराएं नहीं, एहतियात के तौर पर डेंगू-मलेरिया और कोरोना जांच कराएं
डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि सर्दी, जुकाम और बुखार होने पर घबराएं नहीं। एहतियात के तौर पर डेंगू-मलेरिया और कोरोना की जांच कराएं। लापरवाही न बरतें, दवा का सेवन करें। टाइफाइड का मुख्य कारण दूषित खानपान है। दूषित जल सेवन करने से टाइफाइड बुखार होता है। रक्त की जांच अवश्य कराएं। बुखार होने पर अनुभवी चिकित्सक से परामर्श लें।
कई दिन बुखार रहने से कमजोर हो रही रोग प्रतिरोधक क्षमता : डॉ. सुदीप
आयुष्मान भव अस्पताल के डॉ. सुदीप सांगवान ने बताया कि बदलता मौसम लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। दिन की तेज गर्मी में लोग ठंडा पानी, आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक सेवन कर लेते हैं। दिन-रात कूलर-एसी चलाते हैं। इससे जुकाम-खांसी, वायरल बुखार होता है। कई दिन तक बुखार रहने से निमोनिया की स्थिति बन जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। बदलते मौसम में बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
वायरल बुखार के लक्षण
आंखें लाल होना
टाइफाइड बुखार के लक्षण
शरीर में अत्यधिक कमजोरी आना
दस्त लगना
त्वचा पर लाल रेशे
गले में खराश और कंपकंपी
दो सप्ताह तक डायरिया या खांसी
खांसी, जुकाम, तेज बुखार
बच्चे को सांस लेने में कठिनाई
उल्टी लगना
बच्चों में वायरल के लक्षण
थकान, जोड़ों में दर्द
मांसपेशियों व बदन में दर्द
पेट दर्द, सिर दर्द, भूख कम लगना
बच्चा थका हुआ लगता है

गेट के पास लगी लंबी लाइन।- फोटो : Panipat