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Panipat News: वीआईपी नंबर की बोली ऊंची, शुल्क भरते समय धड़ाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 May 2023 02:34 AM IST
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Vip number bid high, while paying fees

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पानीपत। बड़ी गाड़ियों के छोटे नंबर लेने की होड़ में पहले ऊंची बोली लगा दी। जब पैसे जमा कराने के वक्त धड़ाम हो गए। बोली देने के पांच दिन बाद भी कई बोलीदाता पैसे जमा नहीं करा पाए हैं। ये लोग अधिकारियों और कर्मचारियों के गले की फांस बन गए हैं। एसडीएम कार्यालय की भी बड़ी लापरवाही इसमें सामने आई है।
इसमें बोली से पहले से किसी से सिक्योरिटी जमा नहीं कराई। अधिकारी और कर्मचारी अब दूसरे बोलीदाता को नंबर देने में लगे हुए हैं। वे भी पीछे हट गए हैं। ऐसे में एसडीएम कार्यालय नंबरों को लेकर फिर से बोली करने की तैयारी में है। पानीपत उपमंडल ने वाहनों के पंजीकरण की नई सीरिज एचआर-06-बीसी एक मई को शुरू की थी। इसमें कुछ नंबरों को बोली पर रखा था। एसडीएम कार्यालय में 15 नंबरों के लिए करीब 61 बोलीदाता पहुंचे थे। एसडीएम वीरेंद्र ढुल की देखरेख में बोली कराई थी। बोलीदाता को साथ के साथ पैसों की रसीद कटवानी थी, लेकिन कई लोगों ने रसीद कटवाने के लिए एक या दो दिन का समय मांग लिया था। कई नंबरों के बोलीदाता शुक्रवार को पांचवें दिन भी नहीं पहुंचे। अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता 9999 की सबसे ऊंची 2.61 और फिर 1000 नंबर की 1.71 लाख की बोली बने हुए हैं।
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नेताओं की खींचतान में चढ़ी बोली
नई सीरिज में 9999 नंबर जजपा नेता देवेंद्र कादियान लेना चाहते थे। इसी बीच भाजपा नेता और बड़ौली के पूर्व सरपंच अवतार सिंह बोली में कूद गए। इसकी सरकारी फीस 50 हजार रुपये थी। हालांकि जजपा नेता देवेंद्र सिंह कादियान बोली में नहीं थे। बोली एक-दूसरे को देखकर 2.61 लाख रुपये पर पहुंच गई। यह सभी नंबरों में सबसे ऊंची बोली थी। इसी तरह 1000 नंबर की सरकारी फीस 50 हजार रुपये थी। यह बोली थी 1.71 लाख पर पहुंच गई। पहला बोलीदाता अब पीछे हट गया। प्रशासन ने दूसरे नंबर की 1.70 लाख की बोली लगाने वाले को फीस जमा कराने की कही तो वह भी पीछे हट गया। वह अब सरकारी फीस में नंबर लेना चाहता है।
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एजेंसी से गाड़ी नहीं मिली
भाजपा नेता अवतार शास्त्री ने बताया कि उसने एक जनवरी को स्कॉर्पियो बुक कराई थी। एजेंसी से एक मई को बाॅडी की डिलीवरी होनी थी, लेकिन एजेंसी ने डिलीवरी नहीं दी। उसको गाड़ी के लिए अच्छा नंबर चाहिए। वह पहले आओ, पहले पाओ स्कीम के चलते 9999 नंबर लेने गया था। उसकी पहली फाइल थी, लेकिन अधिकारियों ने अनदेखा कर बोली करा दी। अधिकारियों से डिलीवरी तक का समय मांगा है। बोली के समय दलाल कई-कई फाइल लेकर धूम रहे थे। उनके चलते बोली बढ़ती चली गई।

वर्जन :
नई सीरिज में कई नंबरों की बोली कराई गई थी। बोलीदाताओं से संपर्क किया जा रहा है। वे नहीं आते हैं तो जल्द आगामी कदम उठाया जाएगा।
वीरेंद्र ढुल, एसडीएम, पानीपत।
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