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वीआईपी कल्चर छोड़ नमो के साथ प्रशासनिक अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:29 AM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीआईपी कल्चर को छोड़ने के आह्वान में जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हो गए हैं। डीसी से लेकर एडीसी व एसडीएम स्तर के सभी अधिकारियों ने अपनी गाड़ियों की बत्ती उतरवा दी है। परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्णलाल पंवार ने भी अपनी सरकारी गाड़ी से खुद बत्ती उतारी। वहीं कुछ विभागों के अधिकारी बत्ती के साथ गाड़ी घुमाते रहे। ऐस अधिकारी विभागीय अधिकारियों की गाइडलाइन के चक्कर में फंसे हैं। डीसी ने भी इसको सराहनीय कदम बताया है।
लघु सचिवालय में वीरवार को डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे समेत बाकी प्रशासनिक अधिकारी अपनी बत्ती लगी गाड़ी में आए और अपने-अपने कार्यालयों में काम करने लग गए। इसी बीच प्रशासनिक अधिकारियों को वीआईपी कल्चर को छोड़ने का मैसेज मिला और डीसी समेत बाकी प्रशासनिक अधिकारियों के ड्राइवर व दूसरे कर्मियों ने गाड़ियों की बत्ती उतार दी। लघु सचिवालय में कुछ देर तक तो बत्ती उतारने का दृश्य देखने वाला रहा। डीसी समेत प्रशासनिक अधिकारी शाम को सामान्य लोगों की तरह अपनी गाड़ी में घर की तरफ रवाना हुए।
कई विभागों के अधिकारियों ने नहीं उतारी बत्ती
डीसी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी-अपनी गाड़ियों की बत्ती वीरवार को ही उतार दी, लेकिन कई विभागों के अधिकारियों ने बत्ती नहीं उतारी। कई अधिकारी बत्ती उतारने को लेकर मुख्यालय स्थित अधिकारियों से संपर्क करने में लगे रहे। एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंनेे मुख्यालय में इस बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने किसी तरह का नोटिफिकेशन या लेटर न आने की बात कही है। ऐसे में गाड़ियों की बत्ती नहीं उतारी गई। इस तरह का कोई मार्गदर्शन मिलता है तो गाड़ियों से बत्ती उतार दी जाएगी। वहीं पुलिस की गाड़ियों से बत्ती उतारने की स्थिति साफ नहीं हो पाई है।
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टोल की वीआईपी लेन दिखी खाली
वीआईपी कल्चर खत्म होते ही गाड़ियों से बत्ती उतरनी शुरू हो गई और इसके साथ ही टोल स्थित वीआईपी लेन पर लगने वाली वाहनों की लंबी लाइन भी खत्म हो गई। अमर उजाला टीम जीटी रोड स्थित टोल पर दोपहर के समय पहुंची तो वीआईपी लेन पूरी तरह से खाली मिली, जबकि दूसरी लेन पर वाहनों की भीड़ रही। पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे स्थित डाहर टोल के सीनियर शिफ्ट इंचार्ज अजय लोहान ने बताया कि उनके टोल पर वीआईपी गाड़ियों के लिए अलग से लेन बनाई गई है। वीरवार को अपेक्षाकृत कम गाड़ियां टोल की वीआईपी लेन से गुजरी हैं।
इनेलो और कांग्रेस ने कहा- फैसला अच्छा, पर एक समान होना चाहिए
इनेलो व कांग्रेस ने वीआईपी कल्चर खत्म करने के कदम की सराहना की है, लेकिन इसमें कैटेगरी निरधारण को गलत बताया है। इनेलो के युवा नेता देवेंद्र सिंह कादियान ने बताया कि वीआईपी कल्चर को खत्म करने का फैसला सराहनीय है, लेकिन ज्यूडिशरी को इससे बाहर करना ठीक नहीं है। ज्यूडिशरी को भी इसमें शामिल करना चाहिए। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एडवोकेट जितेंद्र कुंडू ने बताया कि सरकार इस तरह के कल्चर को अपनाकर जनता का ध्यान विकास के मुद्दों से हटाने की सोच के साथ कर रही है। सरकार को विकास पर फोकस रहना चाहिए।
वर्जन
मैंने वीआईपी कल्चर को छोड़ते हुए खुद अपनी गाड़ी से बत्ती उतरवाई है। मैं इसके बाद सामान्य लोगों की तरह गाड़ी में गया। मेरे बाकी अधिकारियों ने भी इसका समर्थन किया और अपनी-अपनी गाड़ियों की बत्ती उतरवा दी। बाकी अधिकारियों को भी इसको अपनाना चाहिए।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत
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पानीपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीआईपी कल्चर को छोड़ने के आह्वान में जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हो गए हैं। डीसी से लेकर एडीसी व एसडीएम स्तर के सभी अधिकारियों ने अपनी गाड़ियों की बत्ती उतरवा दी है। परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्णलाल पंवार ने भी अपनी सरकारी गाड़ी से खुद बत्ती उतारी। वहीं कुछ विभागों के अधिकारी बत्ती के साथ गाड़ी घुमाते रहे। ऐस अधिकारी विभागीय अधिकारियों की गाइडलाइन के चक्कर में फंसे हैं। डीसी ने भी इसको सराहनीय कदम बताया है।
लघु सचिवालय में वीरवार को डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे समेत बाकी प्रशासनिक अधिकारी अपनी बत्ती लगी गाड़ी में आए और अपने-अपने कार्यालयों में काम करने लग गए। इसी बीच प्रशासनिक अधिकारियों को वीआईपी कल्चर को छोड़ने का मैसेज मिला और डीसी समेत बाकी प्रशासनिक अधिकारियों के ड्राइवर व दूसरे कर्मियों ने गाड़ियों की बत्ती उतार दी। लघु सचिवालय में कुछ देर तक तो बत्ती उतारने का दृश्य देखने वाला रहा। डीसी समेत प्रशासनिक अधिकारी शाम को सामान्य लोगों की तरह अपनी गाड़ी में घर की तरफ रवाना हुए।
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कई विभागों के अधिकारियों ने नहीं उतारी बत्ती
डीसी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी-अपनी गाड़ियों की बत्ती वीरवार को ही उतार दी, लेकिन कई विभागों के अधिकारियों ने बत्ती नहीं उतारी। कई अधिकारी बत्ती उतारने को लेकर मुख्यालय स्थित अधिकारियों से संपर्क करने में लगे रहे। एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंनेे मुख्यालय में इस बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने किसी तरह का नोटिफिकेशन या लेटर न आने की बात कही है। ऐसे में गाड़ियों की बत्ती नहीं उतारी गई। इस तरह का कोई मार्गदर्शन मिलता है तो गाड़ियों से बत्ती उतार दी जाएगी। वहीं पुलिस की गाड़ियों से बत्ती उतारने की स्थिति साफ नहीं हो पाई है।
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टोल की वीआईपी लेन दिखी खाली
वीआईपी कल्चर खत्म होते ही गाड़ियों से बत्ती उतरनी शुरू हो गई और इसके साथ ही टोल स्थित वीआईपी लेन पर लगने वाली वाहनों की लंबी लाइन भी खत्म हो गई। अमर उजाला टीम जीटी रोड स्थित टोल पर दोपहर के समय पहुंची तो वीआईपी लेन पूरी तरह से खाली मिली, जबकि दूसरी लेन पर वाहनों की भीड़ रही। पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे स्थित डाहर टोल के सीनियर शिफ्ट इंचार्ज अजय लोहान ने बताया कि उनके टोल पर वीआईपी गाड़ियों के लिए अलग से लेन बनाई गई है। वीरवार को अपेक्षाकृत कम गाड़ियां टोल की वीआईपी लेन से गुजरी हैं।
इनेलो और कांग्रेस ने कहा- फैसला अच्छा, पर एक समान होना चाहिए
इनेलो व कांग्रेस ने वीआईपी कल्चर खत्म करने के कदम की सराहना की है, लेकिन इसमें कैटेगरी निरधारण को गलत बताया है। इनेलो के युवा नेता देवेंद्र सिंह कादियान ने बताया कि वीआईपी कल्चर को खत्म करने का फैसला सराहनीय है, लेकिन ज्यूडिशरी को इससे बाहर करना ठीक नहीं है। ज्यूडिशरी को भी इसमें शामिल करना चाहिए। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एडवोकेट जितेंद्र कुंडू ने बताया कि सरकार इस तरह के कल्चर को अपनाकर जनता का ध्यान विकास के मुद्दों से हटाने की सोच के साथ कर रही है। सरकार को विकास पर फोकस रहना चाहिए।
वर्जन
मैंने वीआईपी कल्चर को छोड़ते हुए खुद अपनी गाड़ी से बत्ती उतरवाई है। मैं इसके बाद सामान्य लोगों की तरह गाड़ी में गया। मेरे बाकी अधिकारियों ने भी इसका समर्थन किया और अपनी-अपनी गाड़ियों की बत्ती उतरवा दी। बाकी अधिकारियों को भी इसको अपनाना चाहिए।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत