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शराब फैक्टरी में प्रदूषण नियंत्रण पर ग्रामीण संतुष्ट नहीं, फिर की शिकायत
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समालखा। ग्रामीणों से बात करते हुए एसडीएम
- फोटो : Panipat
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समालखा। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर किए जा रहे शराब फैक्टरी प्रबंधन के काम से गांव चुलकाना के लोग असंतुष्ट हैं। उन्होंने फैक्टरी से फिर से धुएं के जरिए गांव में राख फैलने, सीसीटीवी नहीं लगाने, बोरवेट में गंदा पानी डालने का आरोप लगाया है। इसको लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम अश्विनी मलिक से शिकायत भी की। साथ ही ग्रामीणों की बनाई कमेटी के दो सदस्यों द्वारा निरीक्षण करवाने की बात भी अधिकारी के सामने रखी।
एसडीएम से मिलने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि फैक्टरी से कुछ दिन तो हल्का धुआं निकल रहा था, लेकिन अभी चिमनी से फिर से काला धुआं निकलना शुरू हो गया है। इससे गांव में राख गिर रही है। साथ ही फैक्टरी के अंदर बोरवेल कच्चा है जिसमें गंदा पानी न डालने और इसे कंक्रीट से बंद करने की बात फैक्टरी प्रबंधन द्वारा कही गई थी। फैक्टरी दोबारा शुरू करने की स्वीकृति के दौरान सीसीटीवी लगाने की बात कही गई थी। इसे भी पूरा नहीं किया गया। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन को उनके द्वारा लिखित में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर दी गए पत्र की कॉपी मांगने पर उन्होंने उपमंडल अधिकारी समालखा के पास होने की बात कही, लेकिन अधिकारी ने उन्हें बताया कि फैक्टरी प्रबंधन ने उन्हें लिखित में नहीं दिया है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीण फैक्टरी प्रबंधन के प्रदूषण नियंत्रण के उपायों से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसा ही रहा तो फिर से धरना प्रदर्शन के बारे में ग्रामीण सोच सकते हैं। वहीं इस बारे में एसडीएम अश्विनी मलिक का कहना है कि फैक्टरी प्रबंधन को सीसीटीवी लगाने और बोरवेल को पक्का करने के निर्देश दिए गए हैं।
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एसडीएम से मिलने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि फैक्टरी से कुछ दिन तो हल्का धुआं निकल रहा था, लेकिन अभी चिमनी से फिर से काला धुआं निकलना शुरू हो गया है। इससे गांव में राख गिर रही है। साथ ही फैक्टरी के अंदर बोरवेल कच्चा है जिसमें गंदा पानी न डालने और इसे कंक्रीट से बंद करने की बात फैक्टरी प्रबंधन द्वारा कही गई थी। फैक्टरी दोबारा शुरू करने की स्वीकृति के दौरान सीसीटीवी लगाने की बात कही गई थी। इसे भी पूरा नहीं किया गया। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन को उनके द्वारा लिखित में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर दी गए पत्र की कॉपी मांगने पर उन्होंने उपमंडल अधिकारी समालखा के पास होने की बात कही, लेकिन अधिकारी ने उन्हें बताया कि फैक्टरी प्रबंधन ने उन्हें लिखित में नहीं दिया है।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीण फैक्टरी प्रबंधन के प्रदूषण नियंत्रण के उपायों से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसा ही रहा तो फिर से धरना प्रदर्शन के बारे में ग्रामीण सोच सकते हैं। वहीं इस बारे में एसडीएम अश्विनी मलिक का कहना है कि फैक्टरी प्रबंधन को सीसीटीवी लगाने और बोरवेल को पक्का करने के निर्देश दिए गए हैं।
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