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तनाव पर नियंत्रण ही स्थायी सुख : गिरीश
Thu, 03 Sep 2026 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:35 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेक्टर-25 स्थित सेवाकेंद्र पर बुधवार को विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता बीके गिरीश (माउंट आबू) ने ‘तनाव प्रबंधन एवं आत्म-विकास’ विषय पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया। उन्होंने तनाव को साइलेंट किलर बताते हुए सकारात्मक सोच अपनाने पर जोर दिया। कहाकि तनाव पर नियंत्रण ही स्थायी सुख है।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर केंद्र की मुख्य संचालिका बीके अंजना बहन ने भ्राता बीके गिरीश और लखनऊ केंद्र की मुख्य संचालिका बीके सुनीता बहन का परिचय कराया। बीके गिरीश ने कहा कि तनाव व्यक्ति की कार्यक्षमता, मानसिक शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। इसी कारण चिंता और विभिन्न बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपनी बुद्धि और विचारों पर नियंत्रण नहीं रखेगा, तब तक सच्चा और स्थायी सुख प्राप्त करना कठिन है।
उन्होंने कहा कि आत्मा का सच्चा पिता परमात्मा है। जिस प्रकार एक लौकिक पिता अपने बच्चे का ध्यान रखता है और उसका मार्गदर्शन करता है, उसी प्रकार परमात्मा भी हर आत्मा का सच्चा मार्गदर्शक और रक्षक है। जब मनुष्य स्वयं को परमात्मा से जोड़ता है तो उसकी बुद्धि शुद्ध और शक्तिशाली बनती है। इससे तनाव पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
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बीके सुनीता बहन ने कहा कि परमात्मा से मन का संबंध जोड़ने से जीवन के तनाव को दूर करने में सहायता मिलती है। उन्होंने बच्चों के पालन-पोषण पर जोर देते हुए कहा कि बचपन से ही उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में हरियाणा व्यापार मंडल के महामंत्री सुरेश काबरा, बीके रवींद्र नांदल, बीके ऊषा और बीके मोनिका सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के शुभारंभ पर केंद्र की मुख्य संचालिका बीके अंजना बहन ने भ्राता बीके गिरीश और लखनऊ केंद्र की मुख्य संचालिका बीके सुनीता बहन का परिचय कराया। बीके गिरीश ने कहा कि तनाव व्यक्ति की कार्यक्षमता, मानसिक शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। इसी कारण चिंता और विभिन्न बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपनी बुद्धि और विचारों पर नियंत्रण नहीं रखेगा, तब तक सच्चा और स्थायी सुख प्राप्त करना कठिन है।
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उन्होंने कहा कि आत्मा का सच्चा पिता परमात्मा है। जिस प्रकार एक लौकिक पिता अपने बच्चे का ध्यान रखता है और उसका मार्गदर्शन करता है, उसी प्रकार परमात्मा भी हर आत्मा का सच्चा मार्गदर्शक और रक्षक है। जब मनुष्य स्वयं को परमात्मा से जोड़ता है तो उसकी बुद्धि शुद्ध और शक्तिशाली बनती है। इससे तनाव पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
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बीके सुनीता बहन ने कहा कि परमात्मा से मन का संबंध जोड़ने से जीवन के तनाव को दूर करने में सहायता मिलती है। उन्होंने बच्चों के पालन-पोषण पर जोर देते हुए कहा कि बचपन से ही उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में हरियाणा व्यापार मंडल के महामंत्री सुरेश काबरा, बीके रवींद्र नांदल, बीके ऊषा और बीके मोनिका सहित अन्य लोग मौजूद रहे।